4000 वर्ग मीटर-32 बुलडोजर-200 ट्रक मलबा… दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास रातभर बड़ा एक्शन

पुरानी दिल्ली में मौजूद फैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास का ज्यादातर अतिक्रमण एमसीडी ने हटा दिया है. मंगलवार देर रात शुरू हुई कार्रवाई बुधवार सुबह तक चलती रही. पूरी रात एक साथ पूरे इलाके में 30 ज्यादा बुलडोजर चलते रहे. इस दौरान सैकड़ों पुलिसकर्मी भी तैनात रहे. कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पत्थरबाजी भी की गई. हालांकि पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति सामान्य कर दी. ये पूरी कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई है.
फैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अलग-अलग तरह का अतिक्रमण हो रखा था. कई दुकानों तो मैरिज हॉल के अलावा भी अलग निर्माण था. मस्जिद कमेटी का दावा है कि यह उनका कब्जा है. यानी वक्फ बोर्ड की संपत्ति है. हालांकि समिति के पास इस कब्जे को लेकर कोई भी कागज नहीं थे, जिसके बाद नोटिस जारी हुआ और देर रात बुलडोजर एक्शन किया गया.
पुरानी दिल्ली में पूरी रात क्या-क्या हुआ?
-एमसीडी की तरफ से मंगलवार देर रात यह कार्रवाई शुरू की गई. रात करीब एक बजे मस्जिद के आस-पास बुलडोजर जमा हो गए. इसके साथ ही भारी पुलिस बल भी तैनात किया रहा.
एमसीडी की तरफ से जैसे ही अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई. वहां मौजूद लोगों ने पहले तो नारेबाजी शुरू की. हालांकि इसके बाद कार्रवाई जारी रही.
नारेबाजी के बीच में लोगों ने एमसीडी की टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. पुलिस ने तुरंत मौके पर ही आंसू गैस के गोले छोड़कर पूरी स्थिति पर काबू किया.इस पत्थरबाजी के कारण 6 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं.
पत्थरबाजी और नारेबाजी के बाद भी पूरी रात एक साथ 30 से ज्यादा बुलडोजर चलते रहे. पूरे कब्जे में से अब तक 36000 स्क्वायर फिट कब्जा खाली करा लिया गया है. अधिकारियों की मानें तो अभी 20 प्रतिशत से ज्यादा अतिक्रमण बचा हुआ है, जिसे जल्द ही हटाया जाएगा.
रातभर चले बुलडोजर के कारण पूरे इलाके में अब तक 200 ट्रक से ज्यादा मलबा एकत्रित हो गया है. अधिकारियों की मानें तो इसे हटाने में ही अभी 4 दिनों का समय लगेगा.
एमसीडी के अधिकारियों ने इस कार्रवाई को लेकर कहा कि अभी यह जारी रहेगी. पूरी होने के बाद मस्जिद कमेटी को उनकी जमीन पर दीवाल बनाने को कहा जाएगा. इसके बाद सारी जमीन एमसीडी अपने कब्जे में कर लेगी.
पत्थरबाजी की घटना के बाद इलाके को अलग-अलग जॉन में बांट दिया गया था. ताकि पूरी स्थिति पर नजर रखी जा सके. 9 डीएसपी रैंक के अधिकारियों को ही इन जॉन की जिम्मेदारी दी गई थी. सभी संवेदनशील प्वाइंट्स पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था.
डिमोलिशन ड्राइव के बीच दिल्ली पुलिस से काफी दिन पहले ही सिक्योरिटी मांगी गई थी.इसके बाद दिल्ली पुलिस ने इलाके के लोगों के साथ कई राउंड मीटिंग की थी. इसके बाद भी हुई पत्थरबाजी की घटना से पुलिस हैरान है. पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि जिन लोगों ने पत्थरबाजी की है सीसीटीवी की मदद से उनकी पहचान की जाएगी.
दिल्ली पुलिस के पास पथराव और पत्थरबाज़ों के 100 से ज्यादा वीडियो और सीसीटीवी फुटेज हैं. अब तक दिल्ली पुलिस ने पथराव के आरोप में 10 लोगों को हिरासत में लिया है.



