उन्नाव में रिश्तों का कत्ल, पत्नी ने पड़ोसी के साथ मिलकर पति को उतारा मौत के घाट
पुलिस के मुताबिक, देर रात हेल्थ हॉस्पिटल के सामने सड़क किनारे एक बड़ा संदिग्ध बक्सा पड़ा होने की सूचना मिली थी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में हाईवे किनारे लोहे के बक्से में युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। मामला उन्नाव-रायबरेली लालगंज हाईवे का है। पुलिस के मुताबिक, देर रात हेल्थ हॉस्पिटल के सामने सड़क किनारे एक बड़ा संदिग्ध बक्सा पड़ा होने की सूचना मिली थी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बक्से को खुलवाया। अंदर चादर और कंबल में लिपटा एक पुरुष का शव मिला। शव खून से लथपथ था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मृतक की पहचान करने के साथ ही हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुट गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर कोतवाली पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम समेत पांच टीमें बनाई गईं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और एनपीआर कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
पुलिस की जांच में हाईवे और आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों की फुटेज अहम साबित हुई। फुटेज में एक छोटा हाथी लोडर बक्सा लेकर आता हुआ और कुछ समय बाद खाली वापस जाता हुआ दिखाई दिया।
पुलिस ने लोडर के नंबर UP 35 AT 1938 के आधार पर वाहन मालिक राजेश गुप्ता तक पहुंच बनाई। पूछताछ में वाहन मालिक ने बताया कि गंगाघाट क्षेत्र के कंचननगर में रहने वाली नेहा रावत ने कमरा शिफ्ट करने के नाम पर 1200 रुपये में लोडर बुक किया था।
इस जानकारी के बाद पुलिस का शक नेहा रावत पर गहराया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में नेहा ने अपने पति सोनू की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की।
शराब पीने की आदत को लेकर घर में होता था विवाद
पुलिस के अनुसार, मृतक सोनू अपनी पत्नी नेहा रावत के साथ कंचननगर इलाके में किराए के मकान में रहता था। दोनों की शादी करीब सात-आठ साल पहले हुई थी। बताया गया है कि नेहा की यह दूसरी शादी थी।
पुलिस की जांच में सामने आया कि सोनू को शराब पीने की आदत थी। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। नेहा ने पुलिस को बताया कि घरेलू झगड़ों और पति की मारपीट से वह परेशान थी।
पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के चलते नेहा ने अपने पड़ोसी जितेंद्र उर्फ राहुल के साथ मिलकर सोनू की हत्या की साजिश रची। हालांकि, घरेलू विवाद हत्या की वजह होने की बात पुलिस की जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सामने आई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
सिलबट्टे से हमला कर की गई हत्या
पुलिस के अनुसार, 19 और 20 अक्टूबर की दरमियानी रात सोनू की हत्या की गई। आरोप है कि नेहा रावत और उसके पड़ोसी जितेंद्र उर्फ राहुल ने मिलकर सोनू पर सिलबट्टे के बट्टे से कई वार किए। इसके बाद उसका मुंह और नाक दबाकर उसकी जान ले ली।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इसके लिए शव को चादर और कंबल में लपेटा गया और लोहे के बक्से में रख दिया गया।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि शव को बक्से में रखने और उसे वहां से ले जाने के लिए अन्य लोगों की मदद ली गई। आरोप है कि तौहीद और एक बाल अपचारी की मदद से शव को लोडर में रखवाया गया।
कमरा शिफ्ट करने के नाम पर बुक किया गया लोडर
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शव को घर से बाहर निकालकर ठिकाने लगाने के लिए लोडर का इंतजाम किया गया। वाहन मालिक को बताया गया था कि कमरे का सामान दूसरी जगह शिफ्ट करना है।
इसी बहाने 1200 रुपये में लोडर बुक कराया गया। इसके बाद लोहे के बक्से को लोडर में रखवाया गया और उसे हाईवे की तरफ ले जाया गया।
आरोप है कि लोडर से बक्से को उन्नाव सदर कोतवाली क्षेत्र के ललऊ खेड़ा चौकी के पास उन्नाव-रायबरेली लालगंज हाईवे किनारे फेंक दिया गया। इसके बाद लोडर खाली वापस लौट गया।
आरोपियों को उम्मीद थी कि बक्से में शव होने की बात तुरंत सामने नहीं आएगी, लेकिन सड़क किनारे संदिग्ध बक्सा मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। बक्सा खुलने के बाद हत्या का मामला सामने आया और पुलिस ने जांच तेज कर दी।
पुलिस ने 12 घंटे के अंदर किया खुलासा
मामले की जांच के लिए गठित पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, वाहन नंबर और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। लोडर मालिक से मिली जानकारी ने पुलिस को मृतक की पत्नी तक पहुंचने में मदद की।
इसके बाद नेहा रावत से पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान हत्या और शव को ठिकाने लगाने की पूरी घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने घटना के सामने आने के करीब 12 घंटे के भीतर मामले को सुलझाने का दावा किया है।
पुलिस ने मृतक की पत्नी नेहा रावत समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, इस मामले में शामिल एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया है।
हत्या में इस्तेमाल सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए सामान को भी बरामद किया है। इसमें हत्या में इस्तेमाल बट्टा, शव रखने वाला लोहे का बक्सा और शव को हाईवे तक ले जाने में इस्तेमाल किया गया लोडर शामिल है।
इन बरामद वस्तुओं को मामले की जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
एसपी ने दी घटना के खुलासे की जानकारी
एसपी जेपी सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक बाल अपचारी को भी पुलिस संरक्षण में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शव को लोहे के बक्से में रखकर लोडर के जरिए हाईवे किनारे फेंका गया था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजे जाने की जानकारी भी पुलिस की ओर से दी गई है। वहीं, बाल अपचारी के मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उन्नाव में बक्सा कांड से इलाके में चर्चा
हाईवे किनारे बक्से में शव मिलने और फिर कुछ ही घंटों में हत्या का खुलासा होने से यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज और लोडर के नंबर ने अहम भूमिका निभाई।
फिलहाल, पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस घटना ने घरेलू विवाद के गंभीर रूप लेने और अपराध के बाद शव को छिपाने की कोशिश से जुड़े कई सवाल खड़े किए हैं। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की जाएगी।
रिपोर्ट- रंजन बाजपेई,उन्नाव



