संभल हिंसा पर कानूनी मोड़: अदालत का FIR आदेश, SP बोले—अपील करेंगे

संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि पुलिस अदालत के आदेश को चुनौती देगी.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश स्थित संभल जिले के चंदौसी स्थित एक अदालत ने संभल हिंसा मामले में तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनुज चौधरी, तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर तथा अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है.

हालांकि, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रशासन इस आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगा. संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि पुलिस अदालत के आदेश को चुनौती देगी. उन्होंने कहा, ‘अपील दायर की जाएगी और प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी, क्योंकि मामले में न्यायिक जांच पहले ही हो चुकी है.’ सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में भी संभल पुलिस के आधिकारिक अकाउंट से लिखा गया- न्यायालय द्वारा दिये गए आदेश के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में अपील की जाएगी.

अनुज चौधरी के खिलाफ क्या है मामला?
सीओ अनुज चौधरी के खिलाफ यह आदेश मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) विभांशु सुधीर ने नौ जनवरी
को हिंसा में घायल हुए एक व्यक्ति के पिता द्वारा दायर उस याचिका पर पारित किया जिसमें आरोप लगाया गया था कि उनके बेटे को पुलिस ने गोली मारी थी.शिकायत के अनुसार, नखासा थाना क्षेत्र के खग्गू सराय इलाके के निवासी यामीन ने आरोप लगाया कि उनका 24 वर्षीय बेटा आलम 24 नवंबर 2024 को पापड़ बेचने के लिए निकला था और शाही जामा मस्जिद के पास पुलिसकर्मियों ने उसे गोली मार दी.

शिकायतकर्ता ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, तत्कालीन थाना प्रभारी अनुज तोमर और 10-12 अज्ञात पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया.सुनवाई के बाद अदालत ने नौ जनवरी को सभी आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया. अधिवक्ता चौधरी अख्तर हुसैन साजेब ने बताया कि घायल युवक ने पुलिस से छिपकर इलाज कराया था और अदालत ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की याचिका स्वीकार कर ली है.

अनुज चौधरी अभी कहां तैनात हैं?
अनुज चौधरी वर्तमान में फिरोजाबाद में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पद पर तैनात हैं, जबकि अनुज तोमर वर्तमान में संभल जिले की चंदौसी कोतवाली के प्रभारी हैं.यह विवाद पिछले साल 19 नवंबर को उस समय शुरू हुआ था, जब वकील हरि शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन सहित हिंदू याचिकाकर्ताओं ने संभल जिला अदालत में एक मुकदमा दायर कर दावा किया था कि शाही जामा मस्जिद पहले से मौजूद हरिहर नाथ मंदिर के ऊपर बनाई गई है.

उसी दिन अदालत के आदेश पर एक सर्वेक्षण कराया गया था, जिसके बाद 24 नवंबर को दूसरा सर्वेक्षण किया गया.दूसरे सर्वेक्षण के बाद संभल में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में 12 प्राथमिकी दर्ज की हैं, जिनमें सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क और मस्जिद कमेटी के प्रमुख जफर अली समेत कई राजनीतिक हस्तियों सहित 2,000 से अधिक लोगों के नाम शामिल हैं.

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