यूपी SIR में 2.89 करोड़ वोटर्स कटे, मचा सियासी बवाल!

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले SIR की देश भर में जमकर चर्चा हो रही है। आलम  ये है कि SIR को लेकर सियासत तेज है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क:बिहार विधानसभा चुनाव से पहले SIR की देश भर में जमकर चर्चा हो रही है। आलम  ये है कि SIR को लेकर सियासत तेज है।

राजनेता इसे लेकर एक दूसरे पर जमकर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। वहीं इसी बीच यूपी में हुई SIR प्रक्रिया को लेकर ऐसा खुलासा हुआ है जिसकी न सिर्फ यूपी में बल्कि पूरे देश में चर्चा हो रही है। यूपी में SIR की प्रक्रिया के बाद जारी ड्राफ्ट में 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कट गए हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

हाल में देश की जिन भी राज्यों में एसआईआर हुआ है उनमें से किसी भी इतनी बड़ी संख्या में वोट नहीं कटे हैं, जितने यूपी में कटे हैं. जिसके बाद प्रदेश की सियासत में घमासान मच गया है. चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट जारी कर दिया गया. इस लिस्ट में 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल हैं जबकि पहले यूपी की वोटर लिस्ट में 15.44 करोड़ वोटरों के नाम शामिल थे. ऐसे में इस लिहाज से एसआईआर प्रक्रिया में प्रदेश के 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कट गए हैं.

बीते दिनों में देश के जितने भी राज्यों में SIR हुए और नाम कटे उनमें सबसे ज्यादा नाम  यूपी से ही कटे हैं। आपको यह जानकार बेशक बेहद हैरानी होगी कि यूपी में वोट कटने के मामले में बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु समेत तमाम राज्यों को पीछे छोड़ दिया है. सामने आये आंकड़ों के मुताबिक यूपी में 27 अक्टूबर 2025 तक कुल 15.44 करोड़ वोटर थे.

एसआईआर में इस राज्य से 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कट गए हैं. वहीं मध्य प्रदेश में 5.74 करोड़ वोटर थे लेकिन, एसआईआर में 42.47 लाख वोटरों के नाम कट गए. छत्तीसगढ़ राज्य में कुल 2.12 करोड़ वोटरों में से 27.34 लाख वोट कटे गए. राजस्थान में 5.47 करोड़ में से 41.85 वोटरों के नाम कटे. पश्चिम बंगाल की बात करें तो यहां 7.66 करोड़ में से 58.20 वोट कट गए.

ठीक इसी तरह गुजरात, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार और लक्षदीप में भी वोटरों के नाम कटे हैं. इन आंकड़ों से साफ हैं कि उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड संख्या में मतादाता सूची से सबसे ज्यादा वोटरों के नाम कटे हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक इनमें कुछ लोग स्थानांतरित कर गए है, किसी की मृत्यु या डबल वोट होने की वजह से उनके नाम कटे हैं.

यूपी में पहले चरण में SIR प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होते ही सियासत तेज गई है और इसे लेकर तरह-तरह के आरोप लग रहे हैं। इस सूची में तकरीबन 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटे हैं.

यूपी के इन पांच मुस्लिम बहुल इलाकों में कुल 28 विधानसभा सीटें आती हैं. जिनमें 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने 11 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि सपा गठबंधन को 17 सीटों पर जीत हासिल हुई थी.

इस लिस्ट जिन जिलों में बड़ी संख्या में वोटरों के नाम कटे हैं उनमें सहारनपुर समेत मुस्लिम बाहुल्य जिले भी शामिल हैं जहां 15-19 फीसद तक वोट कट गए हैं. जिसके बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है. यूपी में एसआईआर की ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद इस तरह के आरोप लग रहे हैं कि मुस्लिम बहुल इलाकों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं. प्रदेश के 5 प्रमुख मुस्लिम बाहुल्य जिले मुरादाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फनगर, रामपुर और संभल में 15 से 19 फ़ीसद तक वोट घटे हैं. ये वो जिले हैं जहां मुस्लिम आबादी 40–50 फ़ीसद तक है और ये चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं.

यूपी में एसआईआर से पहले वोटर लिस्ट में 15.44 करोड़ वोटरों के नाम थे, जिनमें से 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कट गए हैं और अब वोटर लिस्ट में 12.55 करोड़ वोटर रह गए हैं. विरोधी दलों का आरोप हैं कि मुस्लिम बहुल इलाकों में बड़ी संख्या में वोट काटे गए हैं. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से इस मामले का संज्ञान लेकर वैध वोटों को लिस्ट में शामिल करने की मांग है.

खैर SIR में काटे गए नामों का आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में भारी असर पड़ेगा। इस सूची के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में जमकर चर्चा हो रही है।

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