सिंडिकेट का खेल : अड़चनों का अंबार, पॉश कॉलोनी के मकानों में दाखिल -खारिज पर फंसा पेंच

शहर में एक व्यापारी ने बसाई थी कॉलोनी

  • डीएम बोले- बिन्दुवार जांच होगी
  • गाटों के चक्कर में चकरघिन्नी बने खरीदार

वली चौधरी/4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
सीतापुर। शहर में एक व्यापारी द्वारा बसाई गई पॉश कॉलोनी में बड़ी संख्या में मकानों के दाखिल खारिज में पेंच फंस गया है, ऐसे में जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट सहित तीन सदस्यीय टीम से जांच कराए जाने की बात कही है। दरअसल, शहर में कॉलोनी बसाने वाले ने बिक्री के समय से ही खेल कर दिया। अलग- अलग गॉटो में दर्ज किसानों को शामिल करते हुए उन्हीं से ही खरीदारों को रजिस्ट्री करा दी, ऐसा इसलिए ताकि खेल में वो और उनका सिंडीकेट न फंस सके।
रजिस्ट्री में कई गाटों का उल्लेख किया। ऐसे में जब जमीन खरीदने वाले दाखिल खारिज कराने के लिए नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें अड़चनों का सामना करना पड़ा। मामले में जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. का कहना है कि खरीदारों द्वारा लगाए गए आरोपों की बिन्दुवार जांच के लिए नगर मजिस्ट्रेट सहित त्रिस्तरीय अधिकारियों को लगाया गया है, छह दिनों के भीतर स्थितियां स्पष्ट हो जाएंगी।

बिजली के पोल और मरघट को लेकर हो चुका है बवाल : वरिष्ठ अधिवक्ता पूनम मिश्रा

समाजसेवी व जिले की वरिष्ठ अधिवक्ता पूनम मिश्रा बताती हैं कि कॉलोनी बसाने वाले लोगों ने रातो-रात हाईटेंशन लाइन को खिसकाने के उद्देश्य से पोल के इर्द गिर्द खोदाई करानी शुरू कर दी, इतना ही नहीं मढिय़ा गांव के मरघट की भूमि पर भी कब्जे का प्रयास हुआ, ऐसे समय में वरिष्ठ अधिवक्ता के हस्तक्षेप के बाद ही आमजन को राहत मिल सकी।

सिंडीकेट ने बताया नाला वो निकली नदी

पिरई नदी और सरायन नदी का संगम भी इसी शहर में होता है। बताते हैं कि जमीन खरीदने वालों को बताया गया था कि पिरई ही नहीं सरायन भी एक नाला है, जो शहर से होकर गुजरा है। डीएम द्वारा कराई जा रही जांच में इस बिन्दु को मुख्य रूप में शामिल किया गया है।

2021 की महायोजना में जी श्रेणी का उल्लेख

वर्ष 2011 में 2021 महायोजना बनकर तैयार हुई, जिसमें जी श्रेणी की 70 बीघा भूमि शामिल थी। इस श्रेणी में इस भूमि पर सरकारी अथवा अर्ध-सरकारी कार्यालय के अलावा कार्यालय ही स्थापित किये जा सकते हैं। इसके बावजूद नियमों को दरकिनार कर यहां कंक्रीट की इमारतें तैयार की गई। बताते हैं कि 2031 की महायोजना में यही स्थिति यथावत है।

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