जनगणना 2027 पर बढ़ा विवाद, कांग्रेस ने कहा- सरकार की नीयत साफ नहीं है
जयराम रमेश ने कहा कि 2027 की जनगणना पूरी तरह विकृत हो गई है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जयराम रमेश ने कहा कि 2027 की जनगणना पूरी तरह विकृत हो गई है. इसमें शामिल जानकारी कभी-कभी बेकार होती है और कभी-कभी गैर-जरूरी होती है क्योंकि डेटा पहले से ही मौजूद होता है.
कांग्रेस ने 2027 की जनगणना को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 2027 की जनगणना का स्वरूप पूरी तरह से बिगड़ गया है.
इसका मकसद बहुत संदिग्ध है और इसमें कई सवाल बेकार, जरूरत से ज्यादा और गलत हैं. जयराम रमेश ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि 2027 की जनगणना में कई सवाल 2019 के NPR/NCR सवालों से मिलते जुलते हैं.
मीडिया रिपोर्ट में पूछा गया था कि क्या जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल NRC बनाने के लिए किया जा सकता है? 2027 की जनगणना में कई प्रश्न 2019 के एनपीआर/एनआरसी प्रश्नों से मिलते जुलते हैं. हालांकि, जनगणना अधिनियम कहता है कि डेटा गोपनीय है, लेकिन इसका एक उदाहरण पहले भी मिल चुका है. 1951 में जनगणना प्रपत्रों से विवरणों की “नकल” करके राष्ट्रीय जनगणना बनाने का देशव्यापी प्रयास किया गया था.
2027 की जनगणना पूरी तरह बदली- जयराम रमेश
जयराम रमेश ने कहा कि 2027 की जनगणना पूरी तरह बदल गई है. इसमें शामिल जानकारी कभी-कभी बेकार होती है (जैसे जाति से जुड़ा सवाल), कभी-कभी गैर-जरूरी होती है क्योंकि डेटा पहले से ही मौजूद होता है (जैसे टीकाकरण) और कभी-कभी खतरनाक या गलत इरादे वाली होती है (जैसे किसी व्यक्ति के माता-पिता के नाम, धर्म, जन्म-स्थान आदि की जानकारी).
रमेश ने आगे कहा कि सरकार ने चुनाव वाले चार राज्यों में 2027 की जनगणना का जनसंख्या गिनती वाला हिस्सा जल्दी कराने का फैसला लिया है. साथ ही जनगणना के फॉर्म में कई नए सवाल भी जोड़ दिए गए हैं. इस वजह से कुछ पूर्व जनगणना अधिकारियों ने चिंता जताई है कि इकट्ठा किए जाने वाले आंकड़ों की क्वालिटी खराब हो सकती है.
पहले चरण में हाउस लिस्टिंग, दूसरे चरण में लोगों की गिनती
साल 2011 की जनगणना में केवल 29 सवाल पूछे गए थे, लेकिन इस बार कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे. इन सवालों में व्यक्ति के घर, गाड़ी, नौकरी, व्यापार के अलावा कोविड वैक्सीन लगवाने की जानकारी, बैंक खातों की कुल संख्या, और डिजिटल साक्षरता से जुड़े सवाल शामिल होंगे.
पहला चरण (अप्रैल से सितंबर) में मुख्य रूप से मकानों की सूची तैयार करना और घरों की गिनती का काम पूरा किया जा रहा है. वहीं, दूसरे चरण में लोगों की गिनती का काम होगा. इसका काम फरवरी 2027 में शुरू होगा. देश के नागरिक 16 नवंबर से 30 नवंबर के बीच सरकार के जनगणना पोर्टल पर जाकर खुद अपना ब्योरा ऑनलाइन भर सकेंगे.


