सीतापुर में डीएम का अचानक छापा! खाद केंद्रों पर पहुंचकर खुद जांची हकीकत

सीतापुर के जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने महोली क्षेत्र के उर्वरक केंद्रों का औचक निरीक्षण कर यूरिया, डीएपी और एनपीके स्टॉक का सत्यापन किया। किसानों से सीधे बातचीत कर खाद वितरण व्यवस्था की जानकारी ली और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

4पीएम न्यूज नेटवर्क:  खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर और निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता बन गया है। इसी कड़ी में सीतापुर के जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने महोली क्षेत्र के उर्वरक केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न सिर्फ उर्वरक स्टॉक का सत्यापन किया, बल्कि किसानों से सीधे संवाद कर खाद वितरण की स्थिति की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी की इस कार्रवाई को खाद की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और अनियमित वितरण पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कृषक सेवा केंद्र पर स्टॉक का किया सत्यापन

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सबसे पहले महोली क्षेत्र के रिछाही स्थित कृषक सेवा केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने यूरिया और एनपीके उर्वरकों के उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया। साथ ही पॉश मशीन में दर्ज आंकड़ों और केंद्र पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का मिलान भी किया गया। जांच के दौरान सभी अभिलेख और स्टॉक निर्धारित रिकॉर्ड के अनुरूप पाए गए, जिससे प्रशासन ने संतोष जताया।

किसान से फोन पर बात कर ली जमीनी हकीकत की जानकारी

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसान सतीश से फोन पर संपर्क कर खाद वितरण व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की। किसान ने बताया कि उसे निर्धारित सरकारी दर पर यूरिया उपलब्ध कराया गया और किसी प्रकार की अनिवार्य टैगिंग या अतिरिक्त उत्पाद खरीदने का दबाव नहीं बनाया गया। किसान के इस फीडबैक को प्रशासन ने सकारात्मक संकेत माना।

एग्रीजंक्शन वन स्टॉप शॉप का भी किया निरीक्षण

इसके बाद जिलाधिकारी ने चमारबाग स्थित एग्रीजंक्शन वन स्टॉप शॉप का निरीक्षण किया। यहां डीएपी, यूरिया और एनपीके उर्वरकों के स्टॉक का रिकॉर्ड से मिलान कराया गया। जांच के दौरान यहां भी उपलब्ध उर्वरक स्टॉक अभिलेखों के अनुरूप पाया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्टॉक और बिक्री से जुड़ी सभी जानकारी नियमित रूप से अपडेट की जाए।

किसान आईडी के आधार पर खाद वितरण के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को उर्वरक वितरण केवल किसान आईडी के आधार पर किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और वास्तविक किसानों को ही सरकारी सुविधा का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि खाद वितरण प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप संचालित हो।

दर, अनुदान और स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक करने के निर्देश

डीएम ने सभी उर्वरक केंद्र संचालकों को निर्देशित किया कि खाद की निर्धारित दर, सरकारी अनुदान और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी बोर्ड पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। इसके अलावा किसानों को हर खरीद पर कैश रसीद उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए, ताकि किसी प्रकार की शिकायत या भ्रम की स्थिति न बने।

खरीफ सीजन में प्रशासन की बढ़ी निगरानी

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ फसलों की बुवाई के समय उर्वरकों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन की सक्रिय निगरानी किसानों को राहत देने के साथ-साथ कालाबाजारी और जमाखोरी पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर सकती है। महोली क्षेत्र में जिलाधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण से यह स्पष्ट संकेत गया है कि खाद वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसानों के हितों की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

रिपोर्ट – वली चौधरी, सीतापुर

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