निर्मला के बजट पढ़ते ही बाजार में भूचाल, सोना-चांदी धड़ाम, शेयर बाजार क्रैश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किए जाने के साथ ही बाजार में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गिरावट… गिरावट और गिरावट.. बीते तीन दिन से सोना-चांदी की कीमतों के क्रैश होने का सिलसिला जारी है.. इन तीन कारोबारी दिनों में ही चांदी करीब 1.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है.. तो दूसरी ओर सोने का भाव भी संभल नहीं पा रहा है.. और हर रोज भर-भराकर टूट रहा है.. रविवार को बजट वाले दिन पर भी बाजार खुलते ही सिल्वर प्राइस 27000 रुपये का गोता लगा गया.. जबकि Gold Rate में भी करीब 9 फीसदी की गिरावट आई और ये 13000 रुपये से ज्यादा सस्ता हो गया.. आपको बता दें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सदन में बजट पढ़ रही थीं.. और इधर बाजार में हाहाकार मचा हुआ था.. सोना चांदी अपने ऐतिहासिक बढ़त के बाद औंधे मुंह गिर गए.. जिससे निवेशकों का करीब 16 लाख करोड़ का नुकसान हो गया..

आपको बता दें कि सोना चांदी के बढ़ते रेट को देखते हुए तमाम निवेशकों ने खूब सारा पैसा सोने और चांदी में निवेश कर दिया था.. लेकिन मार्केट के धड़ाम होते ही.. निवेशकों को तगड़ा झटका लगा है.. और उनका तमाम नुकसान हो गया है.. बता दें कि भारत में सोने और चांदी की कीमतों में पिछले तीन कारोबारी दिनों से लगातार गिरावट देखी जा रही है.. वहीं यह गिरावट इतनी तेज है कि चांदी अपने हालिया उच्च स्तर से करीब 1.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई है.. सोने का भाव भी हर दिन भारी गिरावट झेल रहा है.. 1 फरवरी 2026 को यूनियन बजट पेश होने के दिन बाजार खुलते ही सोने-चांदी में भारी बिकवाली हुई.. चांदी के भाव में 27,000 रुपये तक की गिरावट आई..

जबकि सोने में लगभग 9% की गिरावट दर्ज की गई.. और यह 13,000 रुपये से ज्यादा सस्ता हो गया.. इस क्रैश ने न सिर्फ निवेशकों को परेशान किया है.. बल्कि मेटल सेक्टर के शेयरों और ईटीएफ में लोअर सर्किट लग गए हैं.. साथ ही, बजट में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ाने के ऐलान ने शेयर बाजार को जोरदार झटका दिया.. सेंसेक्स 2300 अंकों से ज्यादा गिरा और निफ्टी में 500 अंकों की गिरावट आई..

आपको बता दें कि सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट पिछले सप्ताह से शुरू हुई.. गुरुवार को चांदी ने एमसीएक्स पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली फ्यूचर्स में 4 लाख 20 हजार 48 रुपये प्रति किलोग्राम के नए जीवनकाल उच्च स्तर को छुआ था.. वहीं यह पहली बार था जब चांदी 4 लाख के पार गई.. लेकिन अगले ही दिन यानी शुक्रवार को भारी बिकवाली शुरू हो गई.. चांदी 1.28 लाख रुपये की गिरावट के साथ 2 लाख 91 हजार 922 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई.. रविवार को भी यह सिलसिला जारी रहा.. और चांदी का भाव 2 लाख 65 पैंसठ 652 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर गया.. कुल मिलाकर तीन दिनों में चांदी अपने उच्च स्तर से 1 लाख 54 हजार 396 रुपये तक सस्ती हो गई..

वहीं सोने की स्थिति भी लगभग वैसी ही है.. गुरुवार को सोने का भाव 1 लाख 93 हजार 96 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंचा.. उसके बाद गिरावट शुरू हुई.. और बजट दिन पर भी जारी रही.. तीन दिनों में सोना 54 हजार 462 रुपये टूटकर 1 लाख 38 हजार 634 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया.. बता दें कि 1 फरवरी को एमसीएक्स पर सोने का भाव 9 फीसदी गिरकर 1 लाख 43 हजार 205 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा.. और इंट्रा-डे में 1 लाख 36 हजार 185 रुपये तक गिरा.. वैश्विक बाजार में भी सोना और चांदी में भारी बिकवाली देखी गई.. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी 26 फीसदी गिरकर 85.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.. जबकि सोने में भी बड़ी गिरावट आई..

वहीं इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं.. जिसमें सबसे पहले वैश्विक स्तर पर मजबूत अमेरिकी डॉलर.. और अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीतियों का असर.. निवेशक हाल के महीनों में रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंची कीमतों पर लाभ बुकिंग कर रहे थे.. इसके अलावा, यूनियन बजट 2026 में सोने-चांदी पर आयात शुल्क में बदलाव की अटकलें चलीं.. कुछ जानकारों का कहना था कि बजट में सोने पर कस्टम ड्यूटी कम हो सकती है.. जिससे घरेलू कीमतों पर दबाव आया.. हालांकि बजट में ऐसा कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ.. लेकिन बाजार में पहले से बिकवाली का दबाव था..

जानकारी के अनुसार सोने और चांदी की गिरावट का असर सिर्फ भौतिक बाजार तक सीमित नहीं रहा.. मेटल सेक्टर के शेयरों में भी भारी गिरावट आई.. वेदांता के शेयर 10 फीसदी गिरे, हिंदुस्तान जिंक 10 फीसदी, हिंदुस्तान कॉपर 18 फीसदी से ज्यादा, हिंदाल्को 7 फीसदी और हिंदुस्तान एल्युमिनियम 5 फीसदी तक गिरे.. सिल्वर ईटीएफ और गोल्ड ईटीएफ में भी 11 फीसदी की गिरावट आई.. निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ और निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ में लोअर सर्किट लग गया.. एमसीएक्स के शेयर भी 10 फीसदी गिरकर 2 लाख 145 रुपये 25 पैसे पर पहुंचे.. जो यह दिखाता है कि निवेशक मेटल से जुड़े सभी एसेट्स से दूर भाग रहे हैं..

आपको बता दें कि 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2026-27 पेश किया.. भाषण की शुरुआत में आईटी सेक्टर को मदद देने का ऐलान हुआ.. जिसमें टैक्स राहत औक इंसेंटिव शामिल है.. इससे शेयर बाजार में अचानक तेजी आई.. सेंसेक्स और निफ्टी में कुछ मिनटों के लिए उछाल देखा गया.. लेकिन यह तेजी ज्यादा देर नहीं टिकी.. वित्त मंत्री ने F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ाने का ऐलान किया.. ऑप्शन प्रीमियम पर STT 0.1 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया गया.. फ्यूचर्स पर STT 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया गया.. वहीं इस ऐलान के साथ ही बाजार चंद सेकंडों में बिखर गया.. और मार्केट में हाहाकार मच गया..

वहीं सेंसेक्स भी 2300 अंकों से ज्यादा गिर गया.. और निफ्टी में 500 अंकों की गिरावट आई.. इंट्रा-डे में सेंसेक्स 2800 अंकों तक गिरा.. और निफ्टी 25 हजार से नीचे चला गया.. हालांकि निचले स्तर से कुछ सुधार हुआ..  लेकिन बाजार में भारी नुकसान हुआ.. कैपिटल मार्केट के शेयरों में लोअर सर्किट लगे.. बीएसई और एंजल वन के शेयर 10 फीसदी गिरे, ग्रो के शेयर 11 फीसदी तक गिरे..

 

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