गुजरात में 2050 करोड़ का महा-घोटाला? | सूरत केस में दुबई कनेक्शन, ‘जीरो टॉलरेंस’ पर उठे सवाल
गुजरात के सूरत में सामने आए कथित 2050 करोड़ रुपये के महा-घोटाले ने सियासी हलचल बढ़ा दी है... मामले में दुबई से जुड़े...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के सूरत शहर में साइबर क्राइम की एक बड़ी जांच ने पूरे देश को चौंका दिया है.. सूरत सिटी साइबर क्राइम सेल ने वडोदरा से सोमपुरी किशनपुरी गोस्वामी नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.. यह गिरफ्तारी एक छोटी शिकायत से शुरू हुई.. लेकिन जांच में यह पता चला कि यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा है.. आरोपी ने फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश का लालच देकर.. एक शिकायतकर्ता से 56 लाख 92 हजार 480 रुपये ठगे थे.. लेकिन जांच आगे बढ़ने पर दुबई में बैठे लविश चौधरी उर्फ नवाब का नाम सामने आया.. जो पहले से ही कई बड़े फ्रॉड मामलों में आरोपी है.. इस मामले ने गुजरात में साइबर अपराध, वित्तीय ठगी.. और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन पर नई बहस छेड़ दी है..
जानकारी के मुताबिक सोमपुरी गोस्वामी मूल रूप से वडोदरा के बिल गांव का रहने वाला है.. वह सिर्फ 12वीं पास है.. और पहले एक रेस्टोरेंट चलाता था.. कोविड महामारी के दौरान उसका बिजनेस ठप हो गया.. और आर्थिक तंगी बढ़ गई.. इसी दौरान राजस्थान के दीपक गोस्वामी नाम के व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई.. दीपक ने ही सोमपुरी को दुबई में बैठे लविश चौधरी से मिलवाया.. 2023 से सोमपुरी इस नेटवर्क में सक्रिय हो गया.. कुछ ही समय में वह विदेश यात्रा करके लविश का करीबी बन गया.. पुलिस के मुताबिक, सोमपुरी इंडिया में एजेंट के तौर पर काम कर रहा था.. वह लोगों को फॉरेक्स और क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश का लालच देता था.. हर महीने 5 से 6 प्रतिशत प्रॉफिट का वादा करता था..
आरोपी ने शिकायतकर्ता को BOTALPHA.ME नाम की वेबसाइट पर अकाउंट बनवाया.. और पैसे टुकड़ों-टुकड़ों में ट्रांसफर करवाए गए.. कुल 56.92 लाख रुपये ऐंठे गए.. इसके अलावा सोमपुरी ने एक्स्ट्रा गिफ्ट के रूप में TLC कॉइन का लालच भी दिया.. और कहा गया कि इस कॉइन का 2 प्रतिशत हर महीने कैश किया जा सकता है.. सोमपुरी को निवेशकों के मुनाफे पर 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था.. पुलिस का अनुमान है कि उसे हर महीने करीब 1.5 लाख रुपये कमीशन मिल रहा था.. जो लविश चौधरी के जरिए आता था.. गिरफ्तारी के बाद सोमपुरी के पास से डिजिटल सबूत.. जैसे मोबाइल, चैट्स और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड बरामद हुए हैं..
जानकारी के अनुसार लविश चौधरी इस पूरे नेटवर्क का मुख्य मास्टरमाइंड माना जा रहा है.. वह दुबई में रहता है और कई राज्यों में फ्रॉड कर चुका है.. बता दें कि ED ने पहले उसके खिलाफ कार्रवाई की थी.. ED ने फॉरेक्स ट्रेडिंग और AI-बेस्ड प्लेटफॉर्म्स जैसे Botbro, QFX, YFX, Yorker FX के नाम पर ठगी के मामले में.. 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति फ्रीज की थी.. लविश पर आरोप है कि उसने हजारों निवेशकों से सैकड़ों करोड़ ठगे.. वह मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कीम चलाता था.. जिसमें हाई रिटर्न का वादा किया जाता था.. हाल के मामलों में मध्य प्रदेश STF ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया है.. क्योंकि ठगी का अमाउंट 3200 करोड़ तक पहुंच गया है.. लविश यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है.. लेकिन अब दुबई से ऑपरेशन चला रहा है..
सूरत पुलिस की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ.. शिकायतकर्ता ने पैसे तीन बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किए थे.. NCCRP पोर्टल पर जांच करने पर पता चला कि इन अकाउंट्स के खिलाफ देशभर से 50 शिकायतें हैं.. इनमें कुल 10 करोड़ 2 लाख 76 हजार 635 रुपये के फ्रॉड ट्रांजेक्शन मिले.. इससे साफ है कि यह गैंग सिर्फ गुजरात तक सीमित नहीं था.. बल्कि पूरे देश में फैला हुआ था.. सूरत के उधना पुलिस ने एक अलग लेकिन जुड़े हुए बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है.. रूटीन वाहन चेकिंग से शुरू हुई जांच में अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड का नेक्सस सामने आया.. इसमें 2050 करोड़ रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन बताए जा रहे हैं..
वहीं इस बड़े रैकेट में 164 करंट बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल हुआ.. इनमें से 119 अकाउंट अकेले RBL बैंक के थे.. ये अकाउंट्स फर्जी टेक्सटाइल फर्म्स के नाम पर खोले गए थे.. एक फ्रंट ऑफिस ‘वसुंधरा फर्म’ के जरिए यह काम होता था.. पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.. एक महिला समेत दो लोगों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है.. ED ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है.. इसमें क्यूबा, क्रिप्टो, हवाला.. और फॉरेक्स का कनेक्शन मिला है.. जानकारी के मुताबिक यह रैकेट में Telegram और Razor X जैसे ऐप्स का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता था..



