अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ मामलों की SIT करेगी जांच, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक्शन

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह और उससे जुड़ी इकाइयों से जुड़े 40,000 करोड़ रुपए के कथित बैंकिंग और कॉर्पोरेट धोखाधड़ी की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. एसआईटी का नेतृत्व संघीय जांच एजेंसी की मुख्यालय जांच इकाई (एचआईयू) के एडिशनल डायरेक्टर स्तर के अधिकारी कर रहे हैं और इसमें लगभग आधा दर्जन अन्य जांच अधिकारी शामिल हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के खिलाफ मामलों की समीक्षा करते हुए ईडी को निष्पक्ष, स्वतंत्र, त्वरित और तटस्थ जांच के लिए एक एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया.
सीबीआई से साठगांठ, मिलीभगत और साजिश
न्यायालय ने समूह से जुड़े मामलों की जांच कर रहे सीबीआई से साठगांठ, मिलीभगत और साजिश (यदि कोई हो) की जांच करने और अपनी जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए कहा था. ईडी पिछले साल से अनिल अंबानी और उनकी रिलायंस ग्रुप की कंपनियों की जांच कर रही है और अब तक उसने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत तीन प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की हैं और करीब 12 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है. ईसीआईआर पुलिस प्राथमिकी के समकक्ष ईडी की कार्रवाई है.
संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच
सूत्रों ने बताया कि एसआईटी कथित अनियमितताओं और एडीएजी समूह की कंपनियों और उनके अधिकारियों द्वारा किए गए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए और अधिक ईसीआईआर दाखिल कर सकती है. ईडी ने अनिल अंबानी (66) से पिछले साल उनके समूह की कंपनियों के कथित बैंक ऋण अनियमितताओं के संबंध में पूछताछ की थी. कंपनी के एक पूर्व शीर्ष अधिकारी और आरकॉम के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को हाल ही में ईडी ने गिरफ्तार किया था.
किसी भी प्रकार की अनियमितता से इंकार
अनिल अंबानी समूह की कंपनियों ने पूर्व में किसी भी प्रकार की अनियमितता से इंकार किया है. ईडी ने इससे पहले कहा था कि उसने रिलायंस अनिल अंबानी समूह की विभिन्न कंपनियों द्वारा सार्वजनिक धन का धोखाधड़ी से दुरुपयोग करने का पता लगाया है. इन कंपनियों में रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल), रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (आरआईएल) और रिलायंस पावर लिमिटेड (आरएचएफएल) शामिल हैं.

Related Articles

Back to top button