सीएम की लापरवाही लोगों की जान ले रही

- डीएमके प्रमुख स्टालिन ने तमिलनाडु की कानून-व्यवस्था और नशा तस्करी पर टीवीके सरकार को घेरा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने सोमवार को तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर निगरानी रखने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बदले की भावना से की जा रही हत्याओं और मादक पदार्थों की बेरोकटोक तस्करी से साबित होता है कि ‘‘मुख्यमंत्री की लापरवाही लोगों की जान ले रही है।’’ पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए सरकार की ‘पूरी तरह से लापरवाही’ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु तेजी से सिंथेटिक मादक पदार्थों के निर्माण का केंद्र बनता जा रहा है, जबकि पुलिस विभाग पूरी तरह निष्क्रिय है।
स्टालिन ने कहा कि डिंडीगुल जिले में जमानत रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के तुरंत बाद एक व्यक्ति की उसकी पत्नी के सामने हत्या कर दी गई। इसके कुछ दिन बाद शिवगंगा में भी ऐसी ही घटना हुई, जहां हत्या के एक मामले में जमानत पर बाहर आए आपराधिक इतिहास वाले मदन की दिनदहाड़े पीछा कर धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि पुलिस की उदासीनता के कारण यह हत्या हुई। स्टालिन ने पेरुंदुरई के पास एक नर्स के अपहरण, यौन उत्पीडऩ और उसकी हत्या की घटना का भी उल्लेख किया। उसका शव पांच दिन बाद बरामद हुआ था। द्रमुक नेता ने आरोप लगाया कि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के पदाधिकारी राजनीतिक संरक्षण मिलने की धारणा के चलते मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क चला रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वेदारण्यम में गांजा तस्करी के आरोप में टीवीके के एक संघ सचिव की गिरफ्तारी के बाद उसी जिले में पार्टी के एक अन्य पदाधिकारी ‘मेथ’ भूपालन को भी गिरफ्तार किया गया। उस पर तमिलनाडु को मेथामफेटामाइन के वैश्विक विनिर्माण केंद्र में बदलने की कोशिश का आरोप है। स्टालिन ने मुख्यमंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि मादक पदार्थों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विजय को पहले अपनी पार्टी के सदस्यों पर लगाम लगानी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री ने गृह विभाग का जिम्मा केवल नाम के लिए संभाल रखा है। विजय के हाल में शुरू किए गए नशा-विरोधी अभियान का जिक्र करते हुए स्टालिन ने कहा कि मुख्यमंत्री को आराम छोडक़र अपने विभाग पर नियंत्रण करना चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए। विजय ने अभियान के दौरान ‘खेल अपनाओ, नशा छोड़ो’’ का नारा दिया था।



