विधानसभा में गरजे CM विजय, बोले- पुलिस सत्ता का केंद्र नहीं
CM विजय ने विधानसभा में कहा कि पुलिस को सत्ता का केंद्र नहीं बल्कि लोगों का रक्षक होना चाहिए.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: CM विजय ने विधानसभा में कहा कि पुलिस को सत्ता का केंद्र नहीं बल्कि लोगों का रक्षक होना चाहिए. उन्होंने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति और महिलाओं के अपमान पर सख्त कार्रवाई की बात कही.
तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को (7 सितंबर) सदन की कार्यवाही की शुरुआत गरमागरम बहस के साथ हुई. सदन में कानून-व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा हुआ.
DMK के विधायकों ने लगातार हो रही हत्याओं और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सदन में नारेबाजी की. उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की. वहीं इसके बाद सूबे के मुख्यमंत्री विजय ने इस पर प्रतिक्रिया दी.
सदन में उठाई गई चिंताओं का जवाब देते हुए, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पुलिस व्यवस्था के प्रति अपनी सरकार के दृष्टिकोण का बचाव किया और कहा कि पुलिस बल को सत्ता का केंद्र बनने के बजाय नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए.
पुलिस को अपराधियों की दुश्मन होना चाहिए’
विपक्ष की तरफ से कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जाने के बीच मुख्यमंत्री ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि पुलिस को अच्छे लोगों की दोस्त और अपराधियों की दुश्मन होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है और अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से संबंध रखता हो. यही हमारी नीति है.
‘पुलिस को सत्ता का केंद्र नहीं बनना चाहिए’
सीएम विजय ने कहा ‘मैं पुलिस विभाग में एक नया बदलाव लाना चाहता हूं. कोयंबटूर कॉलेज में एक छात्र की हत्या के मामले में 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. विपक्षी पार्टियां ऐसी स्थितियों का इस्तेमाल सत्ताधारी सरकार पर आरोप लगाने के लिए करती हैं.
पुलिस को सत्ता का केंद्र नहीं बनना चाहिए. उन्हें लोगों का रक्षक होना चाहिए. पिछले तीन महीनों में जो अपराध हुए हैं, वो अचानक नहीं हुए. वो सभी पुरानी दुश्मनी और बदले की भावना के कारण हुए थे’. उन्होंने साफ कहा कि पुलिस को सत्ता का केंद्र नहीं बनना चाहिए, बल्कि लोगों की रक्षा करनी चाहिए.
भ्रष्टाचार को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वो राज्य में नशीली दवाओं की संस्कृति को समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कोयंबटूर के एक कॉलेज में एक छात्र की हत्या के सिलसिले में 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार भ्रष्टाचार को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है.
37 जिलों में एंटी-ड्रग स्क्वॉड बनाए गए
उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 37 जिलों में एंटी-ड्रग स्क्वॉड बनाए गए हैं. उन्होंने कहा कि चेन्नई में पिछले तीन महीनों के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 330 मामले दर्ज किए गए और 556 लोगों को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के पीछे कई कारण हैं.
सरकार का मकसद अपराधों को होने से पहले ही रोकना है. उन्होंने बताया कि सरकार ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए सिंगप्पेन स्पेशल फोर्स (Singappen Special Force) का गठन किया है. उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने और राज्य में अपराध पर लगाम लगाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
‘महिलाओं का अपमान करने वालों पर होगी कार्रवाई’
वहीं मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में यह भी स्पष्ट किया है कि महिलाओं का अपमान करने वालों के खिलाफ कानून सख्त कार्रवाई करेगा.
उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं का अपमान किया गया तो कानून अपना काम करेगा. उनका यह बयान डीएमके नेता और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन अभिनेत्री तृषा कृष्णन से संबंधित ‘दोहरे अर्थ वाले’ बयान पर उठे बड़े राजनीतिक विवाद के बीच आया है.
उदयनिधि स्टालिन की तरफ इशारा
विजय ने विधानसभा में स्टालिन जूनियर का नाम लिए बिना कहा ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता – इसका किस तरह इस्तेमाल हो रहा है, हमें इस पर पुनर्विचार करना चाहिए. साथ ही, हमारे लोगों या महिलाओं के बारे में अपमानजनक तरीके से बात करना, हमें बर्दाश्त नहीं करना चाहिए’.
उन्होंने आगे कहा ‘लोग कुछ लोगों को दोहरे अर्थ में बोलते हुए देख रहे हैं. मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि हम सभी के घरों में महिलाएं बहनें और माताएं होती हैं. इसलिए अगर महिलाओं का अपमान किया जाता है, तो कानून अपना काम करेगा.
विजय की ये टिप्पणियां उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी और बाद में थाने में जमानत पर रिहा होने के कुछ हफ्तों बाद आईं. उन पर ‘दोहरे अर्थ’ वाली टिप्पणियों से जुड़े एक मामले का आरोप था, जिसे व्यापक रूप से विजय की करीबी दोस्त और अभिनेत्री तृषा कृष्णन की ओर इशारा माना गया था.



