तीन राज्यों में मतदान, असम में सबसे ज्यादा वोटिंग
सभी दलों ने की लोगों से वोट देने की अपील, 2 बजे तक असम में मतदान 75 प्रतिशत के पार, केरल-पुदुचेरी में भी 60 प्रतिशत से अधिक वोटिंग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। तीन राज्यों में आज विस चुनावों के लिए वोटिंग चल रही है। तीनों राज्यों में सुबह से ही पोलिंग बूथों पर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। एक दो जगहों पर छिटपुट घटनाओं को छोडक़र शांति के साथ लोग अपने वोटों का प्रयोग कर रहे है।
उधर भाजपा, कांग्रेस, डीएमके, एआईडीएमके, वाम दलों ने अपने-अपने जीत के दावे कि ए हैं। दो राज्यों असम और केरल और एक केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में आज विधानसभा चुनाव के लिए मतदान कराए जा रहे हैं। दोनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में एक ही चरण में मतदान कराए जा रहे हैं। असम में 126, केरल की 14० और पुदुचेरी की 30 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है।
असम के मुख्यमंत्री और जलुकबारी से उम्मीदवार हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा और बच्चों के साथ कामपुर के एक मतदान केंद्र पर असम विधानसभा चुनाव 26 के लिए अपना वोट डाला। इस दौरान मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा ने जीत पर पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा, 1०० प्रतिशत जीत तय है।असम के मशहूर गायक पापोन ने गुवाहाटी में अपना वोट डाला। इसके बाद उन्होंने कहा, मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे बाहर आएं और अपना वोट डालें। मौसम बहुत अच्छा है और शानदार व्यवस्थाएं की गई हैं, हर वोट कीमती है इसलिए हमें मतदान जरूर करना चाहिए। आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) में राजस्थान रॉयल्स टीम के कप्तान रियान पराग ने भी गुवाहाटी के एक मतदान केंद्र पर जाकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। रियान गुवाहाटी के खारगुली में लाल सिंह अकादमी पोलिंग स्टेशन पर मतदान करने पहुंचे।

असम में चुनावी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी की मौत
असम विधानसभा चुनाव के बीच सोनितपुर जिले के नदुआ निर्वाचन क्षेत्र में तैनात एक मतदान अधिकारी मृत पाए गए। मृतक का नाम देबेन होरो था और उनकी उम्र 45 वर्ष थी। वह डोलापानी एलपी स्कूल के मतदान केंद्र संख्या 23० पर दूसरे मतदान अधिकारी के रूप में तैनात थे। अधिकारियों ने बताया कि देबेन होरो आज सुबह अपने बिस्तर पर बेहोश मिले थे। जिसके बाद उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से पास के अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत का असली कारण अभी साफ नहीं है। हालांकि, डॉक्टरों को किसी पुरानी बीमारी का शक है। देबेन होरो चारीद्वार क्षेत्र के रहने वाले थे और एक सरकारी स्कूल में सहायक शिक्षक थे। इस घटना का मतदान पर कोई असर नहीं पड़ा। बूथ पर सुबह 7 बजे तय समय पर वोटिंग शुरू हुई। प्रशासन ने उनकी जगह एक आरक्षित कर्मचारी को तैनात कर दिया है। असम की 126 सीटों पर शाम 5 बजे तक मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।
असम में खूब पड़ रहे वोट
असम, केरल, पुदुचेरी राज्यों में विधानसभा चुनाव 26 के लिए मतदान की प्रक्रिया जारी है। दोपहर एक बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, असम में सबसे अधिक 59.63 प्रतिशत मतदान हुआ है। पुदुचेरी में 56.83 प्रतिशत और केरल में 49.7० प्रतिशत वोट पड़ चुके हैं। केरल की 14०, असम की 126 और पुदुचेरी की 30 सीटों पर जनता अपने भविष्य का फैसला कर रही है।
केरल में एलडीएफ की बड़ी जीत का दावा
केरल विधानसभा चुनाव के लिए तिरुवनंतपुरम में अपना वोट डालने के बाद सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने एलडीएफ की बड़ी जीत का दावा किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, पूरे राज्य से खबरें आ रही हैं कि मतदाता एलडीएफ को वोट देने के लिए उमड़ रहे हैं। केरल में कांग्रेस और भाजपा के अपवित्र गठबंधन को हराना होगा। मेरी जनता से अपील है कि वे एलडीएफ को वोट दें क्योंकि यही उम्मीद है और यही वह राजनीतिक शक्ति है जो धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र, संघवाद की रक्षा करेगी और देश के गरीबों के लिए खड़ी होगी।
अलीगंज हनुमान मंदिर की दीवार गिरी मलबे में दबे 3 महीने के मासूम की मौत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ । लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित हनुमान मंदिर परिसर में उस वक्त हडक़ंप मच गया, जब मंदिर की एक पुरानी दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के दौरान पास में मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए, जिनमें एक तीन महीने का मासूम बच्चा भी शामिल है।
मासूम दीवार के मलबे में दब गया, जिसे आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोगों ने बिना देर किए बच्चे को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को बेहद गंभीर बताया। फिलहाल बच्चे को ट्रामा सेंटर में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर की दीवार काफी जर्जर हो चुकी थी, लेकिन समय रहते उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिसका नतीजा आज इस दर्दनाक हादसे के रूप में सामने आया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। मलबा हटाने का काम भी शुरू कर दिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और कोई व्यक्ति दबा न हो। उक्त दीवार के सहारे कुछ लोग झुग्गी-झोपड़ी बनाकर निवास कर रहे थे, जिसके मलबे में झोपड़ी बनाकर रह रहे गजोधर पुत्र मेवालाल निवासी मूल पता मिसरिख सीतापुर वर्तमान पता निकट हनुमान मंदिर अलीगंज लखनऊ जो ऑटो चालक है, का 6 माह का पुत्र दब गया था। वर्तमान में पुलिस बल मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु मौजूद है तथा अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। जांच एवं अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित हैं।
