लखनऊ की आडियंस ने भी अपनी अदाओं से चार चांद लगाए
4 पीएम कन्सर्ट की सुरमयी और भीगी शाम में शामिल हुए मेहमान

स्वानंद किरकिरे की मखमली आवाज के हमसफर बने श्रोता
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ । 4 पीएम कन्सर्ट की सुरमयी और भीगी शाम में शामिल हुए लखनऊ के नामचीन लोगों ने भी अपनी अदाओं से चारचांद लगा दिये। स्वानंद किरकिरे की मखमली आवाज में जब उनकी गीतों ने महफिल में रस घोला तो इस कार्यक्रम के मेहमानों ने उनको दाद देने में कंजूसी नहीं की। ओरी चिड़ैया.. होठों को घुमा के गोल.. हो या फिर बहता हुआ सा था वो.. हर एक नज्म व गीत के साथ दयाल बाग में आए मेहमानों ने भी स्वानंद का साथ दिया। सबसे बड़ी बात शनिवार की वह खूबसूरत शाम में बारिश हो रही थी, बिजली कडक़ रही थी पर लोग डर नहीं रहे थे वे बेधडक़ होकर गुनगुना रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे बारिश खुद महफिल सजाने आई थी। लखनऊ के प्यारी ऑडियंस ने भी बारिश की शिकायत नहीं की उसका स्वागत किया।
बर्षा के बीच अलग ही नजारा देखने को मिल रहा था। भीगी कुर्सियां हल्की ठंडी हवा और उन सबके बीच बैठे लोग कोई छाता थामे, कोई बूंदों को अपने चेहरे पर गिरने देता हुआ हर कोई इस नजारे को अपने तरीके से जी रहा था। कोई भी उठकर जाने को तैयार नहीं था क्योंकि उस रात का हर पल जैसे एक नई इबारत लिख रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे नेचर खुद इस महफिल की मेजबान बन गई हो। बारिश ने सिर्फ ज़मीन को नहीं भिगोया उसने दिलों को भी सराबोर किया। उसने यह साबित कर दिया कि जब संगीत दिल को छूता है तो कोई भी मुश्किल, मुश्किल न रहकर हमसफर बन जाती है। स्वानंद किरकिरे की आवाज़ ने महफिल को रूह दी तो मौसम ने उसे और रंगीन और हसीन बना दिया। ये सूरों की शाम लखनऊ लंबे समय तक अपने जहन में संभाल कर रखेगा।

अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई और खतरनाक मोड़ पर
इजरायल व अमेरिका ने दी धमकी, ईरान का पलटवार जारी
इजरायल ने ईरानियों को दी वॉर्निंग- ट्रेन की यात्रा न करें
मोजतबा खामेनेई बेहोश सर्वोच्च नेता का इलाज
ईरान की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नही
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई और खतरनाक मोड़ लेता जा रही है। ट्रंप ने ईरान को बुधवार सुबह तक तबाह करने की धमकी दी है, इस बीच इजरायल ने ईरानी नागरिकों से ट्रेन की यात्रा न करने की वॉर्निंग दी है। उधर ऐसी भी खबरें आ रही है कि अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई अचेत अवस्था में है।
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच छिड़ा युद्ध पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। इसके बावजूद दोनों पक्षों की ओर से कोई भी झुकने को तैयार नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ही समझौता न करने पर ईरान को भीषण हमलों का अल्टीमेटम दिया है। वहीं, ईरान ने हमले रुकने तक किसी भी तरह के समझौते से इनकार कर दिया है। दरअसल, इजरायल की सेना ने ईरानियों को बताया है कि ट्रेनों में और रेलवे ट्रैक के पास उनकी उपस्थिति उनके जीवन को खतरे में डाल सकती है। इजरायली सेना ने फारसी भाषा में ईरानियों को चेतावनी देते हुए लिखा आपकी सुरक्षा के लिए, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप अब से लेकर ईरान के समयानुसार रात 9 बजे तक पूरे देश में ट्रेनों का उपयोग करने या ट्रेन से यात्रा करने से बचें। गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर पहला हमला 28 फरवरी 2026 को किया गया। जिसके बाद से ईरान भी लगातार इजरायल पर, अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर और खाड़ी देशों पर मिसाइल से हमले कर रहा है।
