बांदा कलेक्ट्रेट में ग्राम प्रधानों का जोरदार प्रदर्शन, पंचायत चुनाव और लंबित भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
बांदा कलेक्ट्रेट में ग्राम प्रधानों ने लंबित भुगतान, मनरेगा मजदूरी और पंचायत चुनाव को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रधानों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर समय पर चुनाव और बकाया भुगतान की मांग की, वरना आंदोलन की चेतावनी दी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बांदा में मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल का केंद्र बन गया जब अखिल भारतीय प्रधान संगठन के बैनर तले जिलेभर के ग्राम प्रधानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। जिला अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह गौतम के नेतृत्व में पहुंचे प्रधानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बांदा के माध्यम से सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान मौजूद रहे और पंचायत व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग
प्रधान संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय त्रिपाठी (प्रयागराज) ने कहा कि पंचायत चुनाव तय समय पर कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए समयबद्ध चुनाव बेहद जरूरी हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि किसी कारणवश समय पर चुनाव संभव नहीं हो पाते हैं, तो मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक या कार्यवाहक प्रधान के रूप में जिम्मेदारी दी जाए, ताकि ग्राम स्तर पर विकास कार्य प्रभावित न हों।
विकास कार्यों और मजदूरी भुगतान को लेकर नाराजगी
ज्ञापन में ग्राम पंचायतों में पूरे हो चुके विकास कार्यों के लंबित भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रधानों ने कहा कि कई जगहों पर काम पूरा होने के बावजूद भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है, जिससे स्थानीय विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत पिछले दो वित्तीय वर्षों से लंबित मजदूरी भुगतान का मुद्दा भी सामने रखा गया। प्रधानों का कहना है कि मजदूरों को समय पर भुगतान न मिलने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान ग्राम प्रधानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन को प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। प्रधानों का कहना है कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं और यदि उनकी वित्तीय और प्रशासनिक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर गांवों के विकास पर पड़ेगा।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
फिलहाल ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय तक भेज दिया गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है। प्रशासनिक स्तर पर इसे ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा माना जा रहा है।
रिपोर्ट -इक़बाल खान
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