परिसीमन उत्तर भारत को फायदा पहुंचाएगा : स्टालिन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बोले -दक्षिण की आवाज दबाने की साजिश कर रही भाजपा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस कदम को सत्ता का पुनर्गठन बताया है।
31 जनवरी, 2०26 को एक पोस्ट में स्टालिन ने चेतावनी दी कि यदि परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाता है, तो उत्तर भारतीय राज्यों को आवंटित सीटों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी, जबकि दक्षिण भारतीय राज्यों के पास लोकसभा की लगभग 24 प्रतिशत सीटें रह जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि द्रविड़ मुन्नेत्र कजग़म (डीएमके) महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन सीटों की कुल संख्या बढ़ाने का विरोध करती है। स्टालिन ने लिखा कि यह सुधार नहीं, बल्कि सत्ता का पुनर्गठन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार संसद की नींव को ही धीरे-धीरे खोखला कर रही है। बहस और जवाबदेही के लिए एक जीवंत मंच को एक खोखले अनुष्ठान में तब्दील किया जा रहा है, एक ऐसा मंच जहां सदस्यों को बोलने या अपने लोगों का प्रतिनिधित्व करने का उचित समय भी नहीं मिल पाता। सीटों में वृद्धि का यह प्रस्ताव उनके अपने नारे न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ का सीधा खंडन है। इससे केवल खर्च बढ़ेगा, करदाताओं पर बोझ बढ़ेगा और संसदीय कार्यप्रणाली की गुणवत्ता कम होगी।संविधान के अनुच्छेद 1 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 1 की भावना के भी विरुद्ध है, जो भारत को राज्यों का संघ बताता है। राज्यों की आवाज़ों को नजऱअंदाज़ करना और सार्थक परामर्श को दरकिनार करना लोकतांत्रिक नहीं है – यह एकाधिकारवादी अतिक्रमण है जो भारत के संघीय और बहुलवादी स्वरूप को कमजोर करता है। स्टालिन ने अन्य दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों का समर्थन किया और परिसीमन प्रक्रिया को जनसंख्या नियंत्रण में सफल राज्यों के लिए दंडात्मक बताया।
बारामती में उपचुनाव नड़ीं लड़ेगी कांग्रेस
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर बड़ा मोड़ आया है। कांग्रेस ने एलान किया है कि वह इस उपचुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। यह फैसला पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद सम्मान जताने के तौर पर लिया गया है। इस निर्णय के बाद अब बारामती सीट पर चुनाव का माहौल पूरी तरह बदल गया है।
दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नाथाला ने साफ कहा कि पार्टी ने अपने उम्मीदवार को मैदान से हटाने का निर्देश दे दिया है। कांग्रेस के उम्मीदवार आकाश मोरे ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन अब उसे वापस लिया जाएगा। नामांकन वापस लेने का आज आखिरी दिन था, इसलिए यह फैसला अहम माना जा रहा है।
सीईसी को हटाने का प्रस्ताव खारिज होने पर विपक्ष ने उठाया सवाल
अभिषेक मनु सिंहवी बोले-एक पीठासीन अधिकारी के विवेकाधीन निर्णय तक सीमित किया गया
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। तीन राज्यों की वोटिंग के बीच एकबार फिर चुनाव आयुक्त विपक्ष के निशाने पर हैं। इसबार कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंहवी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव खारिज होने की आलोचना करते हुए कहा कि महाभियोग की पूरी संवैधानिक प्रक्रिया को एक पीठासीन अधिकारी के विवेकाधीन निर्णय तक सीमित कर दिया गया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि कैसे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित छह-चरणीय न्यायिक और संसदीय प्रक्रिया को एक ही व्यक्ति के फैसले से दरकिनार किया जा सकता है, जिससे संस्थागत जवाबदेही खतरे में है। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंहवी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के विपक्ष के प्रस्ताव को खारिज किए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि महाभियोग की प्रक्रिया प्रभावी रूप से एक ही व्यक्ति के निर्णय तक सीमित हो गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए सिंहवी ने कहा कि महाभियोग की प्रक्रिया एक व्यक्ति के निर्णय तक सीमित हो गई है। इससे लोकतंत्र के मंदिर, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायिक निकाय और सर्वोच्च न्यायालय के परामर्श द्वारा किसी भी प्रकार की आगे की जांच-पड़ताल का प्रावधान समाप्त हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि यह छहों चरणों को इस तरह समेट लेता है मानो उस शक्ति, उस संरचना, उस क्रम को केवल पीठासीन अधिकारी ही इतनी संकीर्ण दृष्टि से देख सकते हों। यदि यही तरीका अपनाया जाता है, तो आप ही बताइए, आप समिति में महाभियोग की कार्यवाही कैसे कर पाएंगे? आप संसदीय विवेक की सामूहिक प्रक्रिया का सहारा कैसे ले पाएंगे? इस प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण बताते हुए सिंहवी ने कहा कि इसके बाद यह पूरी तरह से गलत तरीके से एक छोटा-सा मुकदमा चलाती है। यह प्रत्येक आरोप को लेती है; उस आरोप पर पीठासीन अधिकारी की राय देती है। आपको वकील होने की आवश्यकता नहीं है; सामान्य ज्ञान ही बताता है कि प्रत्येक आरोप में, यदि वह पीठासीन अधिकारी है और वह अपनी राय देता है, तो महाभियोग की कार्यवाही कभी नहीं हो सकती।



