एयर मार्शल नागेश कपूर बने भारतीय वायुसेना के नए वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ

एयर मार्शल नागेश कपूर ने 1 जनवरी 2026 को भारतीय वायुसेना के नए वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ का पदभार संभाल लिया है। इससे पहले वे साउथ वेस्टर्न एयर कमांड में एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में सेवाएं दे रहे थे।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: एयर मार्शल नागेश कपूर ने 1 जनवरी 2026 को भारतीय वायुसेना के नए वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ का पदभार संभाल लिया है। इससे पहले वे साउथ वेस्टर्न एयर कमांड में एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में सेवाएं दे रहे थे।

अपने लंबे और विशिष्ट सैन्य करियर के दौरान एयर मार्शल नागेश कपूर ने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
ऑपरेशन सिंदूर में उनकी शानदार भूमिका के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल सहित कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है। वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ के रूप में उनकी नियुक्ति से भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता और नेतृत्व को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

एयर मार्शल नागेश कपूर ने आज यानी 1 जनवरी 2026 को भारतीय वायुसेना (IAF) के नए वाइस चीफ ऑफ
एयर स्टाफ के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालने के अवसर पर उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर
दिया गया। इससे पहले एयर मार्शल नागेश कपूर गांधीनगर स्थित साउथ वेस्टर्न एयर कमांड (SWAC) में एयर
ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर कार्यरत थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों
का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

भारतीय वायुसेना में उनके लंबे अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उनकी नियुक्ति को एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे वायुसेना की रणनीतिक और परिचालन क्षमताओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

नागेश कपूर ऑपरेशन सिंदूर के ही थे. उन्हें इसके लिए विशिष्ट सेवा पदक और सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से भी सम्मानित किया गया था. नागेश कपूर ने उस ने ऐसे समय में SWAC की कमान संभाली थी, जब इंडियन एयरफोर्स पर 6-10 मई के बीच पाकिस्तानी एयर बेस पर कई हमले किए थे, जिससे पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ था. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार भूमिका निभाने के लिए एयर मार्शल कपूर को इस साल की शुरुआत में ही सर्वोत्तम युवा सेवा मेडल (Sarvottam Yudha Sewa Medal) से नवाजा गया था.

कौन हैं नागेश कपूर
एयर मार्शल नागेश कपूर ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार काम किया था. वे साल 1986 में 6 दिसंबर को फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे. वह नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं. उनके पास क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और फाइटर कॉम्बैट लीडर के तौर पर उनके पास 3400 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है.

अपने शानदार करियर के दौरान, उन्होंने कई फील्ड और स्टाफ नियुक्तियां की हैं. उनके कार्यकाल में सेंट्रल सेक्टर में एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, वेस्टर्न सेक्टर में एक फ्लाइंग बेस के स्टेशन कमांडर और एक प्रीमियर एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग शामिल हैं.

चीफ ऑफ एयर स्टाफ के तौर पर काम संभालने से पहले वह एओसी-इन-सी, एयर मार्शल, ट्रेनिंग कमांड के एओसी-इन-सी थे. उनकी विशिष्ट सेवा के लिए, एयर मार्शल को 2008 में वायु सेना पदक, 2022 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2025 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया.

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