चुनाव आयोग विवाद पर जारी है बवाल

- संबंधित फाइलों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए : चिदंबरम
- कांग्रेस बोली- बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं ज्ञानेश कुमार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। चुनाव आयोग विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस का सीईसी के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन के बाद पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि संबंधित फाइलों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। चिदंबरम ने कहा हमारा आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। वह बीजेपी का प्रतिनिधित्व करते हैं। अगर चुनाव आयोग ने यह बयान जारी किया है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे, तो फाइलों को सार्वजनिक किया जाए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पूरी तरह से असंवैधानिक और अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर फैसले लिए हैं और कहा कि उन्हें अपने पद से हट जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा जोशी ने कहा है कि एक साल से ज़्यादा समय से, मीटिंग से पहले कोई एजेंडा और मीटिंग के बाद कोई मिनट्स (कार्यवृत्त) सर्कुलेट नहीं किए गए। मुझे लगता है कि चुनाव आयोग ने माना है कि 2018 से—यानी भाजा के सत्ता में आने के बाद से—कोई एजेंडा सर्कुलेट नहीं किया जाता, कोई मिनट्स सर्कुलेट नहीं किए जाते। कई सदस्यों वाली संस्था बिना एजेंडा, बिना मिनट्स के कैसे काम कर सकती है? श्री जोशी और श्री संधू ने कैबिनेट सेक्रेटरी को पत्र लिखे हैं—एक ही दिन अलग-अलग पत्र। उन पत्रों को सार्वजनिक किया जाए। या तो चुनाव आयोग उन पत्रों को सार्वजनिक करे, या कैबिनेट सेक्रेटरी को उन पत्रों को सार्वजनिक करना चाहिए। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री चिदंबरम ने इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग के बयान का भी जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने कुछ अहम फैसलों पर अपनी असहमति जताई थी, उन्होंने कहा कि संबंधित फाइलों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। चिदंबरम ने कहा हमारा आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। वह बीजेपी का प्रतिनिधित्व करते हैं। अगर चुनाव आयोग ने यह बयान जारी किया है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे, तो फाइलों को सार्वजनिक किया जाए। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में मतदाता सूची और डेटाबेस एक्सेस से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। चिदंबरम ने कहा, श्री संधू और श्री जोशी ने कहा है कि ईसीआई आधिकारिक कम्युनिकेशन ईसीआई की मंज़ूरी के बिना जारी किए गए हैं। अगर ईसीआई की मंज़ूरी ली गई थी, तो फ़ाइल दिखाएं।
मैच फिक्सिंग वाले चुनाव से कैसे बनेगा देश का भविष्य : जीतू पटवारी
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी गुरुवार रात परिवार सहित सीहोर के प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर पहुंचे।पटवारी ने राहुल गांधी द्वारा चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने देश के सामने सच्चाई रखने का काम किया है। अब देश की जनता को तय करना है कि कथित ‘मैच फिक्सिंग’ वाले चुनावों से देश का भविष्य बनेगा या लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही कायम रखने वाली राजनीति से। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सवाल केवल किसी एक चुनाव का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान में जनता के भरोसे का है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चुनावी प्रक्रिया को लेकर संदेह पैदा होते हैं तो क्या देश का लोकतंत्र मजबूत रह पाएगा। पटवारी ने कहा कि इन सवालों का जवाब सत्ता और निर्वाचन व्यवस्था को देना चाहिए। वहीं आंबेडकर की तस्वीर हटाए जाने के सवाल पर पटवारी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे महापुरुषों के सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा। पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति में नफरत और विभाजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर सडक़ से लेकर संस्थागत स्तर तक संघर्ष करेगी। उन्होंने दावा किया कि जनता चुनावी प्रक्रिया से जुड़े पूरे घटनाक्रम को देख रही है और लोकतंत्र से जुड़े सवालों का जवाब समय आने पर देगी। उनके बयान के बाद सीहोर की राजनीति में चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। पटवारी के साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम यादव, विवेक राठौर सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।



