पटना में छात्रों के मुद्दे पर RJD का प्रदर्शन, तेजस्वी बोले- सरकार को देना होगा जवाब

पदयात्रा में शामिल हुए RJD के सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, "छात्र और युवा पूरे देश में आक्रोशित हैं. खासकर बिहार में. परीक्षा लीक यहां एक परंपरा बन गई है. बेरोजगारी की दंश युवा झेल नहीं पा रहे हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पदयात्रा में शामिल हुए RJD के सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, “छात्र और युवा पूरे देश में आक्रोशित हैं. खासकर बिहार में. परीक्षा लीक यहां एक परंपरा बन गई है. बेरोजगारी की दंश युवा झेल नहीं पा रहे हैं.

बिहार में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और एके-47 से गोली चलाए जाने के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) आज बुधवार को राजभवन मार्च तक प्रदर्शन कर रही है. हजारों की संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता जब राजभवन के पास पहुंचे तो उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया.

तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया गया. हिरासत में लिए जाने के दौरान तेजस्वी ने कहा, “हम डरने वाले नहीं हैं. हम छात्रों के अधिकार के खातिर पेपर लीक रोकने के लिए बिहार को आग बढ़ाने के लिए आवाज उठाते रहेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि जनता चुप बैठने वाली नहीं है. हमें न्याय चाहिए. जवाबदेही तय हो कि किसके आदेश पर गोली चलाई गई. बिहार पेपर लीक का केंद्र बनता जा रहा है.

नकली एके-47 लेकर पहुंचे कार्यकर्ता

तेजस्वी यादव की अगुवाई में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पटना के जेपी गोलंबर से राजभवन के लिए मार्च निकाला. इस दौरान आरजेडी कार्यकर्ता सीवान में एके-47 राइफल के इस्तेमाल के विरोध में लकड़ी से बनी एके-47 लेकर पहुंचे. साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की.

पार्टी सांसद मीसा भारती ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “छात्रों के साथ जो अन्याय हुआ उसे 20-25 दिन बीत हो गए, सरकार नींद से अब तक नहीं जागी. सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार ने माना कि AK-47 राइफल का इस्तेमाल हुआ था.

तब कोर्ट को बिहार सरकार के वकील से पूछना चाहिए था कि AK-47 लेकर प्रदर्शन में जाने की अनुमति किसने दी? DM या SP ने अनुमति दी तो उन्हें तुरंत सस्पेंड करना चाहिए. मगर ये बिहार सरकार हत्यारी सरकार है जो आम जन की हत्या करवा रही है और युवाओं के भविष्य की भी हत्या कर रही है.”

पदयात्रा में शामिल हुए पार्टी के सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, “छात्र और युवा पूरे देश में आक्रोशित हैं. खासकर बिहार में. परीक्षा लीक यहां एक परंपरा बन गई है. बेरोजगारी की दंश युवा झेल नहीं पा रहे हैं. यह मार्च समाधान के लिए निकाला गया मार्च है.”

RJD के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, “जो छात्र अपने अधिकारों के लिए और पेपर लीक के मुद्दे पर विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरे थे, उनके खिलाफ AK-47 का इस्तेमाल किया गया. देश भर में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं. आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जब तक कार्रवाई नहीं होती, हमारा आंदोलन जारी रहेगा.”

अत्यधिक बल प्रयोग की आशंका

राजभवन की ओर से मार्च निकालने से पहले पार्टी ने कल मंगलवार को आरोप लगाया कि छात्रों को पहले ही हिरासत में लिया जा रहा है और इस मार्च में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में आने वाले युवाओं को ट्रेनों से आने ही नहीं दिया जा रहा है.

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कल कहा था, “हमें ऐसी जानकारी मिली है कि पुलिस ने पटना में कई छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया है और हो सकता है कि बुधवार को बड़ी संख्या में हमारे साथ जुड़ने वाले युवाओं को ट्रेनों में सवार होने से रोक दिया जाए.”

करियर को बचाने की कोशिशः बीजेपी

पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी ने पिछले महीने 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान सड़कों पर उतरे विद्यार्थियों के एक समूह पर सीवान जिले में एक पुलिसकर्मी की ओर से एके-47 राइफल से गोली चलाए जाने की घटना की भी जांच की मांग की.

उन्होंने कहा, “आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है. साथ ही यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि उसे एके-47 राइफल लेकर चलने की अनुमति किसने दी थी. वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए.”

वहीं, राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा कि राजभवन मार्च विपक्ष के नेता के राजनीतिक करियर को बचाने के लिए आयोजित किया गया है. पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “अब यह खुला रहस्य है कि आरजेडी के कार्यकर्ताओं और नेताओं का तेजस्वी यादव के नेतृत्व से भरोसा उठ चुका है. यह मार्च अपने के राजनीतिक करियर को बचाने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं है.”

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