युमनाम खेमचंद सिंह बने मणिपुर के नए मुख्यमंत्री, कुकी-नगा नेताओं को डिप्टी सीएम पद

युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के नए सीएम होंगे. उन्हें कुकी और मैतेई दोनों समुदाय का समर्थन हासिल है. मैतेई समुदाय से आने के बावजूद खेमचंद सिंह के रिश्ते कुकी समुदाय से भी बेहतर रहे हैं. वहीं, डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी बीजेपी ने कुकी और नगा समुदाय के नेताओं को सौंपी है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मणिपुर में नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने युमनाम खेमचंद सिंह को राज्य की कमान सौंपी है। मंगलवार को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में हुई विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगी।

युमनाम खेमचंद सिंह मैतेई समुदाय से आते हैं। वहीं, डिप्टी मुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी ने कुकी और नगा समुदाय के नेताओं को चुना है। पार्टी के इस फैसले को मणिपुर में जातीय संतुलन साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब राज्य में राष्ट्रपति शासन समाप्त होने वाला है। राष्ट्रपति शासन हटते ही नई सरकार के शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हो जाएगा। बैठक में मौजूद बीजेपी नेताओं के मुताबिक, युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता बनाने का प्रस्ताव खुद पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने रखा था। इसके बाद सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से उनके नाम का समर्थन किया। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि खेमचंद सिंह को विभिन्न समुदायों का समर्थन हासिल है, जिससे राज्य में राजनीतिक स्थिरता और सामाजिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

कुकी और मैतेई दोनों खेमचंद के साथ
सूत्रों का कहना है कि मैतेई विधायकों के अधिक समर्थन के कारण सात बार के विधायक गोविंद दास के नाम पर पहले सहमति बनाने की कोशिश पार्टी कर रही थी, लेकिन कुकी विधायक उनके पक्ष में तैयार नहीं थे. बाद में बीच का रास्ता निकालते हुए दो बार के विधायक युमनाम खेमचंद सिंह का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाया गया.

मैतेई समुदाय से आने के बावजूद खेमचंद सिंह के रिश्ते कुकी समुदाय से भी बेहतर रहे हैं. राष्ट्रपति शासन लगने के बाद खेमचंद सिंह ने कुकी बहुल पहाड़ी क्षेत्रों उखरुल और कामजोंग में स्थित कुकी राहत शिविरों का दौरा भी किया. उन्हें राज्य के सभी धड़ों में संतुलन साधने वाला नेता माना जाता है. विधायक दल की बैठक में निवर्तमान मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने उनके नाम का प्रस्ताव किया जिसे सभी ने मंजूर किया. खेमचंद सिंह 2017 से 2022 तक मणिपुर विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं. 2022 में एन. बीरेन सिंह की दोबारा सरकार बनने पर उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया था. वे इंफाल पश्चिम जिले की सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक हैं.

कुकी और नगा समुदाय से डिप्टी सीएम
बीजेपी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, युमनाम खेमचंद सिंह के अलावा अन्य मंत्रियों की पूरी सूची बीजेपी ने तय कर दी है. खेमचंद कैबिनेट में दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं. नगा समुदाय से लोसी डिखो को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है. वहीं एक दूसरा डिप्टी सीएम कुकी समुदाय से बनाया जा सकता है. वहीं इस बार मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे गोविंद दास को गृह मंत्री बनाया जा सकता है.

2023 में हुई थी हिंसा
मई 2023 में मैतेई और कुकी के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए थे. हालात संभाल न पाने के कारण पिछले साल 13 फरवरी को एन. बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केंद्र ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था.

60 सदस्यीय मणिपुर में बीजेपी के पास कुल 37 विधायक हैं. वहीं एनडीए के सहयोगी दल में एनपीपी के 6 और नगा पीपुल्स फ्रंट (एपीएफ) के भी 5 विधायक हैं. मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी, 2025 को छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. अगस्त 2025 में इसे और छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया था.

Related Articles

Back to top button