लोकतंत्र को बचाने व वोट चोरी को रोकने के लिए दिल्ली आएं : राहुल

नेता प्रतिपक्ष की विपक्ष से अपील, एक ही प्रोटेस्ट लाठियों की चिंता न करें

सब लोग जो नरेंद्र मोदी अमित शाह और सीईसी ज्ञानेश कुमार से तंग हैं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के खिलाफ इंडिया गठबंधन की रैली से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्षी दलों और छात्र संगठनों से बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा कि चलो दिल्ली रामलीला मार्च, लोकतंत्र को बचाने का, वोट चोरी को रोकने का, संविधान को बचाने का मार्च है, यह किसी एक राजनीतिक पार्टी का मार्च नहीं-यह हिंदुस्तान की आत्मा का मार्च है।
राहुल गांधी ने कहा, सब लोग जो नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार से तंग हैं। सब लोग जो लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं, संविधान की रक्षा करना चाहते हैं, आप सब आइए। एक ही प्रोटेस्ट है- देश का प्रोटेस्ट है। राहुल गांधी ने कहा, मैं सभी छात्र समूहों से आग्रह करता हूं, चाहे आपकी राजनीतिक संबंध कुछ भी हो-अगर आपको लगता है कि भारत पर हमला हो रहा है, अगर आपको लगता है कि आप पर हमला हो रहा है, आपकी अभिव्यक्ति, आपके विचारों, आपके सोचने के तरीके पर हमला हो रहा है, तो आएं और हमारे साथ जुड़ें। यह एक शानदार मार्च होगा और यह इस देश की आत्मा के लिए एक मार्च है। आप सभी को वहां देखने के लिए उत्सुक हूं।
इंडिया गठबंधन की दो प्रमुख मांगे हैं। पहला-ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और दूसरा एसआईआर पर रोक लगे। इसी मांग को लेकर रामलीला मैदान में एक नवंबर को इंडिया गठबंधन की रैली है। इससे पहले 30 अक्टूबर को विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जनता का महाभियोग लाने का ऐलान किया है।

पुलिस की चिंता मत करो

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, पुलिस की चिंता मत करो, लाठियों की चिंता मत करो-बीजेपी में उनकी कोई भी हरकत आजमाने की हिम्मत नहीं होगी। आइए हमारे साथ चलें हम संविधान की रक्षा के लिए, भारतीय राष्ट्र की रक्षा के लिए एक साथ चलेंगे. डरने की जरूरत नहीं है।

‘चलो दिल्ली’ मार्च से पहले खरगे के आवास पर इंडिया ब्लॉक का मंथन

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन की ओर से प्रस्तावित ‘जनता का महाभियोग’ कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी नेताओं की बैठक हुई। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेता बैठक में शामिल होने पहुंचे। वहीं, इस दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बडिय़ों को छिपाने का आरोप लगाया। गोगोई ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा कथित अनियमितताओं की सच्चाई सामने आने से रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष दिल्ली आकर जनता के सामने यह मुद्दा उठाना चाहता है कि कथित गड़बडिय़ां कैसे हुईं और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।

30 अक्टूबर को होगा कार्यक्रम

कांग्रेस नेता जयराम रमेश के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन 30 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे नई दिल्ली में खरगे के आवास, 10 राजाजी मार्ग पर ‘जनता का महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने संविधान की भावना का उल्लंघन किया है और चुनावी लोकतंत्र को कमजोर किया है। ये विपक्ष के आरोप हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी विरोध कर रहे हैं। विपक्ष चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की आशंकाओं पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहा है।

