फिल्मी अंदाज में कही बात पड़ी भारी, कोर्ट ने SP को किया तलब
कोर्ट ने कहा कि एफआईआर में फिल्मों का डायलॉग इस्तेमाल किया गया है. इसके अलावा समय का जिक्र भी डायलॉग के मुताबिक मैच नहीं कर रहा है. कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए क्या निर्देश दिए?

4पीएम न्यूज नेटवर्क: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एफआईआर में पुलिस की तरफ से एक तरह के पैटर्न को लेकर फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि एफआईआर में फिल्मों का डायलॉग इस्तेमाल किया गया है. इसके अलावा समय का जिक्र भी डायलॉग के मुताबिक मैच नहीं कर रहा है. कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए क्या निर्देश दिए?
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने क्राइम की घटनाओं में दर्ज FIR में पुलिस के बार-बार एक ही पैटर्न इस्तेमाल करने पर कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने कहा कि इस तरह की FIR को बेतुका हैं और जाहिर है कि ये जमीनी स्थिति को उजागर नहीं कर रही हैं. कोर्ट ने बहराइच जिले में दर्ज एक FIR का जिक्र किया, इसमें पुलिस एनकाउंटर के बाद गोहत्या में शामिल लोगों की गिरफ्तारी हुई थी.
एफआईआर में हिंदी फिल्मों में इस्तेमाल होने वाले डायलॉग जैसे तुम लोग पुलिस से घिरे हो का जिक्र है. FIR में एनकाउंटर के दौरान हुई बातचीत का भी जिक्र किया गया है. इसमें आरोपी कहता है उजाला होने वाला है’ जबकि FIR में एनकाउंटर का समय सुबह 10:45 बजे लिखा है.
कोर्ट ने कहा कि हालांकि, हम यह भी नोट कर रहे हैं कि FIR में फिल्मों का एक पॉपुलर डायलॉग इस्तेमाल किया गया है. ये डायलॉग तुम लोग पुलिस से घिर चुके हो आरोपी लोग चिल्ला रहे हैं है गोली लग गई.
दो हफ्ते में दाखिल करें पर्सनल हलफनामा
बेंच ने बहराइच के पुलिस सुपरिटेंडेंट को दो हफ्ते में पर्सनल हलफनामा दाखिल करने या ऐसा न करने पर कोर्ट के सामने पेश होने का निर्देश दिया है. कोर्ट बहराइच मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों में से एक, अकबर अली की राहत की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी.
यह FIR 22 जनवरी को BNS सेक्शन 325 (जानवर को मारकर या अपंग करके शरारत करना), 109(1) (पुलिस टीम पर गोली चलाने के लिए हत्या की कोशिश) और UP काउ स्लॉटर प्रिवेंशन एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत जरवल रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी. अपने ऑर्डर में कोर्ट ने कहा कि FIR दर्ज होने का समय दोपहर 2.24 pm बताया गया है और जिस समय पुलिस टीम ने आरोपियों का सामना किया और फायरिंग शुरू हुई, वह उसी दिन सुबह 10.45 am बताया गया है.
एफआईआर में क्या लिखा हुआ?
कोर्ट ने जानकारी दी कि FIR के मुताबिक, टीम को एक मुखबिर ने गोहत्या के बारे में बताया था और इसमें शामिल लोग मीट को ठिकाने लगाने की तैयारी में थे. कोर्ट ने देखा कि FIR के अनुसार, जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो उन्होंने कुछ आवाजें सुनीं कि उजाला होने वाला है. कोर्ट ने FIR का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस पार्टी चिल्लाई कि तुम पुलिस से घिर चुके हो और सरेंडर कर दो.
कोर्ट ने फिर कहा कि FIR में आगे बताया गया है कि पुलिस की चेतावनी के जवाब में, आरोपी ने कहा कि ये पुलिस वाले हैं, इनको गोली मारो, बचकर नहीं जाना चाहिए. बेंच ने कहा कि पुलिस ने FIR में बताया है कि उन्होंने आरोपी पर गोली चलाई और उनमें से एक चिल्लाया है कि गोली लग गई. उन्होंने FIR में कहा कि इसके बाद पुलिस टीम ने तीन लोगों को पकड़ लिया, जबकि चौथा शख्स भाग गया.
कोर्ट ने कहा कि FIR में लगाए गए आरोप मनगढ़ंत हैं और ये असल में नामुमकिन हैं. इन बातों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने बहराइच जिले के पुलिस सुपरिटेंडेंट से कहा कि वे FIR को सिर्फ देखने से सामने आई इन गड़बड़ियों का जवाब देते हुए अपना पर्सनल एफिडेविट फाइल करें.



