गजब! मालेगांव में BJP-कांग्रेस का गठबंधन, AIMIM को हटाने की तैयारी से सियासी हलचल
महाराष्ट्र के मालेगांव में मेयर चुनाव से पहले राजनीति ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है... एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाने वाले बीजेपी...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से एक अनोखा.. और चौंकाने वाला घटनाक्रम देखने को मिल रहा है.. जहां आमतौर पर बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे के सबसे कट्टर विरोधी माने जाते हैं.. वहीं मालेगांव नगर निगम में दोनों दलों ने मिलकर एक गठबंधन बनाया है.. इसका नाम ‘भारतीय विकास आघाड़ी’ रखा गया है.. इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य ओवैसी की पार्टी AIMIM को सत्ता से दूर रखना है.. यह घटना स्थानीय स्तर पर बड़ा उलटफेर है.. क्योंकि मालेगांव मुस्लिम बहुल शहर है.. और यहां AIMIM मजबूत मानी जाती है.. लेकिन हाल के नगर निगम चुनाव में एक नई पार्टी ISLAM पार्टी सबसे बड़ी बनकर उभरी है..
आपको बता दें कि मालेगांव महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित एक औद्योगिक शहर है.. यहां की आबादी लगभग 5 लाख है.. जिसमें 78 फीसदी से ज्यादा मुसलमान हैं.. शहर पावरलूम और बुनाई उद्योग के लिए प्रसिद्ध है.. यहां गरीबी, बिजली-पानी की समस्या.. और रोजगार के मुद्दे प्रमुख हैं.. राजनीतिक रूप से मालेगांव हमेशा से मुस्लिम वोट बैंक का गढ़ रहा है.. पहले कांग्रेस यहां मजबूत थी.. लेकिन हाल के वर्षों में AIMIM ने अपनी जड़ें मजबूत की.. 2026 के महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव 15-16 जनवरी को हुए थे.. पूरे राज्य में 29 नगर निगमों में चुनाव हुए.. जहां महायुति (बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी) ने बड़ी जीत हासिल की.. लेकिन मालेगांव में अलग तस्वीर थी..
बता दें कि मालेगांव नगर निगम में कुल 84 सीटें हैं.. चुनाव नतीजे 16-17 जनवरी को आए.. यहां ISLAM पार्टी (Indian Secular Largest Assembly of Maharashtra) ने 35 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी.. यह पार्टी 2024-25 में पूर्व विधायक आसिफ शेख (पूर्व NCP) ने बनाई थी.. पार्टी का मुख्य फोकस पावरलूम उद्योग को बचाना.. बुनकरों को बिजली-पानी जैसी सुविधाएं देना और स्थानीय विकास है.. AIMIM को 21 से 26 सीटें मिलीं (विभिन्न रिपोर्ट्स में थोड़ा अंतर).. एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 18 सीटें मिलीं.. कांग्रेस को सिर्फ 3 और बीजेपी को 2 सीटें मिलीं.. बहुमत के लिए 43 सीटें जरूरी हैं..
आपको बता दें कि चुनाव के बाद सत्ता गठन की जोड़-तोड़ शुरू हुई.. ISLAM पार्टी बहुमत के करीब थी, लेकिन अकेले बहुमत नहीं था.. समाजवादी पार्टी के 5 पार्षदों के साथ मिलाकर ISLAM के पास 40 सीटें हो गईं.. लेकिन 43 के लिए और समर्थन चाहिए था.. यहां AIMIM ने ISLAM को समर्थन देने की बात की.. AIMIM विधायक मुफ्ती मोहम्मद खलीक ने कहा कि हमने ISLAM पार्टी से बात की.. और शहर के विकास के लिए समझौता किया है.. यह गठबंधन स्थिर सरकार देगा.. इस गठबंधन से ISLAM को 61 सीटें हो जातीं.. जो मजबूत बहुमत था.. मेयर पद इस बार सामान्य महिला श्रेणी के लिए आरक्षित था.. इसलिए आसिफ शेख की भाभी नसरीन शेख को मेयर बनने की संभावना थी..