अमित शाह का घुसपैठिया नैरेटिव फेल : जयराम रमेश

कांग्रेस नेता बोले- झूठ बोल रहे हैं गृहमंत्री

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की आलोचना करते हुए गृह मंत्री अमित शाह पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छह राज्यों में 10 करोड़ लोगों की जांच के बाद सिर्फ 1600 विदेशी मिले। रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और प्रक्रिया निलंबित करने की मांग की। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआईआर की आलोचना की।
उन्होंने इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगभग 10 करोड़ लोगों के शामिल होने के बावजूद, छह राज्यों में केवल 1,600 विदेशी नागरिकों की पहचान की गई और उन्हें सूची से हटाया गया। एक्स पर एक पोस्ट में, रमेश ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने स्ढ्ढक्र का उद्देश्य घुसपैठियों की पहचान करना, उन्हें सूची से हटाना और वापस उनके देश भेजना (निर्वासित करना) बताया था, ताकि मतदाता सूची को शुद्ध किया जा सके। हालांकि, रमेश ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री ने कहा था कि स्ढ्ढक्र का 3ष्ठ उद्देश्य है। घुसपैठियों की पहचान करना, उन्हें सूची से हटाना और वापस उनके देश भेजना, ताकि मतदाता सूची को शुद्ध किया जा सके। असल म एसआईआर ने क्या हासिल किया है? कर्नाटक, झारखंड, मेघालय, केरल, गोवा और मिजोरम-इन छह राज्यों में अलग-अलग देशों के केवल 1,600 विदेशियों की पहचान की गई और उन्हें सूची से हटाया गया। इन राज्यों में लगभग 10 करोड़ लोग इस एसआई प्रक्रिया से गुजरे और नतीजा यह रहा कि केवल 1,600 विदेशी मिले।
उन्होंने आगे कहा कि बाकी 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का डेटा इसलिए उपलब्ध नहीं था क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग ने इसे इक_ा करने के लिए नहीं कहा था। उन्होंने जोड़ा कि साफ है कि गृह मंत्री झूठ बोल रहे थे। कर्नाटक का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वहां मतदाता सूची से 99.7 लाख नाम हटाए गए, जबकि 716 विदेशी नागरिकों की पहचान हुई, जिनमें से 545 नेपाली नागरिक थे। रमेश ने सीईसी पर संविधान के उल्लंघन और चुनावी लोकतंत्र को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा- ष्टश्वष्ट ने स्पष्ट रूप से संविधान के प्रावधानों और उसकी मूल भावना का उल्लंघन किया है। उन्होंने हमारे चुनावी लोकतंत्र की नींव को ही व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया है। सीधे शब्दों में कहें तो, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से झूठ बोला है। वे उस खतरनाक जोड़ी के इशारे पर काम करने वाले मोहरे रहे हैं, जिनकी बारी अब आगे आएगी।

अपनी सीटें जाने का दुख नहीं कांग्रेस को सीटें नहीं मिली इसी में खुश है मोदी : राउत

शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद बोले- बैलेट पेपर पर हारी अब हमेशा हारेगी बीजेपी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र के नागपुर विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी की जीत पर संजय राउत का बड़ा बयान आया है। शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा। यूबीटी सांसद ने कहा, कल मोदी जी बहुत खुश हो गए थे। उन्हें तो जैसे हर्षवायु हो गया था। अपनी सीटें चली गईं इसका दुख कम और इस बात की खुशी ज्यादा थी कि कांग्रेस को सीटें नहीं मिलीं, लेकिन राजनीति में संयम रखना जरूरी होता है।
संजय राउत ने आगे कहा, महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी और पूरी महायुति को आत्मचिंतन करने की जरूरत है। आप नागपुर, मराठवाड़ा और पुणे की सीटें हार गए हैं। किसी का भी कोई स्थायी गढ़ नहीं होता।संजय राउत ने दावा किया, बैलेट पेपर पर महाराष्ट्र में बीजेपी हार गई। बैलेट पेपर पर जहां नरेंद्र मोदी सांसद हैं, उस काशी में भी बीजेपी हार गई। लखनऊ में भी बीजेपी हार गई। महाराष्ट्र में बैलेट पेपर पर हुए चुनाव में ग्रेजुएट मतदाताओं के सभी क्षेत्रों में बीजेपी हार गई है। इस हार को स्वीकार करना चाहिए। बीजेपी में दुख और शोक का माहौल है। नागपुर हार गए, काशी हार गए, लखनऊ हार गए।। संजय राउत का दावा है कि बीजेपी हमेशा हारेगी। ये लोग फ्रॉड करके जीतते आए हैं। अब बैलेट पेपर पर चुनाव हुआ है, आप देखिए, मराठवाड़ा में बीजेपी हार गई। पूरे पुणे में हार गई। पुणे बीजेपी का गढ़ है। नागपुर में हार गई। इसके बाद संजय राउत ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के अस्तित्व पर भी शंका जताई। उन्होंने कहा, मैंने प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल के बयान देखे हैं। मैंने पहले ही कहा है कि एकनाथ शिंदे या अजित पवार की पार्टी का अपना कोई आधार नहीं है। अमित शाह ने इन पार्टियों को बनाया है। जब तक उन्हें लगता है, तब तक ये पार्टियां रहेंगी। इसके बाद इन पार्टियों को बीजेपी में विलय करना पड़ेगा।

संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी माफी, कहा- सच्चा पछतावा है, भविष्य में भी संयम बरतेंगे

शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी। कोर्ट की तरफ से जारी अवमानना नोटिस के जवाब में राउत ने माफीनामा दाखिल किया है। राउत ने कहा है कि उन्हें अपनी टिप्पणियों पर सच्चा पछतावा है। वह कोर्ट के प्रति सम्मान रखते हैं और भविष्य में न्यायपालिका पर बयान देते समय सावधानी और संयम बरतने का भरोसा देते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 17 नवंबर को संजय राउत को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेताओं से मिलने से चीफ जस्टिस के इनकार करने के बाद राउत ने न्यायपालिका के बारे में आपत्तिजनक शब्द की थी। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने उनके खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है।

अब्दुल्ला और आजम खां को राहत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला के दो पैन कार्ड के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए सजा निलंबित कर दी है। हालांकि, कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी।
दोनों ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत पर रिहा करने की मांग की थी। इस मामले में 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आजम खां द्वारा दाखिल क्रिमिनल रिवीजन याचिका में उनकी दोषसिद्धि और 10 साल की सजा को चुनौती दी गई थी। वहीं, अब्दुल्ला आजम खान को इस मामले में 7 साल की सजा सुनाई गई है। राज्य सरकार ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दोनों को सुनाई गई सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग की है। आजम खान और उनके बेटे की जमानत पर मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के बड़े नेता हैं उनके बाहर आने से निश्चित तौर पर पार्टी मजबूत होगी।

अलीगंज गोलीकांड में उलझी राजधानी पुलिस!

अनुराग के बदलते बयानों ने बढ़ाया सस्पेंस, सीसीटीवी में तलाशा जा रहा फायरिंग का राज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अलीगंज थाना क्षेत्र स्थित केंद्रीय भवन के पास बुधवार रात करीब 10:43 बजे फायरिंग की सूचना से हडक़ंप मच गया। फास्ट फूड की दुकान पर खड़े मडिय़ांव निवासी अनुराग शुक्ला के हाथ में संदिग्ध परिस्थितियों में चोट लग गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसीपी मौके पर पहुंचे। घायल को पहले भाऊराव देवरस अस्पताल ले जाया गया, जहां से ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत सामान्य है।
अलीगंज सहायक पुलिस आयुक्त शशि प्रकाश मिश्रा के मुताबिक, अनुराग केंद्रीय भवन के पास फास्ट फूड की दुकान पर खड़े थे। इसी दौरान उन्हें पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ देर बाद हाथ से खून निकलता देख गोली लगने की आशंका हुई। हालांकि अनुराग यह स्पष्ट नहीं कर सके कि उन्हें किसने और कैसे घायल किया।
घटना में सबसे दिलचस्प पहलू घायल अनुराग शुक्ला के कथित तौर पर बदलते बयान हैं। इससे पुलिस के सामने घटना की वास्तविक वजह पता लगाने की चुनौती खड़ी हो गई है। पुलिस उपायुक्त अमित कुमार आनंद के मुताबिक, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ जारी है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर बुधवार रात केंद्रीय भवन के पास हुआ क्या था? क्या वास्तव में गोली चली थी या चोट लगने की वजह कुछ और है? अनुराग के बदलते बयानों और घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों के बीच उलझी इस घटना का राज पुलिस कब तक खोल पाती है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि और घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट होना बाकी है।

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