स्नान विवाद के बाद शंकराचार्य का सरकार पर हमला, लखनऊ से आंदोलन का ऐलान

मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में स्नान विवाद के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने गौमांस निर्यात रोकने और 40 दिन में गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की नई शर्त रखी है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में स्नान विवाद के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने गौमांस निर्यात रोकने और 40 दिन में गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की नई शर्त रखी है. शंकराचार्य ने कहा कि अब वे दिल्ली की बजाय लखनऊ से संत समाज के साथ आंदोलन चलाएंगे.

मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान को लेकर विवाद के बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा और उन्होंने नई शर्त रखी है. उन्होंने कहा कि गौमांस के निर्यात को बंद करें और 40 दिन में गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करें. उन्होंने कहा कि दिल्ली की जगह अब मैं लखनऊ में बैठूंगा.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ कहा कि माघ का मुद्दा अब पीछे छूट गया है. मैनें मंत्री जी को सब बता दिया है. माफी किस बात की. 11 दिन हम वहां क्यों बैठे थे? 11 दिन मौका तो दिया. मौका माफी का अब समाप्त हो गया. अधिकारी हमसे क्षमा याचना नहीं कर रहे थे. हमको लोभ दे रहे थे. उन्होंने कहा कि 10-11 मार्च को संत समाज के साथ लखनऊ जाएंगे. 11 मार्च को संतों के साथ वहीं निर्णय लेंगे. उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से मांग की कि गोमांस के निर्यात को बंद करें.

मुझसे सबूत मांगा दे दिया, अब आप दें सबूत
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनसे शंकराचार्य होने का सबूत मांगा गया था और 24 घंटे के अंदर बताने के लिए कहा गया था और फिर कहा गया था कि क्यों न मेले में उन्हें प्रवेश से ही वंचित कर दिया जाए? उन्होंने उसका जवाब दे दिया था और अभी तक उनके जवाब को नहीं काटा गया है. इसका मतलब साफ है कि उनका जवाब सही था.

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि अब आपने मुझसे प्रमाण मांग लिया, लेकिन अब आपको भी प्रमाण देना होगा. आपको भी हिंदू होने का प्रमाण देना होगा. उन्होंने हमला बोलते हुए कहा कि हिंदुत्व केवल भाषण से नहीं होगा. उन्होंने सवाल किया कि गौ सेवा के लिए आपने क्या किया है? यह हिंदुत्व का पहला पायदान है. हिंदू होने की पहली शर्त यह है गौ माता का रक्षक होना. उन्होंने साफ कहा कि 40 दिन का समय दे रहे हैं कि खुद को हिंदू एवं गौ भक्त हिंदू होने का प्रमाण दें.

40 दिनों में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करें
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वारानंद ने तंज करते हुए कहा कि गौ माता का मांस बेचकर डॉलर से राम राज बनाएंगे. गौ माता के मांस को भैंस का मांस बताया जा रहा है और बचाव किया जा रहा है. 40 दिनों में आप गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करें यदि यह नहीं कर पाएं तो आपको छद्म हिंदू करार दिया जाएगा.

प्रयागराज में फिर से स्नान के सवाल पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वारानंद ने कहा अब वे सभी बातें पीछे छूट गई हैं. अब बात असली हिंदू और नकली हिंदू की है. अधिकारियों की ओर से यह बात आई थी लेकिन वह आगे आए नहीं. वे हमें बहुत बातें कहना चाह रहे थे. उन्होंने कहा कि लेकिन उन्होंने स्वीकार नहीं किया.

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