एक झटके में खत्म हुई जिंदगी: 37वीं मंजिल से गिरकर 2 मजदूरों की मौत

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-152 स्थित एक निर्माणाधीन टावर में गुरुवार को दर्दनाक हादसा हो गया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-152 स्थित एक निर्माणाधीन टावर में गुरुवार को दर्दनाक हादसा हो गया. 37वीं मंजिल पर काम कर रहे दो मजदूरों की सेफ्टी बेल्ट टूटने से वे नीचे गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई.

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर-152 में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया. यहां टावर नंबर-23 की 37वीं मंजिल पर काम कर रहे दो मजदूर अचानक नीचे गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही गंभीर हालत हो गई. दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह सेफ्टी बेल्ट का टूटना बताई जा रही है.

सेफ्टी बेल्ट टूटते ही 37वीं मंजिल से नीचे गिरे मजदूर

जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब एक बजे निर्माणाधीन टावर की ऊपरी मंजिल पर शटरिंग का कार्य चल रहा था. इसी दौरान 24 वर्षीय रईस उल हक और 45 वर्षीय अब्दुल समद अन्य मजदूरों के साथ काम कर रहे थे. बताया जा रहा है कि दोनों मजदूर सुरक्षा बेल्ट के सहारे ऊंचाई पर काम कर रहे थे, तभी अचानक उनकी सेफ्टी बेल्ट टूट गई. बेल्ट टूटते ही दोनों मजदूर संतुलन खो बैठे और सीधे 37वीं मंजिल से नीचे गिर गए.

चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे साथी मजदूर

हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. मजदूरों के नीचे गिरते ही वहां मौजूद अन्य श्रमिकों में हड़कंप मच गया. चीख-पुकार की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में मजदूर मौके पर पहुंचे और तत्काल दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया. हालांकि, गंभीर चोटों के कारण डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके.

पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे दोनों मृतक

मृतकों की पहचान 24 वर्षीय रईस उल हक और 45 वर्षीय अब्दुल समद के रूप में हुई है. दोनों मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी थे और वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के कुंडली गांव में किराये पर रहकर निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहे थे.

पुलिस ने शुरू की जांच, सुरक्षा मानकों की होगी पड़ताल

घटना की सूचना मिलते ही नॉलेज पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया हादसा सेफ्टी बेल्ट टूटने के कारण हुआ प्रतीत हो रहा है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि निर्माण स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं.

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