रात में मंदिर पर कौन फेंकता था पत्थर? अब पुजारी की हत्या से उठे सवाल
एटा के लालपुर गांव में पुजारी भोजराज की हत्या के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. पुलिस मृतक के परिवार और ग्रामीणों से जानकारी जुटा रही है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: एटा के लालपुर गांव में पुजारी भोजराज की हत्या के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. पुलिस मृतक के परिवार और ग्रामीणों से जानकारी जुटा रही है.
उत्तर प्रदेश के एटा में मंदिर के अंदर 70 साल के पुजारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई. निधौली कलां थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में गुरुवार सुबह पुजारी भोजराज का शव मंदिर के अंदर चारपाई पर मिला. स्थानीय लोगों के मुताबिक, उनके पैर बंधे हुए थे और सिर पर गंभीर चोट के निशान थे. चारपाई के पास ईंटें पड़ी थीं. आशंका है कि ईंटों से सिर पर वार कर उनकी हत्या की गई.
भोजराज करीब 20 वर्षों से लालपुर गांव के मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करते थे. बुधवार शाम करीब सात बजे उनके भतीजे प्रेमपाल ने उन्हें खाना खिलाया था. उस समय वह पूरी तरह ठीक थे. इसके बाद भोजराज मंदिर में ही रुक गए. गुरुवार सुबह मंदिर के अंदर उनका शव मिलने के बाद परिवार और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया.
ग्रामीणों के अनुसार, भोजराज के पैर चारपाई से बंधे हुए थे. उनके सिर पर गंभीर चोटें थीं और पास में ईंटें पड़ी मिलीं. इससे आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने ईंटों से उनके सिर पर वार किया. मौके से एक चाबी मिलने की बात भी सामने आई है. ग्रामीणों के मुताबिक, भोजराज की जेब से रुपये-पैसे नहीं मिले.
मंदिर से 250 मीटर दूर घायल मिला युवक
पुजारी का शव मिलने के कुछ ही देर बाद मंदिर से करीब 250 मीटर दूर गांव का 22 वर्षीय युवक ब्रजेश कुमार घायल अवस्था में मिला. उसके सिर में चोटें थीं. ग्रामीणों ने उसे मेडिकल कॉलेज एटा पहुंचाया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे आगरा रेफर कर दिया. ब्रजेश बांकेलाल का बेटा है और अविवाहित बताया जा रहा है. उसके सिर में चोट कैसे लगी, पुलिस इसकी जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि ब्रजेश की घटना और भोजराज की हत्या के बीच कोई संबंध है या नहीं.
पुजारी ने पहले जताई थी हत्या की आशंका
ग्रामीण रमेश चंद्र के मुताबिक, भोजराज ने कुछ समय पहले अपने नाती और भतीजे से कहा था कि मंदिर पर अक्सर कोई पथराव करता है. उन्होंने यह आशंका भी जताई थी कि कोई उनकी हत्या कर सकता है. हालांकि परिवार ने उस समय उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया था. अब पुजारी की हत्या के बाद पुलिस मंदिर पर पहले हुए पथराव और उससे जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पुराने विवाद का इस वारदात से कोई संबंध है.
फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड ने जुटाए सुराग
घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. फॉरेंसिक टीम ने मंदिर और आसपास के इलाके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए. डॉग स्क्वायड की मदद से भी संभावित सुराग तलाशे गए.
क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि भोजराज लंबे समय से मंदिर में रह रहे थे और उनकी हत्या की गई है. घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस पुजारी की हत्या और मंदिर से कुछ दूरी पर घायल मिले ब्रजेश की घटना की कड़ियां जोड़ रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, ब्रजेश के बयान और फॉरेंसिक जांच से वारदात की परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है.



