भाजपा विधायक का सीता माता पर विवादित बयान, कहा-हजारों पुरुष मरे, कोई महिला नहीं…

गुना की नानाखेड़ी मंडी में मंगलवार (18 अगस्त) को बलराम महोत्सव का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में गुना से बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य के महिलाओं को लेकर दिए गए बयान पर बवाल मच गया. विधायक पन्नालाल ने सार्वजनिक मंच से रामायण का उदाहरण देते हुए माता सीता के संदर्भ में आपत्तिजनक टिप्पणी की. यहां तक की उन्होंने माता सीता को मौत का सामान कह डाला. उनके इस बयान से कार्यक्रम का माहौल ही बदल गया.
जानकारी के मुताबिक मंगलवार को नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में किसानों के लिए बलराम महोत्सव का आयोजन हुआ था, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े. इस दौरान विधायक पन्नालाल शाक्य मंच से अपने संबोधन के दौरान किसानों और खेती से जुड़े विषयों पर अपनी बात रख रहे थे. इसी दौरान वो इतिहास और पौराणिक कथाओं के उदाहरण देने लगे.
‘रावण को उसके भाई ने समझाया था कि…’
रामायण के युद्ध का जिक्र करते हुए विधायक शाक्य ने कहा कि रावण को उसके भाई ने समझाया था कि पराई स्त्री को ले जाना गलत है. ये तो मौत का सामान है. उसे सम्मान के साथ वापस भेज देना चाहिए. उनके इस बयान को सीधे तौर पर माता सीता से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक गलियारे में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है.
‘रामायण, महाभारत में पुरुष ही मरे’
इसके साथ ही गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने कार्यक्रम में कहा कि रामायण, महाभारत और अन्य लड़ाइयों में आदमी ही मरे, कोई भी औरत नहीं मरी. उन्होंने कहा कि इतिहास या पुराणों के किसी भी युद्ध में महिलाओं की मौत नहीं हुई, बल्कि हमेशा पुरुषों को ही अपनी जान गंवानी पड़ी.
इसके बाद उन्होंने महाभारत के युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि उस महायुद्ध में एक करोड़ से अधिक पुरुष एक पांचाली के लिए मारे गए, लेकिन महिलाएं नहीं मरी. इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक चरित्र पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि संयोगिता के कारण पृथ्वीराज चौहान के 55 सामंत कन्नौज से लेकर दिल्ली तक मारे गए, लेकिन इन सभी घटनाओं में केवल पुरुषों की ही मृत्यु हुई.
विधायक प्रियंका पेंची जताया विरोध
महिलाओं और माता सीता के संदर्भ में जब पन्नालाल शाक्य मंच से लगातार इस तरह की विवादित टिप्पणी कर रहे थे, तभी वहां मौजूद बीजेपी की ही चांचौड़ा विधानसभा सीट से विधायक प्रियंका पेंची खुद को रोक नहीं पाईं और उन्होंने उनकी टिप्पणी का विरोध किया और इसे गलत बताया. प्रियंका पेंची ने विधायक पन्नालाल शाक्य को टोकते हुआ कहा कि नहीं भाई साहब ऐसा नहीं है. ये तो गलत बात है. महिलाओं ने भी बलिदान दिए हैं . इस पर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई.
‘मैंने बहुत सी किताबें पढ़ी हैं…’
बावजूद इसके विधायक शाक्य चुप नहीं हुए. उन्होंने प्रियंका पेंची को मंच पर ही टोकते हुए बैठने के लिए कह दिया. विधायक ने कहा कि उन्होंने बहुत सारी किताबें पढ़ी हैं और उन्हें अच्छी तरह पता है कि इतिहास में कहां और क्या हुआ है. इस दौरान दोनों विधायकों के बीच भरी सभा में हुई इस तीखी बहस होने लगी, जिसके बाद कार्यक्रम में सन्नाटा पसर गया. कार्यक्रम के समापन के बाद भी यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है.
‘जान देंगे नहीं, जान लेंगे…’
इसी दौरान विधायक शाक्य ने कार्यक्रम में बज रहे देशभक्ति गीत का जिक्र करते हुए कहा कि अभी एक गाना चल रहा था ए वतन हम तेरे लिए जान भी देंगे. उन्होंने कहा कि ये उल्टे गीत नहीं गाना चाहिए कि ए वतन तेरे लिए जान देंगे. उन्होंने कहा कि जान देंगे नहीं, जान लेंगे. उन्होंने कहा कि ऐसे गानों पर रोक लगाना चाहिए.
कार्यक्रम में विधायक शाक्य ने भारत भूमि, खेती और किसानों के प्रति सम्मान की बात भी रखी. उन्होंने कहा कि जिस धरती पर खेती कर अन्न पैदा किया जा रहा है, उसके प्रति भी गौरव और सम्मान का भाव होना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी प्राकृतिक खेती की बात कर रहे हैं. लेकिन विदेशी खाद को हम अपने देश में दौड़ दौड़ कर अपनाते हैं. उसका परिणाम ये है कि हमारी धरती प्रतिदिन बंजर हो रही है. किसानों को ये समझना पड़ेगा कि हम इसको रेगिस्तान बनाने जा रहे हैं

 

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