नरवणे की किताब को लेकर नहीं थमी रार

लोकसभा के अंदर व बाहर जारी रहा तकरार

कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने किए प्रहार, भाजपा ने भी किया पलटवार

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पूर्व सेना अधिकारी नरवणे की किताब को लेकर आज भी लोस के अंदर व बाहर सरकार व विपक्ष में तकरार जारी रही। कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री पर जोरदार हमला किया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पीएम की लोस में आने की हिम्मत नहीं हो रही है। तो वहीं प्रियंका गांधी ने लोकसभा में विपक्ष के आठ सांसदों के निलंबन की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र का मूलभूत मुद्दा बताया और सत्तारूढ़ एनडीए पर संसद में असहमति और बहस को दबाने का आरोप लगाया। इन सबके बीच भाजपा ने भी कांग्रेस व राहुल गांधी परपलटवार करते हुए उन्हें झूठा करार दिया।

बहस से क्यों डरते हैं पीएम : प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के आठ सांसदों के निलंबन की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र का मूलभूत मुद्दा बताया और सत्तारूढ़ एनडीए पर संसद में असहमति और बहस को दबाने का आरोप लगाया। पत्रकारों से निलंबन के बारे में बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि संसदीय सत्रों के दौरान ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं और आरोप लगाया कि विपक्ष, विशेष रूप से विपक्ष के नेता को जानबूझकर बोलने से रोका जा रहा है। आप हर सत्र में ऐसा होते देखते हैं। अब तो वे इसे और भी ज्यादा कर रहे हैं, उन्होंने कहा। यह सिर्फ विपक्ष के नेता को बोलने न देने का मामला नहीं है; यह लोकतंत्र और संसद के कामकाज का एक मूलभूत मुद्दा है। संसद लोकतंत्र का मंदिर है। अगर कोई अपने विचार रखता है तो इसमें क्या समस्या है? वे इस बात से डरते हैं कि इसका क्या नतीजा निकलेगा, उन्होंने एएनआई को बताया।कांग्रेस सांसद ने पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब का भी जिक्र किया, जिसके बारे में उन्होंने दावा किया कि उसे प्रकाशित नहीं होने दिया गया, क्योंकि उसमें सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के तरीके से संबंधित आलोचनात्मक सामग्री थी। उन्होंने किताब के प्रकाशन की अनुमति नहीं दी। जहाँ तक मुझे पता है, किताब में ऐसी बातें हैं जो संकट के समय प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और हमारे शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया को दर्शाती हैं।

 

राहुल गांधी विपक्ष के झूठेनेता : रामचंद्र राव

तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस दावे की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें संसद में बोलने से रोका गया था। एएनआई से बात करते हुए, तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि राहुल गांधी की आदत बन गई है कि वे झूठे दावे करते हैं, भारत के लोकतंत्र पर सवाल उठाते हैं और भारतीय सशस्त्र बलों का अपमान करते हैं। राव ने कहा कि राहुल गांधी की आदत बन गई है कि वे झूठे दावे करते हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है, साथ ही हमारे लोकतंत्र पर सवाल उठाते हैं और हमारे सशस्त्र बलों का अपमान करते हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी राहुल गांधी के नक्शेकदम पर चल रहे हैं। राज्य भाजपा अध्यक्ष ने आगे दावा किया कि गांधी संसद में जनहित के मुद्दों को उठाने के अपने कर्तव्य को भूल गए हैं। राव ने आगे कहा कि पक्षपात के नेता के रूप में, वे सार्वजनिक मुद्दों को उठाने के अपने कर्तव्य को भूल गए हैं। लोग उन्हें सशस्त्र बलों और राष्ट्र का अपमान करते हुए देखते हैं, फिर भी वे कहते हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। यह कितनी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, जहाँ एक झूठा व्यक्ति पक्षपात का नेता बन गया है।

नाजुक समय में जिम्मेदारी लेने में विफल रहे पीएम मोदी : राहुल गांधी

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को चीन के साथ लद्दाख गतिरोध से निपटने के तरीके को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने एक नाजुक समय में जिम्मेदारी लेने में विफल रहे और सेना नेतृत्व को अकेला छोड़ दिया। गांधी ने कहा, जो उचित समझो वो करो। संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए, गांधी ने जनरल नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों की एक प्रति दिखाई और कहा कि वह लोकसभा में प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से यह पुस्तक सौंपने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि पुस्तक की सामग्री लद्दाख संकट के दौरान सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में सच्चाई उजागर करती है। गांधी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री में आज लोकसभा आने की हिम्मत होगी, क्योंकि अगर वह आते हैं, तो मैं उन्हें यह पुस्तक सौंपने जा रहा हूं। अगर प्रधानमंत्री आते हैं, तो मैं स्वयं जाकर उन्हें यह पुस्तक सौंपूंगा ताकि वे इसे पढ़ सकें और देश को सच्चाई पता चल सके। पूर्व सेना प्रमुख के वृत्तांत का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता ने इस बात पर जोर दिया कि पुस्तक में लद्दाख की घटनाओं का विस्तृत वर्णन है और इसे व्यापक रूप से पढ़ा जाना चाहिए, विशेषकर भारत के युवाओं द्वारा। उन्होंने कहा कि भारत के हर युवा को यह पुस्तक देखनी चाहिए। यह श्री नरवणे की पुस्तक है। उन्होंने इस पुस्तक में लद्दाख का पूरा विवरण दिया है। मुझे बताया गया है कि मैं इस पुस्तक का हवाला नहीं दे सकता। गांधी ने पुस्तक में वर्णित मुख्य घटना का वर्णन किया, जो कैलाश रिज क्षेत्र में चीनी सैनिकों और टैंकों की आवाजाही से संबंधित है।

