अल्बानिया का वीडियो पोस्ट कर संजय राउत ने दी बड़ी चेतावनी, भाजपाइयों को लगी मिर्ची
देश में लगातार बढ़ रहे हिंसक प्रदर्शनों का यह पांचवां दिन था. आगजनी में फर्नीचर जल गया और अदालत की फाइलें बिखरी मिलीं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: देश की सियासत में एक बयान फिर से सियासी सुर्खियां बटोर रहा है। इस बयान को लेकर पक्ष विपक्ष आमने-सामने है। अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले शिवसेना UBT संजय राउत ने एक ऐसा बयान दिया है जिससे बवाल मचा हुआ है।
दरअसल उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर ऐसी बात कही है, जिससे कई सवाल उठने लगे हैं. दरअसल, यूरोप के कई दिशों में इन दिनों हिंसक विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं. उनमें अल्बानिया भी एक है.
सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो में देखा जा सकता है कि हिंसक प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट को ही आग के हवाले कर दिया. पूरे मामले की बात की जाए तो अल्बानिया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान बीते शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के एक हिस्से में आग लगा दी. देश में लगातार बढ़ रहे हिंसक प्रदर्शनों का यह पांचवां दिन था. आगजनी में फर्नीचर जल गया और अदालत की फाइलें बिखरी मिलीं.
इमारत के बाहर खड़ी एक कार भी आग की चपेट में आ गई. अल्बानियाई मीडिया के अनुसार, शनिवार शाम कई इमारतों को निशाना बनाया गया. इनमें सुप्रीम कोर्ट, सेंट्रल बैंक ऑफ अल्बानिया का प्रवेश द्वार और डाकघर शामिल हैं.
एक अधिकारी के पैर में आग लगने की भी खबर है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है. प्रधानमंत्री ईदी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर तिराना में लगातार छठे दिन सैकड़ों प्रदर्शनकारी जुटे. वहीं इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फ़ैल गया। इस मामले को लेकर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
इसी कड़ी में संजय राउत ने उसी वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि दुनिया के तमाम देश खासकर भारत को इससे सबक सीखने की जरूरत है. मालूम हो कि देश की राजधानी दिल्ली में भी पिछले कुछ महीनों से विरोध-प्रदर्शन चल रहा है.
विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च भी निकाला. अब सवाल उठता है कि संजय राउत क्या चाहते हैं? क्या उनके मन के अनुसार देश चले और नहीं चलेगा तो वही करेंगे जो अल्बानिया में किया गया? संजय राउत ने अल्बानिया में हो रहे हिंसक विरोध-प्रदर्शन के जरिये निशाना साधा है.
संजय राउत ने X पर पोस्ट शेयर कर कहा, ‘अल्बानिया के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट को आग के हवाले कर दिया है. लोग इस बात से नाराज थे कि सुप्रीम कोर्ट भ्रष्ट प्रधानमंत्री की मदद कर रहा था. विरोध प्रदर्शन कर रही जनता ने संसद और सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ मंत्रियों के घरों पर भी हमला किया है. सभी देशों को इन घटनाओं से सबक सीखना चाहिए…खासकर भारत को.’
वहीं संजय राउत के बयान से सियासी हलचल बढ़ गई है। राउत के बयान के सामने आने के बाद भाजपाइयों को उन्हें घेरने का मौका मिल गया है। और इस बयान पर वो राउत को घेर रहे हैं।
इसी कड़ी में राउत के इस बयान पर बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने उनकी आलोचना की है.उन्होंने एक्स पर किए एक पोस्ट में कहा है कि संजय राउत अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट जला दिया उसका स्वागत करते हैं, समर्थन करते हैं, उन्हें अराजकता चाहिए.
सोमैया ने लिखा है, पहले राष्ट्रपति जी, फिर चुनाव आयोग, फिर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, इन सबका अपमान किया, गालियां दीं और वो अब चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट जला दिया जाए? बीजेपी नेता ने लिखा है कि हिंदुस्तान की जनता अराजकता सहन नहीं करेगी, संजय राउत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमान याचिका चल रही है, वहां उसको जवाब मिलेगा.
जिसके बाद संजय राउत का एक और बयान सामने आया जिसमें उन्होंने साफ़ किया कि उनका बयान किस तरह का था।
वहीं जहां एक तरफ बीजेपी नेता संजय राउत को घेर रहे हैं तो दूसरी तरफ विपक्षी नेता समर्थन कर रहे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “पूरी दुनिया में जहां-जहां भी अन्याय होगा, अत्याचार होगा, अनाचार होगा, कदाचार होगा, वहां की जनता अपने-अपने एस्टैब्लिशमेंट के खिलाफ खड़ी होती है।
कांग्रेस नेता उदित राज ने भी शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के ‘X’ पोस्ट पर कहा, “… संजय राउत बिल्कुल सही कहते हैं… भारत की तो डेमोक्रेसी अब कहने के लिए हो गई कि लार्जेस्ट डेमोक्रेसी है, अब कोई डेमोक्रेसी बची नहीं है ख़ास…
हालांकि सत्ताधारी दल के नताओं की इस बयान को लेकर खलबली सी मची हुई है। शिवसेना नेता आनंद दुबे ने शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत पर कहा, “हमारे देश में कसाई के मनाने से गाय माता नहीं मरा करतीं। उसी प्रकार अगर कोई हमारे देश को अल्बानिया की तरह जलाना चाहने की कामना कर रहा है, तो आज विजयादशमी है, आज वह बिल्कुल स्वीकृत नहीं होगी।
दरअसल, भारत में भी पिछले कुछ समय से विरोध-प्रदर्शन चल रहा है. पहले नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ और उसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया. कांग्रेस की अगुआई में विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था. अब अल्बानिया के बहाने संजय राउत ने निशाना साधा है।