अल्बोर्ज प्रांत में 18 की मौत, एयरपोर्ट-रिहायशी इलाकों पर हमले
अमेरिका-इस्राइल ने मंगलवार को ईरान पर किए गए हमलों में खोर्रमाबाद हवाई अड्डे को निशाना बनाया है। वहीं, ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच इस्राइल ने ईरानियों को चेतावनी जारी करते हुए ट्रेनों और रेलवे लाइनों से बचने को कहा है। इस्राइल ने फारसी भाषा में जारी किए गए संदेश में कहा कि ऐसे करने पर उनके जीवन को खतरा हो सकता है। वहीं, ईरान के अल्बोर्ज प्रांत पर अमेरिकी-इस्राइली हमले में मारे गए 18 लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं। ईरानी रेड क्रिसेंट संगठन ने मंगलवार को बताया कि अमेरिका और इस्राइल ने ईरान को 17 रिहायशी इलाकों पर बमबारी की है। एक्स पर किए गए पोस्ट में संगठन ने कहा, नागरिकों पर हमला करने का कोई औचित्य नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून स्पष्ट रूप से कहते हैं कि निहत्थे नागरिकों पर हमला करना युद्ध अपराध है। वहीं, ईरानी मीडिया ने बताया कि देश में रात भर चले अमेरिकी-इस्राइली हमलों में 15 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
कोम शहर में इलाज करवा रहे हैं मोजतबा
ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं। एक खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि मोजतबा खामेनेई वर्तमान में कोम शहर में इलाज करवा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार खामेनेई अचेत अवस्था में हैं और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। माना जा रहा है कि इसी वजह से मोजतबा किसी भी निर्णय प्रक्रिया में हिस्सा लेने में असमर्थ हैं। द टाइम्स यूके की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कूटनीतिक मेमो अमेरिकी और इस्राइली खुफिया एजेंसियों द्वारा खाड़ी सहयोगियों के साथ साझा की गई जानकारी पर आधारित है। इस रिपोर्ट में पहली बार सर्वोच्च नेता के ठिकाने का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मोजतबा खामेनेई का कोम शहर में इलाज चल रहा है और इस वजह से वे शासन के किसी भी निर्णय में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। पश्चिम एशिया में संघर्ष छिडऩे के बाद से मोतबा खामेनेई ने कोई सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है। उनके नाम से जारी किए गए संदेशों का प्रसारण ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा किया जा रहा है। इसकी वजह से मोजतबा के गंभीर रूप से घायल होने की खबरों को और बल मिला है। ईरानी अधिकारियों ने बयान जारी कर कहा कि देश की कमान नए सर्वोच्च नेता के हाथ में है। इसके बावजूद कई अमेरिकी रिपोर्टों में खामेनेई की सेहत पर सवाल खड़े किए हैं। किसी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा कोमा में हैं और उनका इलाज किया जा रहा है। वहीं, द सन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि हमलों में खामेनेई ने एक हाथ और एक पैर खो दिया है।
ट्रंप ने दी तबाही मचाने की चेतावनी
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार आठ बजे (ईस्टर्न टाइम) तक एक समझौता करने का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि इस समय सीमा के बाद कोई पुल और कोई बिजली संयंत्र नहीं बचेगा।
अल्बोर्ज प्रांत में 18 की मौत, एयरपोर्ट-रिहायशी इलाकों पर हमले
ट्रंप ने स्वीकार किया कि संघर्ष 28 फरवरी को शुरू होने पर ईरान बहुत शक्तिशाली स्थिति में था, लेकिन अब अमेरिका ने उसके सिर को काट दिया है। उन्होंने कहा कि ये कदम 47 साल पहले ही उठाए जाने चाहिए थे। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह ठीक चल रहा है, लेकिन हमें देखना होगा। आपको यह समझना होगा, हम इन लोगों के साथ 47 साल से निपट रहे हैं।