देवेंद्र फडणवीस पर भडक़ेशरद पवार, कहा-उनसे कोई चर्चा नहीं

बोले पूर्व सीए- एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय पर चर्चा अजीत और जयंत के बीच हुई थी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय पर चर्चा अजीत पवार और जयंत पाटिल के बीच हुई थी, न कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ। पवार ने सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर भी खुशी व्यक्त की।
बारामती में पवार ने कहा कि मुझे खुशी है कि सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। विलय को लेकर अजीत पवार और जयंत पाटिल के बीच चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री फडणवीस इन चर्चाओं में शामिल नहीं थे। न्हें इस बारे में बोलने का क्या अधिकार था? उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल हमारा पूरा ध्यान सभी की देखभाल करने और शोक संतप्त लोगों के साथ मिलकर आगे बढऩे पर है। अभी तक किसी भी राजनीतिक फैसले पर कोई चर्चा नहीं हो रही है।इसके अलावा, पवार ने कहा कि पारिवारिक घटना के कारण वे 58 वर्षों में पहली बार बजट दिवस पर संसद में उपस्थित नहीं हो सके और उन्होंने चिंता व्यक्त की कि केंद्रीय बजट आम लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। पवार ने कहा, चाहे महाराष्ट्र विधानसभा हो या देश की लोकसभा, मैं पिछले 58 वर्षों से सदस्य रहा हूं। इन सभी 58 वर्षों में, मैं कभी भी बजट दिवस पर संसद से अनुपस्थित नहीं रहा। दुर्भाग्य से, मेरे परिवार में हुई एक घटना के कारण, मैं इस बार बजट दिवस पर संसद में उपस्थित नहीं हो सका। हालांकि, मैंने जो कुछ भी पढ़ा है, उससे मुझे दो-तीन समस्याएं नजर आ रही हैं।
एक नए प्रकार का कर लागू किया गया है, जिससे आम लोगों को परेशानी होने की संभावना है। इस बजट से विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद थी

ऑनलाइन गेम ने ली तीन बहनों की जान

गाजियाबाद में दिल दहलाने वाली वारदात, नौवें मंजिल से कूदीं सगी बहनें
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गाजियाबाद। गाजियाबाद में तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों को कोरियन ऑनलाइन गेम की लत लगी हुई थी, जिसका नाम है कोरियन लवर गेम, जो कि वे तीनों पिछले 5 साल से खेल रही थीं।
कोरोना काल में इस गेम को खेलने की शुरुआत की थी और ये एक टास्क बेस्ड गेम था। तीनों इस गेम से इतनी प्रभावित थीं कि उन्होंने अपने नाम भी कोरियन रख लिए थे। इस गेम में 14 साल की बीच वाली बहन बॉस थी, जो अपनी दोनों बहनों को भी टास्क देती थी, इसी के चलते तीनों बहन हर काम साथ करती थीं, रोजमर्रा के काम भी, जैसे खाना, सोना और छोटे-मोटे घर के काम करना, ये जानकारी भी सामने आई है कि तीनों बहनें ये शक नहीं होने देती थीं कि वह किसी टास्क के तहत ये काम कर रही हैं। वहीं इस मामले में एक चश्मदीद भी सामने आया है जिसने बताया है कि बड़ी लडक़ी कूदने की कोशिश कर रही थी और दोनों छोटी बहनें उसे रोक रही थीं। इसी बीच तीनों बहनें नीचे गिर गईं। सवाल ये भी ये भी है कि क्या सुसाइड भी इसी टास्क के तहत किया गया। लड़कियों ने सुसाइड करने के पहले कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था और उसके बाद तीनों बारी बारी से खिडक़ी से नीचे कूदीं। जब लड़कियां नीचे गिरीं तो आवाज इतनी तेज आई कि सोसाइटी के तमाम लोग और सिक्योरटी गार्ड भागे, जब घरवाले कमरे का दरवाजा तोडक़र अंदर पहुंचे तब तक लड़कियां नीचे कूद चुकी थीं। ये भी बात सामने आ रही है कि तीनों बच्चियां 2 साल से स्कूल नहीं जा रही थीं, पिता ट्रेडिंग का काम करते थे, घर की माली हालत भी ठीक नहीं थी।

