‘गद्दार’ टिप्पणी पर पंजाब की राजनीति में कोहराम

राहुल का बयान सिख विरोधी मानसिकता को दर्शाता है: चुघ

  • भाजपाई बोले- सिख समाज का किया अपमान
  • भाजपा ने कांग्रेस पर उठाए सवाल
  • राहुल के अच्छे दोस्त रहे हैं बिट्टू

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चंडीगढ़। संसद भवन के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद पंजाब की राजनीति में कोहराम मव गया है। बिट्टू को ‘मेरे गद्दार दोस्त’ कहे जाने पर भाजपा ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है। पंजाब भाजपा नेताओं ने इसे न सिर्फ निंदनीय बताया, बल्कि कांग्रेस को सिख विरोधी करार दिया है। रवनीत बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं, जिनकी आतंकवाद के दौर में मानव बम हमले में हत्या कर दी गई थी। बिट्टू तीन बार कांग्रेस से सांसद रह चुके हैं, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था।
चुनाव हारने के बावजूद भाजपा ने उन्हें केंद्र में रेल राज्य मंत्री बनाया। भाजपा नेताओं का कहना है कि इसी राजनीतिक फैसले की कुंठा राहुल गांधी के बयान में दिखाई दी। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि 1984 में कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार की नीतियों के कारण निर्दोष सिखों का कत्लेआम हुआ। उस समय सत्ता मौन रही और दोषियों को संरक्षण मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का बयान उसी सिख विरोधी मानसिकता को दोहराता है। चुघ ने कहा कि संसद के बाहर बिट्टू को गद्दार कहना न केवल सिख-पंजाबी समाज, बल्कि पूरे देश की अस्मिता का अपमान है। केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू कभी राहुल गांधी के अच्छे दोस्त रहे हैं। बिट्टू पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते हैं, जिन्हें आतंकवादियों ने चंडीगढ़ सचिवालय परिसर में मानव बम से उड़ा दिया था। बिट्टू तीन बार कांग्रेस की टिकट पर सांसद रहे मगर साल 2024 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए। पंजाब कांग्रेस के प्रधान व लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा बिट्टू को कांग्रेस ने ही बनाया है। इनके दादा कांग्रेस के सीएम थे। वह आखिरी दम तक कांग्रेस में रहे, बीजेपी में नहीं गए। बिट्टू खुद कहते हैं कि राहुल गांधी ने उन्हें पगड़ी बांधना सिखाई है।

राहुल गांधी की भाषा निंदनीय और मर्यादाहीन: अश्वनी शर्मा

पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने राहुल गांधी के बयान को कांग्रेस की दिवालिया मानसिकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की भाषा निंदनीय और मर्यादाहीन है। पार्टी को कमजोर करने के लिए राहुल अकेले ही काफी हैं। इस तरह के बयान कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को उजागर करते हैं।वहीं, भाजपा के मीडिया सचिव विनीत जोशी ने कहा कि राहुल गांधी अपने गैर-जिम्मेदार बयानों और गलत नीतियों से कांग्रेस को भीतर से खोखला कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विकास और जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए लगातार व्यक्तिगत हमलों का सहारा ले रही है, जिसे देश की जनता अब भली-भांति समझ चुकी है।

असली कांग्रेस नहीं रही तो छोड़ दी : रवनीत बिट्टू

रवनीत बिट्टू ने कहा कि उन्होंने पार्टी इसलिए छोड़ी क्योंकि वह अब असली कांग्रेस नहीं रह गई थी। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि जब हम कांग्रेस में थे, तब हम पार्टी के लिए सीटें जीत रहे थे। हम कभी भी उन पर बोझ नहीं थे। फिर, जब यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी परिवारवाद का मामला बन गई है और अब वह कांग्रेस पार्टी नहीं रही जो कभी थी, तो सभी लोग पार्टी छोडऩे लगे। अगर यह असली कांग्रेस होती, तो लोग बने रहते। मैंने कहा था कि अगर यह असली कांग्रेस होती, तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी खुद मेज पर चढक़र सदन से निलंबित हो जाते।

 

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