बिहार की नई-नवेली विधायकों ने अपनी सरकार को घेर लिया?

बिहार की दो नई नवेली विधायक चर्चा में हैं. दोनों युवा हैं. वे विधानसभा में अपने गर्म खून और सख्त तेवर के लिए जानी जा रही हैं. खास बात है ये है कि दोनों महिला विधायक सत्तापक्ष की हैं और दोनों ही सदन में सरकार को घेरती नजर आईं. जिन विधायकों की चर्चा हो रही है उनमें एक हैं बीजेपी की मैथिली ठाकुर और दूसरी हैं जनता दल (यू) की कोमल सिंह. दोनों ने विधानसभा में सरकार से सवाल पूछा था और उसका जवाब मिला भी, लेकिन दोनों ने कहा कि हम जवाब से संतुष्ट नहीं हैं.
पहले बात करते हैं बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर की. सोमवार (9 फरवरी) को बजट सत्र के दौरान मैथिली ने बिहार में सरकारी अस्पतालों की खराब हालत पर सवाल किया. मैथिली ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे से अपने इलाके के सरकारी अस्पताल की खराब हालत पर सवाल पूछा. फिर मंत्री के जवाब से खुश न होकर, उन्होंने तीखा सवाल पूछ लिया. बता दें कि मैथिली ठाकुर मशहूर लोक गायिका हैं. उन्होंने बीजेपी में शामिल होने के बाद नवंबर में अलीनगर से अपना पहला चुनाव जीता था.
क्या था मैथिली का सवाल?
प्रश्नकाल के दौरान मैथिली ठाकुर ने अपने चुनाव क्षेत्र में अस्पताल की बिल्डिंग की हालत का मुद्दा उठाया और कहा कि यह इतनी जर्जर हो चुकी है कि कोई बड़ा हादसा होने वाला है. हालात बताते हुए उन्होंने कहा कि छत से प्लास्टर गिरता रहता है, दीवारों में गहरी दरारें हैं और बारिश के मौसम में वार्ड में पानी लीक होता है. इसके बावजूद, बिल्डिंग में मरीजों का इलाज हो रहा है, गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया जा रहा है और बच्चों को रखा जा रहा है, जो लोगों की जान के लिए सीधा खतरा है.
उन्होंने कहा, मैं जवाब से पूरी तरह खुश नहीं हूं क्योंकि उसमें लिखा है कि बिल्डिंग खराब हालत में नहीं है. बस उसे ठीक करने की ज़रूरत है. लेकिन मैं चाहती हूं कि मंत्री एक बार फिर से बताएं, क्योंकि मैंने खुद देखा है कि बिल्डिंग खराब हालत में है. एक छोटे से कमरे में हेल्थ सिस्टम चल रहा है. कोई MBBS डॉक्टर नहीं है. पहले वहां दो MBBS डॉक्टर थे, लेकिन अब नहीं हैं.
मैथिली ठाकुर ने सवाल किया कि जब सरकार हर साल हेल्थ बजट बढ़ा रही है, तो हॉस्पिटल की बिल्डिंग्स की ऐसी हालत क्यों है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और दवाओं की कमी एक समस्या है, लेकिन इससे भी बड़ा खतरा टूटी-फूटी बिल्डिंग्स हैं जो कभी भी गिर सकती हैं.
MLA ने सदन से पूछा कि क्या सरकार नई बिल्डिंग्स बनाने से पहले किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रही है. उन्होंने कहा, मैं मंत्री से सवाल नहीं कर रही हूं. मैं उनसे बस एक रिक्वेस्ट कर रही हूं, क्योंकि मैं बहुत छोटी थी और तब से मैं हेल्थ मिनिस्टर को एक मंत्री के तौर पर देख रही हूं. मैं उन्हें हेल्थ पर काम करते हुए देख रही हूं, इसलिए मैं चाहती हूं कि वह जनता के हित में इसे हल करें.
क्या मिला जवाब?
अपने जवाब में हेल्थ मिनिस्टर ने कहा कि राज्य सरकार हॉस्पिटल की बिल्डिंग्स की हालत को लेकर सीरियस है. कई हॉस्पिटल्स के लिए नई बिल्डिंग्स को मंज़ूरी मिल गई है, और कुछ जगहों पर कंस्ट्रक्शन चल रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि बहुत ज़्यादा खराब बिल्डिंग्स वाले हॉस्पिटल्स की पहचान कर ली गई है और उन्हें धीरे-धीरे रिपेयर या रेनोवेट किया जाएगा.