बेटियों ने पिता से कही थी ये बात

पिता ने इस मामले में बताया कि बेटियां कहती थीं कि सॉरी हम कोरिया नहीं छोड़ सकते। कोरिया हमारी जिंदगी और जान हैं, हम उसे नहीं छोड़ सकते। सुसाइड नोट में बहनों ने लिखा है कि पापा सॉरी, आंखों में आंसू लिए पिता ने हर मां-बाप से गुजारिश की कि वे अपने बच्चों को गेम से दूर रखें, वे कहते हैं कि ये बहुत बुरा हुआ. हालांकि पिता ने ये भी बताया कि गेम का लिंक कोरिया से आया था।

अजित पवार का आखिरी फोन कॉल वायरल

एनसीपी ने प्लेन क्रैश से पहले बातचीत का ऑडियो किया जारी
उड़ान भरने से पहले पार्टी के सदस्य श्रीजीत पवार से बात की थी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने पिछले हफ्ते प्लेन क्रैश में मौत से पहले अजित पवार की आखिरी फोन बातचीत का ऑडियो जारी किया है। अजित पवार ने मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भरने से पहले पार्टी के सदस्य श्रीजीत पवार से बात की थी।
अपनी आखिरी बातचीत में अजित पवार ने एकता और समानता का संदेश दिया, जिसमें सभी धर्मों और जातियों को साथ लेकर चलने की जरूरत पर जोर दिया गया। उस कॉल के बारे में बताते हुए श्रीजीत पवार ने कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में प्यार से दादा कहे जाने वाले अजित पवार को एक मैसेज भेजा था और जैसे ही वह नेटवर्क कवरेज एरिया में आए उन्होंने उन्हें फोन किया। उन्होंने बताया, अजित दादा और मैं एक ही गांव के हैं। मैंने उन्हें एक खास मामले में मैसेज भेजा था। नेटवर्क मिलते ही उन्होंने मुझे कॉल किया। उन्होंने कहा कि हम सभी जातियों और धर्मों को साथ लेकर चल रहे हैं।ऑडियो को पब्लिक करने की वजह यह है कि पवार के पास एक मैसेज था जो पार्टी का मानना है कि जनता तक पहुंचना चाहिए। श्रीजीत पवार ने कहा, यह इस ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग को सभी के ध्यान में लाने की कोशिश है ताकि महाराष्ट्र को पता चल सके कि अजीत दादा के आखिरी सांस तक क्या विचार थे।
ऑडियो क्लिप में ये है?
अजित पवार : हम सभी जातियों और धर्मों को साथ लेकर चलते हैं।
श्रीजीत पवार: नहीं, दादा, मैंने तो बस वही कहा जो मुझे लगा।
अजित पवार: सुपे ग्रुप से जिला परिषद में माली समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया गया है। हमने सभी को न्याय देने की कोशिश की है।
श्रीजीत पवार: हां, दादा, आपको जो भी फैसला सही लगे, वह लें।

गरीबों पर बुलडोजर, अमीरों पर मेहरबानी

नगर निगम जोन-1 का अतिक्रमण अभियान पर सवाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम जोन-1 में चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान अब ज़ोनल अधिकारी के लिए किसी काल से कम नहीं बनता जा रहा है। हालात यह हैं कि हर दूसरे दिन ज़ोनल अधिकारी या तो खुद सडक़ों पर उतरकर ठेले-गुमटियों का सामान उठवाते नजर आते हैं या फिर बुलडोजर की मदद से अवैध रूप से सडक़ पर रखी दुकानों को हटवाते हैं।
इस सख्ती की वजह भी साफ है- नगर निगम जोन-1 में जाम की समस्या सबसे अधिक है। निगम की हर बैठक में अतिक्रमण को लेकर सबसे ज्यादा सवाल इसी जोन से उठते हैं। नतीजा यह कि ज़ोनल अधिकारी को लगभग रोज़ अभियान चलाना पड़ता है और इसका खामियाजा झेलते हैं वे गरीब दुकानदार, जो सडक़ किनारे छोटी-मोटी दुकान लगाकर अपने परिवार का पेट पालते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर निगम के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है? क्या इन गरीब दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन नहीं बनाए जा सकते, ताकि न सडक़ जाम हो और न ही किसी का रोजगार छिने कोई गाडिय़ों के शॉकर बनाकर रोज़ी कमा रहा है, कोई हॉर्न ठीक कर रहा है, लेकिन कार्रवाई के बाद ये लोग आखिर जाएं तो जाएं कहां हैरानी की बात यह है कि नगर निगम मुख्यालय के ठीक बगल में बनी कार एक्सेसरीज़ की बड़ी-बड़ी दुकानें खुलेआम सडक़ पर गाडिय़ां खड़ी कर कारोबार करती हैं। वहीं महापौर, नगर आयुक्त से लेकर तमाम अपर नगर आयुक्त अधिकारी रोज़ मौजूद रहते हैं, फिर भी इन दुकानों पर कार्रवाई नहीं होती।

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