रामकोट पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 92 किलो गांजे के साथ सात तस्कर दबोचे
रामकोट पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सात अंतरजनपदीय तस्करों को गिरफ्तार किया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: रामकोट पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सात अंतरजनपदीय तस्करों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 92 किलो अवैध गांजा, एक ब्रेजा कार और एक डीसीएम वाहन बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक बरामद गांजे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 23 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी बिहार, गोंडा, लखनऊ और अमरोहा के रहने वाले बताए गए हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास के साथ-साथ उनके पूरे तस्करी नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
सूचना के बाद पुलिस ने शुरू की घेराबंदी
अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आलोक कुमार सिंह के अनुसार, रामकोट पुलिस और एसओजी टीम को सूचना मिली थी कि दो वाहनों के जरिए गांजे की एक बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों की तलाश शुरू की।
इसी दौरान अर्थाना की ओर से एक संदिग्ध ब्रेजा कार और डीसीएम वाहन आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने दोनों वाहनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वाहन चालकों ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने पीछा करते हुए ग्राम मधवापुर के पास घेराबंदी कर दोनों वाहनों को रोक लिया।
पुलिस ने वाहनों में सवार लोगों को हिरासत में लेकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान चार प्लास्टिक की बोरियों में गांजा बरामद हुआ। वजन कराने पर कुल 92 किलो गांजा पाया गया।
बाहर से गांजा लाकर कई जिलों में करते थे सप्लाई
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे बाहर से गांजे की खेप लाकर अलग-अलग जिलों में उसकी सप्लाई करते थे। इस बार भी बरामद गांजे को दूसरे स्थान पर ले जाकर बेचने की तैयारी थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बरामद खेप को बरेली ले जाने की तैयारी में थे। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे बरेली में किसे सप्लाई किया जाना था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके अलावा गांजे की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों और आरोपियों के संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
सात आरोपी गिरफ्तार
रामकोट पुलिस और एसओजी की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद कुमार पांडेय, विजय महतो, मुन्ना कुमार, रामस्वरूप वर्मा, रामआशीष वर्मा, सचिन लोधी और विनोद कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अलग-अलग जिलों और राज्यों से जुड़े हुए हैं। इनमें बिहार, गोंडा, लखनऊ और अमरोहा के रहने वाले आरोपी शामिल हैं। पुलिस अब इनके बीच आपसी संपर्क और तस्करी के नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।
दो आरोपियों का आपराधिक इतिहास सामने आया
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों में से दो के खिलाफ पहले से आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, विनोद कुमार पांडेय के खिलाफ मिर्जापुर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। वहीं अमरोहा निवासी विनोद कुमार के खिलाफ मुरादाबाद में हत्या का मुकदमा और मिर्जापुर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज बताया गया है।
पुलिस अन्य गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि तस्करी से जुड़े अन्य लोगों या आरोपियों के पुराने मामलों की जानकारी सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तस्करी के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
92 किलो गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच का मुख्य फोकस गांजे की सप्लाई के स्रोत, बरेली में संभावित खरीदार, आरोपियों के संपर्कों और तस्करी में इस्तेमाल होने वाले नेटवर्क पर है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी इससे पहले कितनी बार मादक पदार्थों की खेप एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा चुके हैं। इसके साथ ही दोनों जब्त वाहनों के इस्तेमाल और उनके स्वामित्व से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई से तस्करी नेटवर्क में हड़कंप
रामकोट पुलिस और एसओजी की इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अहम कार्रवाई माना जा रहा है। बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी के साथ सात आरोपियों की गिरफ्तारी से पुलिस को तस्करी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।



