साहिल वाकोडे केस में आरोपी प्रोफेसर पर गिरी गाज, IIT बॉम्बे ने किया सस्पेंड
साहिल वाकोडे की मौत के बाद IIT बॉम्बे के प्रो. सूर्यनारायण डूला चर्चा में हैं. परिवार ने प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: साहिल वाकोडे की मौत के बाद IIT बॉम्बे के प्रो. सूर्यनारायण डूला चर्चा में हैं. परिवार ने प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं. IIT बॉम्बे ने डूला को निलंबित किया है.
IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की 18 सितंबर 2026 को हुई मौत के बाद प्रो. सूर्यनारायण डूला का नाम चर्चा में है. डूला IIT बॉम्बे के ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर हैं. वह पावर सिस्टम, स्मार्ट ग्रिड और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में रिसर्च करते हैं.
वाकोडे से जुड़ी मिड सेमेस्टर परीक्षा के दौरान वह कोर्स इंस्ट्रक्टर और इनविजिलेटर थे. छात्र की मौत के बाद परिवार ने प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए, जबकि IIT बॉम्बे ने इन आरोपों से अलग परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अपनी जानकारी दी है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और IIT बॉम्बे ने डूला को निलंबित कर दिया है. छात्रों के 18 सूत्रीय मांगपत्र पर IIT बॉम्बे के डायरेक्टर ने सिग्नेचर कर दिए हैं.
IIT बॉम्बे में क्या जिम्मेदारी निभाते हैं डूला?
प्रो. सूर्यनारायण डूला IIT बॉम्बे के ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग (DESE) में प्रोफेसर हैं. वह संस्थान से एक दशक से ज्यादा समय से जुड़े हुए हैं. उनका अकादमिक काम पावर सिस्टम, स्मार्ट ग्रिड, माइक्रोग्रिड, रिन्यूएबल एनर्जी के एकीकरण, कन्वर्टर कंट्रोल और ऊर्जा दक्षता जैसे विषयों से जुड़ा है.
डूला ने साल 2000 में नागार्जुन विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में BTech किया. इसके बाद उन्होंने 2002 में IIT बॉम्बे से एनर्जी सिस्टम इंजीनियरिंग में MTech और 2007 में IIT दिल्ली से पावर सिस्टम में PhD की. IIT बॉम्बे में आने से पहले वह बेंगलुरु की Power Research and Development Consultants और हैदराबाद की Machine 2 Machine में काम कर चुके हैं.
साहिल वाकोडे मामले में कैसे आया नाम?
18 सितंबर को 20 वर्षीय IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत हुई. IIT बॉम्बे के अनुसार, मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान वाकोडे पर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने और प्रश्नपत्र को आंसर पाने के लिए AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने का आरोप था.
इस परीक्षा में प्रो. डूला कोर्स इंस्ट्रक्टर और इनविजिलेटर थे. संस्थान के अनुसार, परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितता की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में भी उनकी भूमिका रही.
IIT बॉम्बे का कहना है कि घटना के बाद डूला और विभागाध्यक्ष ने छात्र की काउंसलिंग की थी. संस्थान के मुताबिक उन्हें यह भी बताया गया था कि परीक्षा से जुड़ी घटना का उनके अकादमिक करियर पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा. IIT बॉम्बे के अनुसार, उनकी मौत से पहले उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं हुई थी.
परिवार ने लगाए आरोप
साहिल वाकोडे के परिवार ने प्रो. डूला समेत कुछ लोगों पर प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए. परिवार की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. मामले में डूला का नाम भी शामिल है. इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है. इसलिए लगाए गए आरोपों और जांच के अंतिम निष्कर्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है.
छात्र प्रदर्शन के बाद निलंबन
वाकोडे की मौत के बाद IIT बॉम्बे कैंपस में छात्रों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी छात्रों ने डूला के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग की. 20 सितंबर को IIT बॉम्बे के निदेशक प्रो. शिरीष केदारे ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की. इस दौरान छात्रों की 18 सूत्रीय मांगों के चार्टर पर हस्ताक्षर किए गए. इनमें डूला के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी शामिल थी. इसके बाद 20 सितंबर की शाम IIT बॉम्बे ने प्रो. डूला को निलंबित कर दिया.
फैकल्टी फोरम ने किया समर्थन
IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने डूला के समर्थन में बयान जारी किया. फोरम के अनुसार, डूला परीक्षा में इनविजिलेटर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे और कथित अनियमितता सामने आने के बाद उन्होंने संस्थान की तय प्रक्रिया का पालन किया.
डूला का अकादमिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड
IIT बॉम्बे में प्रो. डूला की जिम्मेदारियां केवल पढ़ाने और रिसर्च तक सीमित नहीं रही हैं. वह हॉस्टल-6 के वार्डन रह चुके हैं और डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स के पद पर भी काम कर चुके हैं. वह JEE Advanced, UCEED और CEED जैसी परीक्षाओं के आयोजन से भी जुड़े रहे हैं. उन्हें 2021 में प्रो. एस.पी. सुखात्मे एक्सीलेंस इन टीचिंग अवॉर्ड, 2017 में IIT बॉम्बे का एक्सीलेंस इन टीचिंग अवॉर्ड और 2009 में यंग फैकल्टी अवॉर्ड मिल चुका है. उन्हें IEEE से जुड़े पुरस्कार और फेलोशिप भी प्राप्त हुई हैं.
अभी क्या है स्थिति?
21 सितंबर 2026 तक प्रो. सूर्यनारायण डूला IIT बॉम्बे से निलंबित हैं. यह कार्रवाई छात्र प्रदर्शन और संस्थान के भीतर उठी मांगों के बीच हुई है. दूसरी ओर, साहिल वाकोडे की मौत से जुड़े आरोपों की पुलिस जांच जारी है.
पूरे मामले को तीन हिस्सों में समझा जा सकता है, मिड-सेमेस्टर परीक्षा से जुड़ी घटना, परिवार की ओर से लगाए गए आरोप और पुलिस जांच, और छात्र प्रदर्शन के बाद IIT बॉम्बे की ओर से की गई संस्थागत कार्रवाई.



