आरएसएस संस्थापक खिलाफत आंदोलन के समर्थन के लिए जेल गए’: ओवैसी

एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में एक जनसभा के दौरान अपने संबोधन में देश की आजादी की लड़ाई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ के संस्थापक केबी हेडगेवार को ब्रिटिश शासन का विरोध करने के लिए नहीं बल्कि खिलाफत आंदोलन का समर्थन करने के लिए जेल की सजा हुई थी।
ओवैसी ने भाजपा पर देश में हिंदुत्ववादी एजेंडा बढ़ाने का आरोप लगाया
महाराष्ट्र निकाय चुनाव के लिए छत्रपति संभाजीनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने दावा किया कि इस क्षेत्र में बांग्लादेशी नहीं हैं और अगर यहां कोई भी बांग्लादेशी मिलता है तो ये नरेंद्र मोदी सरकार की असफलता है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार देश में हिदुत्व का एजेंडा बढ़ाने में लगी है और अपनी असफलताओं से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। संघ पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा, ‘क्या आरएसएस का ऐसा कोई भी नेता है, जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए जेल गया हो? वे कहते हैं कि हेडगेवार जेल गए थे, लेकिन वे खिलाफत आंदोलन का समर्थन करने के लिए जेल गए थे और आज ये लोग मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाते हैं।’
क्या था खिलाफत आंदोलन
खिलाफत आंदोलन (1919 से 1924) मुसलमानों का एक आंदोलन था। यह आंदोलन प्रथम विश्व युद्ध के बाद तुर्किए के खलीफा (इस्लाम के आध्यात्मिक प्रमुख) के पद की बहाली और ओटोमन साम्राज्य के विघटन के विरोध में चलाया गया था। जिसका नेतृत्व अली बंधुओं (मोहम्मद अली और शौकत अली) ने किया, जिसे महात्मा गांधी और कांग्रेस ने भी समर्थन दिया था।
ओवैसी ने इन मुद्दों पर सरकार को घेरा
एआईएमआईएम के अध्यक्ष ने कहा, ‘आरएसएस हमें देशभक्ति का ज्ञान देता है, लेकिन क्या उनमें से किसी ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवाई? इसके बजाय, मुंबई के यूसुफ मेहरअली ने ‘भारत छोड़ो’ और ‘साइमन गो बैक’ के नारे दिए थे। वे इतिहास नहीं पढ़ते और हम पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाते हैं।’
ओवैसी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस, खुफिया विभाग और सीमा नियंत्रण बल होने के बावजूद, वे बांग्लादेश सीमा पर 10 किलोमीटर की बाड़ भी पूरी नहीं कर पाए।
उन्होंने कहा, ‘चीन और आईएसआई बांग्लादेश पहुंच गए हैं, और भाजपा और आरएसएस यहां ‘बांग्लादेश-बांग्लादेश’ कह रहे हैं।’ उन्होंने लोगों से आने वाले नगर निगम चुनावों में लोगों से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की। एसआईआर प्रक्रिया पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा, नागरिकता कानून के अनुसार, नागरिकता पर सवाल उठाने का अधिकार गृह मंत्रालय के पास है लेकिन मोदी सरकार ने ये जिम्मेदारियां चुनाव आयोग को दे दी हैं।

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