मिर्जापुर: पेड़ के नीचे खाना बना रहे थे श्रद्धालु, तभी हुआ ऐसा हमला कि मच गई चीख-पुकार
मिर्जापुर के विंध्याचल में पेड़ के नीचे खाना बना रहे श्रद्धालुओं पर अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। घटना में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चा समेत 8 लोग घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज सीएचसी में चल रहा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः मिर्जापुर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल विंध्याचल में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पेड़ के नीचे भोजन बना रहे श्रद्धालुओं पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि मौके पर मौजूद लोग संभल भी नहीं पाए और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मधुमक्खियों के हमले में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे समेत कई श्रद्धालु घायल हो गए। स्थानीय लोगों और आसपास मौजूद अन्य श्रद्धालुओं की मदद से घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
रायबरेली से दर्शन करने पहुंचे थे श्रद्धालु
जानकारी के मुताबिक, रायबरेली जिले के पूरे राजा गांव, थाना नसीराबाद से दर्जनों श्रद्धालु विंध्याचल में दर्शन-पूजन के लिए आए थे। पूजा के बाद सभी लोग अटल चौराहे के पास एक पीपल के पेड़ के नीचे खाना बना रहे थे। बताया जा रहा है कि खाना बनाते समय चूल्हे का धुआं पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के छत्ते तक पहुंच गया। धुएं से भड़की मधुमक्खियां अचानक झुंड बनाकर लोगों पर टूट पड़ीं। इससे मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चा भी घायल
मधुमक्खियों के हमले में कई श्रद्धालु घायल हुए हैं। घायलों में आशा यादव (35), बृजेश यादव (26), राम प्यारे यादव (62), जगपाला देवी (72), संजू (26), सुनील यादव (25), सुनीता (24) और शिवांग (10) शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग दर्द और घबराहट के कारण मौके पर ही अचेत जैसे हो गए थे। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
अस्पताल में चल रहा इलाज
सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोरंजन राय ने बताया कि मधुमक्खियों के हमले में घायल हुए कुल 8 श्रद्धालुओं का इलाज किया जा रहा है। फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, कई लोगों को शरीर पर कई जगह डंक लगे हैं, जिसके कारण सूजन और तेज दर्द की शिकायत थी। प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों की निगरानी की जा रही है।
धार्मिक स्थलों पर सावधानी की जरूरत
विंध्याचल जैसे बड़े धार्मिक स्थलों पर हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में खुले स्थानों, पेड़ों और प्राकृतिक क्षेत्रों में भोजन बनाने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में मधुमक्खियां ज्यादा संवेदनशील हो जाती हैं और धुआं या तेज हलचल उन्हें आक्रामक बना सकती है। प्रशासन से भी ऐसे स्थानों पर सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने की मांग उठने लगी है।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी
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