गोरखपुर में जेन-जी महाजुटान को लेकर विवाद, प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप
संगठन के अनुसार प्रयागराज और वाराणसी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुके हैं, जबकि शनिवार को आजमगढ़ में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और छात्रसंघ बहाली जैसे मुद्दों को लेकर आइसा और आरवाईए की ओर से आयोजित की जा रही जेन-जी महाजुटान यात्रा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
संगठन ने जिला व पुलिस प्रशासन पर कार्यक्रम की अनुमति देने में टालमटोल करने और भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी के दबाव में आयोजकों पर कार्यक्रम स्थगित करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
आइसा और आरवाईए की ओर से नौ सितंबर से प्रदेश के आठ शहरों में जेन-जी महाजुटान यात्रा शुरू की गई है। संगठन के अनुसार प्रयागराज और वाराणसी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुके हैं, जबकि शनिवार को आजमगढ़ में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इसी क्रम में 14 सितंबर को सिविल लाइंस स्थित गोकुल अतिथि भवन में गोरखपुर का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार के शामिल होने की बात कही गई है।
संगठन का कहना है कि गोकुल अतिथि भवन की बुकिंग चार सितंबर को कराई गई थी और कार्यक्रम की अनुमति के लिए नियमानुसार आवेदन भी किया गया। हालांकि, प्रेसवार्ता तक जिला और पुलिस प्रशासन की ओर से अनुमति के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। आयोजकों के अनुसार, कई दिनों से अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है।
आइसा और आरवाईए ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम से जुड़े छात्रों की निगरानी की जा रही है और प्रचार-प्रसार कर रहे छात्रों को विभिन्न स्थानों पर रोककर धमकाया जा रहा है। साथ ही गोकुल अतिथि भवन प्रबंधन पर भी बुकिंग निरस्त करने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया गया है।
संगठन के मुताबिक, कार्यक्रम को शहर के विभिन्न छात्र-युवा संगठनों के साथ ही नागरिक संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है। नेताओं ने प्रशासन के रवैये को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए कहा कि संविधान शांतिपूर्ण सभा और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का अधिकार देता है।
आइसा और आरवाईए ने सवाल उठाया कि जब प्रयागराज, वाराणसी और आजमगढ़ में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं तो गोरखपुर में अनुमति देने में आपत्ति क्यों की जा रही है। संगठन ने कहा कि वह रविवार शाम तक प्रशासन के स्पष्ट जवाब की प्रतीक्षा करेगा। अनुमति नहीं मिलने या कार्यक्रम पर रोक लगाए जाने की स्थिति में छात्र-युवा संगठन लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आंदोलन का अगला कदम घोषित करेंगे।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार समेत युवा नेताओं की सक्रियता से सरकार असहज है और इसी वजह से मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में कार्यक्रम रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन या एबीवीपी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर



