भागीरथपुरा पहुंचे राहुल गांधी, दूषित पानी से प्रभावित परिवारों का जाना हाल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी दूषित पानी से हुई मौतों के पीड़ितों से मिलने के लिए आज इंदौर पहुंचे. यहां पर उन्होंने भागीरथपुरा में मृत लोगों के घरवालों से मुलाकात की. उन्होंने बॉम्बे अस्पताल में मरीजों का हाल जाना.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कांग्रेस नेता राहुल गांधी दूषित पानी से हुई मौतों के पीड़ितों से मिलने के लिए आज इंदौर पहुंचे. यहां पर उन्होंने भागीरथपुरा में मृत लोगों के घरवालों से मुलाकात की. उन्होंने बॉम्बे अस्पताल में मरीजों का हाल जाना. इसके साथ ही राहुल गांधी ने इंदौर में 20 पीड़ित परिवारों को एक एक लाख रु के चेक दिए.

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे. इस दौरान वो इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से मृत लोगों के घरवालों से मुलाकात की. वो बॉम्बे हॉस्पिटल भी पहुंचे, यहां उन्होंने लोगों से बातचीत की. राहुल गांधी ने इंदौर में 20 पीड़ित परिवारों को एक एक लाख रु के चेक दिए. दिसंबर महीने में भागीरथपुर में दूषित पानी पीने की वजह से कई लोगों की जान चली गई, जिसको लेकर सियासी सरगर्मियां भी खूब बढ़ीं.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ से 10 मरीजों की हालत बेहद गंभीर है. उन्होंने बताया कि गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचकर निजी क्षेत्र के बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे और उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हाल जानेंगे.

प्रशासन ने नहीं दी अनुमति
जीतू पटवारी ने बताया था कि पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भागीरथपुरा भी पहुंचेंगे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करके उनके प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त करेंगे. उन्होंने कहा था कि हम दूषित पेयजल की समस्या के समाधान पर सकारात्मक चर्चा के लिए गांधी की मौजूदगी में बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों और राज्य भर के नगर निगम पार्षदों का एक सम्मेलन आयोजित करना चाहते थे, लेकिन हमें प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी. इसलिए हम बाद में यह सम्मेलन आयोजित करेंगे.

‘वो हमें गालियां दे रहे हैं’
पटवारी ने दावा किया था कि पूरे प्रदेश में 70 प्रतिशत पानी दूषित होने के कारण पीने योग्य नहीं है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दूषित पेयजल को धीमा जहर करार देते हुए दावा किया कि इससे लोगों की किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है. पटवारी ने संस्कृत की मशहूर कहावत विनाश काले विपरीत बुद्धि का हवाला देते हुए प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा और कहा, ‘इंदौर में दूषित पेयजल से कई लोगों की मौत के बावजूद राज्य के मंत्री भव्य आयोजनों में व्यस्त हैं और वे हमें गालियां देकर कह रहे हैं कि हम इस घटना को लेकर सवाल क्यों उठा रहे हैं?’

गुरुवार को कोर्ट में पेश की रिपोर्ट
शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था. स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप में अब तक 24 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है. मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में गुरुवार को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है.

इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति के किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है.

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