बरेली में कानून का शिकंजा, 12 शातिर अपराधी आए पुलिस के रडार पर

बरेली में अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए बरेली पुलिस ने शनिवार को सबसे बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बरेली में अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए बरेली पुलिस ने शनिवार को सबसे बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया।

हत्या, डकैती, गौकशी, रंगदारी और हत्या के प्रयास जैसे संगीन मामलों में लिप्त जिले के 12 शातिर अपराधियों की क्लास-B हिस्ट्रीशीट खोल दी गई है।

SSP अनुराग आर्य के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद अब इन अपराधियों का पूरा ‘बायोडाटा’ थाने के हिस्ट्रीशीट रजिस्टर में दर्ज हो गया है। बीट सिपाही से लेकर sho तक, हर हफ्ते इनके घर दबिश देंगे। मोबाइल लोकेशन, बैंक ट्रांजैक्शन और मिलने-जुलने वालों तक पर पुलिस की नजर रहेगी।

पुलिस का दावा है कि हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद 70% अपराधी दोबारा जुर्म से तौबा कर लेते हैं। जो नहीं मानेंगे, उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और NSA की कार्रवाई होगी।

1. भमोरा: अपराध का गढ़, 4 नाम HS लिस्ट में
थाना भमोरा पुलिस ने सबसे ज्यादा कार्रवाई की। सुरकेश पर रंगदारी और जानलेवा हमले के 17 मुकदमे हैं। मैकूलाल उर्फ माइकल वाहन चोरी का मास्टरमाइंड है, इस पर 9 केस दर्ज है । नूरहसन पर चोरी के 13 और धर्मेंद्र पर डकैती समेत 8 केस दर्ज हैं। चारों लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बने थे।

2. देवरनिया: गौकशी गैंग की कमर टूटी
गौकशी के हॉटस्पॉट देवरनिया में 4 नाम शामिल किए गए। विकार अहमद और महताब पर 9-9 केस हैं। दोनों रात में गौकशी कर सुबह मुरादाबाद सप्लाई चेन चलाते थे। चन्दा महिलाओं से रेकी कराता था, उस पर 6 केस। उस्मान शाह उर्फ राजा पिकअप से मवेशी ढोता था, 6 केस दर्ज है ।

3. किला और सीबीगंज: शहरी गैंग पर वार
किला थाना क्षेत्र के आबिद उर्फ बाबू पर सट्टा व असलहा तस्करी के 4 केस, राशिद पर स्नैचिंग के 2 केस हैं। सीबीगंज के रहीश पर गौकशी के 3 केस दर्ज हैं।

4. अलीगंज: ‘दबंग’ राजवीर सिंह पर विशेष पहरा
राजवीर सिंह का नाम सबसे खतरनाक है। गौकशी, हत्या और हत्या के प्रयास के 12 मुकदमे दर्ज है । पुलिस ने इसे ‘विशेष निगरानी’ श्रेणी में रखा है। सूत्रों के अनुसार राजवीर का राजनीतिक रसूख भी है।

– कुल हिस्ट्रीशीटर: 12
– गौकशी गैंग: 7 अपराधी, 58%
– डकैती/रंगदारी/चोरी: 5 अपराधी, 42%
– कुल दर्ज मुकदमे: 96+
– सबसे ज्यादा केस: सुरकेश, 17
– सबसे संवेदनशील थाना: भमोरा, 4 HS

पुलिस रेगुलेशन के अनुसार, 3 से ज्यादा संगीन अपराधों में चालान और दोबारा अपराध की आशंका पर क्लास-B HS खोली जाती है। इसमें आरोपी का फोटो, फिंगरप्रिंट, आधार, परिवार, वाहन, मोबाइल, आय का स्रोत, रोज मिलने वाले लोगों का ब्योरा दर्ज होता है।

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया 12 अपराधियों मे से 7 आरोपी गौकशी से जुड़े हैं। ये संगठित अपराध है। भमोरा-देवरनिया बेल्ट को हमने प्राथमिकता पर लिया है। सभी SHO को निर्देश दिया है HS की हर मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज हो। इन अपराधियों पर ड्रोन और सर्विलांस से भी नजर रखी जाएगी।

जनता बेफिक्र रहे, अपराधी अब घर से निकलने से पहले 10 बार सोचेगा। सभी 12 HS की बेनामी संपत्ति की जांच शुरू होकर कुर्की की तैयारी की जायेगी.चिन्हित किये गये अपराधियों के शस्त्र लाइसेंस: चैक किये जाएगे जिनके पास लाइसेंसी हथियार हैं उनके निरस्त होंगे.

ADG जोन रमित शर्मा के निर्देश पर चल रहे ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत अगले 15 दिन में 20 और HS खोली जाएंगी। SSP ने साफ कहा – “या तो अपराध छोड़ दो, या बरेली छोड़ दो। तीसरा कोई विकल्प नहीं।”
रिपोर्ट –सुनील सक्सेना,बरेली

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