लेकिन मंत्री के जवाब से मैथिली ठाकुर संतुष्ट नहीं हुईं. उन्होंने तुरंत बीच में टोकते हुए कहा कि उनके इलाके का अस्पताल सालों से लिस्ट में है, लेकिन आज तक न तो मरम्मत हुई है और न ही नई बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन शुरू हुआ है. फिर से सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हर साल सिर्फ प्लानिंग और अप्रूवल की बात होती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत वही रहती है. उन्होंने यह भी कहा कि मरीज़ और उनके परिवार डर के मारे इलाज कराने को मजबूर हैं.
जेडीयू विधायक ने क्या सवाल किया था?
अब बात करते हैं जेडीयू विधायक कोमल सिंह की. बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन (3 फरवरी) कोमल सिंह ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. प्रश्नकाल के दौरान गायघाट से विधायक कोमल सिंह ने अपने क्षेत्र में स्टेडियम निर्माण की हकीकत पर सवाल उठाया.
कोमल सिंह ने खेल विभाग की ओर से दिए गए लिखित जवाब को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने उसे जमीनी हकीकत से अलग बताया. इसके जवाब में बिहार की खेल मंत्री और अंतरराष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह ने मोर्चा संभाला. कोमल सिंह ने सदन में कहा, उन्हें जारंग और अथवारा पंचायत में स्टेडियम निर्माण की जो रिपोर्ट दी गई है, वो पूरी तरह असत्य है. कोमल सिंह ने कहा कि मेरा सवाल है कि जिस स्टेडियम की बात की जा रही है वो जारंग हाई स्कूल और अथवारा हाई स्कूल की फील्ड है. जहां पर ना चैंजिंग रूम है, ना फुटबॉल ग्राउंड है और ना ही रनिंग ट्रैक है. शौचालय तक नहीं है. मैं मंत्री से अपील करती हूं कि वो वहां की जांच कराएं और स्टेडियम बनवाने का कष्ट करें. इसका जवाब देते हुए खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि वहां पर 2021 में स्टेडियम का निर्माण किया गया है. 1 करोड़ 20 लाख की लागत से वो स्टेडियम बना. मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के अंतर्गत इसको पूर्ण किया गया.
बहस बढ़ती देख मंत्री श्रेयसी सिंह ने बीच का रास्ता निकाला. उन्होंने विधायक को प्रस्ताव दिया कि अगर वे संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें उन स्थलों का दौरा (Site Visit) कराया जा सकता है. मंत्री ने आश्वासन दिया कि विधायक के सुझावों के आधार पर वहां जो भी कमियां होंगी, उन्हें दूर करने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ.
कौन हैं कोमल सिंह?
कोमल सिंह JDU की विधायक हैं. उन्होंने 2025 के चुनाव में मुजफ्फरपुर जिले की गायघाट विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी. कोमल सिंह ने RJD उम्मीदवार निरंजन रॉय को 23,417 वोटों के अंतर से हराया था. 30 साल की उम्र में उन्हें मुजफ्फरपुर जिले की सबसे कम उम्र की MLA माना जाता है. कोमल बिहार के जाने-माने सियासी परिवार से हैं. उनके पिता, दिनेश प्रसाद सिंह बिहार लेजिस्लेटिव काउंसिल (MLC) के जेडीयू सदस्य हैं और उनकी मां वीणा देवी, वैशाली सीट से लोकसभा MP हैं.

Related Articles

Back to top button