PoK में 90 मौतों ने खोली पाकिस्तान की पोल, चुनाव को भी बताया गया मजाक
MEA प्रवक्ता ने PoK में हुए लोकल चुनावों की भी आलोचना की और कहा कि चुनावी प्रक्रिया वहां की जमीनी हकीकत को छिपा नहीं सकती.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: MEA प्रवक्ता ने PoK में हुए लोकल चुनावों की भी आलोचना की और कहा कि चुनावी प्रक्रिया वहां की जमीनी हकीकत को छिपा नहीं सकती. उन्होंने कहा, “PoK में यह तथाकथित लोकल चुनाव पूरी तरह से मजाक है.”
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (PoK) में स्थिति बहुत ज्यादा खराब है. वहां पर लोगों के साथ क्रूरता की जा रही है. भारत भी वहां के हालात को लेकर चिंतित है.
भारत ने कल मंगलवार को PoK में आम लोगों पर लगातार बर्बर कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की. भारत ने कहा कि जून से अब तक कम से कम 90 आम लोगों की जान जा चुकी है और इलाके में हुए लोकल चुनावों को “पूरी तरह से मजाक” करार दिया और दिखावा बताया.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हर 2 हफ्ते में होने वाले प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे वहां आम लोगों पर हो रहे अत्याचारों के लिए पाकिस्तान सरकार को जिम्मेदार ठहराएं.
आवाज दबाने की कोशिश की जा रहीः MEA
उन्होंने कहा, “इस साल जून से अब तक, लगातार कार्रवाई में कम से कम 90 आम लोगों की जान जा चुकी है. पाकिस्तानी सरकार स्थानीय लोगों की आवाज दबाने की कोशिश में लगी है. उसने लोगों की नाराजगी का जवाब गोलियों, ब्लैकआउट, डराने-धमकाने और दबाने से दिया है, और अब एक खोखले चुनावी काम के जरिए अपनी बात मनवाना चाहती है.”
प्रवक्ता जायसवाल ने PoK में हाल ही में हुए लोकल चुनावों की भी आलोचना की और कहा कि चुनावी प्रक्रिया वहां की जमीनी हकीकत को छिपा नहीं सकती. उन्होंने कहा, “PoK में यह तथाकथित लोकल चुनाव पूरी तरह से मजाक है. सच्चाई तो पाकिस्तानी सेना की ओर से लोगों के विरोध और बेरहमी से की जा रही हत्याएं हैं. ऐसी खोखली कोशिशें नहीं हो सकतीं.”
हत्याओं के लिए इस्लामाबाद जिम्मेदारः MEA
जायसवाल ने आगे अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से वहां पर हो रहा निर्मम हत्याओं के लिए इस्लामाबाद को जिम्मेदार ठहराने की अपील की. उन्होंने कहा, “उसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, और दुनिया को वहां के मानवाधिकार पर पाकिस्तान के दिखावटी लेक्चर के नकली दिखावे को देखना चाहिए.”
जम्मू-कश्मीर से 5 अगस्त को आर्टिकल 370 हटाए जाने की सालगिरह से पहले पाकिस्तानी यूनिवर्सिटीज में शटडाउन की मांग पर जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को PoK में पाकिस्तानी सेना की ओर से मारे गए 90 लोगों के लिए इस्लामाबाद को ‘जिम्मेदार’ ठहराना चाहिए.
उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, “5 अगस्त के सवाल पर आने से पहले, हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में क्या हो रहा है. पाकिस्तानी सेना की क्रूरता में अब तक 90 लोग मारे जा चुके हैं, और दुनिया को इन ज़ुल्मों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराना चाहिए.”
कई प्रदर्शनकारी और छात्र नेता हिरासत में
जायसवाल ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी प्रतिष्ठान ने लोगों की नाराजगी का जवाब ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर, बिजली काटकर, डरा-धमकाकर और दमन करके दिया है.
अब वह एक खोखली चुनाव प्रक्रिया के जरिये अपनी वैधता साबित करने की कोशिश में लगा है. उन्होंने कहा, “अब उसे (पाकिस्तान) जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और दुनिया को मानवाधिकार के मामले पर पाकिस्तान के पाखंडी उपदेशों के खोखलेपन को समझना चाहिए.”
पाक अधिकृत कश्मीर में तथाकथित स्थानीय चुनावों के बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (जेएएसी) विरोध-प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही है. पाक की ओर से विरोध को दबाने की कोशिश की जा रही है. पिछले महीने के अंत में रावलकोट से मुजफ्फराबाद तक जेएएसी के प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जानलेवा बल प्रयोग किया, जिसमें कथित तौर पर 40 लोगों की मौत हो गई और 33 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनों के दौरान कई प्रदर्शनकारियों और छात्र नेताओं को हिरासत में भी ले लिया.
अंतरराष्ट्रीय संगठन भी हालात को लेकर चिंतित
बर्बर और हिंसक व्यवहार के लिए जेएएसी ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से आधिकारिक तौर पर अपील की है कि वे गैर-कानूनी हत्याओं की तत्काल और स्वतंत्र जांच करें. जायसवाल ने भी पाकिस्तान से सीमापार आतंकवाद के खिलाफ कड़ा कदम उठाने का आह्वान किया.
इस बीच एमनेस्टी इंटरनेशनल और कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (CPJ एशिया) समेत ह्यूमन राइट्स और प्रेस फ्रीडम ऑर्गनाइजेशन ने PoK में विरोध प्रदर्शनों के आसपास कथित सरकारी हिंसा, मीडिया पर पाबंदियों और कम्युनिकेशन शटडाउन पर गहरी चिंता जताई है. पत्रकारों के जबरन गायब होने, विदेशी मीडिया आउटलेट्स पर पाबंदियों और इंटरनेट शटडाउन पर भी चिंता जताई.



