बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर सियासी कोहराम
राजद, कांग्रेस और वीआईपी ने उठाए नीतीश सरकार पर सवाल

- महागठबंधन के विधायकों का सदन में हंगामा
- पूर्व सीएम व मंत्री के निशाने पर आए नीतीश कुमार
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। बिहार विधानसभा में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर विपक्ष ने एनडीए सरकार को घेरा लिया है। राजद, कांग्रेस से लेकर वीआईपी पार्टी तक ने सीएम नीतीश कुमार और गृहमंत्री सम्राट चौधरी पर करार हमला किया है। इस बीच मुख्यमंत्री और राबड़ी देवी के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जहां नीतीश ने आरजेडी पर अपने शासनकाल में महिलाओं के लिए काम न करने का आरोप लगाया, वहीं राबड़ी ने वर्तमान सरकार को बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया।
नीतीश ने विधानसभा में आरजेडी पर आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए उसने महिलाओं के लिए कोई काम नहीं किया। राज्य में यौन उत्पीडऩ के मामलों में कथित वृद्धि के विरोध में विपक्षी विधायकों ने प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही, राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने नारे लगाने शुरू कर दिए और राज्य में हाल ही में हुई बलात्कार की घटनाओं पर मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण मांगा। विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होने से पहले राजद के एमएलसी प्रदर्शन करने लगे। सभी नेता सीएम से इस्तीफा की मांग करने लगे। राजद एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी ने जिस तरह से उच्च सदन में सीएम के बर्ताव से स्पष्ट हो गया कि वह अपने होश में नहीं है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के साथ राबड़ी देवी के साथ जैसा व्यवहार किया, वह गलत है। जनता ने सबकुछ देखा। अब उन्हें कुर्सी छोड़ देनी चाहिए।
बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं, सरकार अपराधियों को बचा रही है : मुकेश सहनी
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में बेटियां बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ही ऐसे मामलों में अपराधियों को बचाने में लगी रहती है। हम सब सोचकर परेशान हैं कि ऐसी घटनाएं लगातार क्यों हो रही हैं। प्रशासन पूरी तरह फेल नजर आ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि हमारा समाज कहां जा रहा है, जहां सात-आठ साल की बच्चियों के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आज के हालात में हमारी बेटियां बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं। सहनी ने कहा कि घटनाएं तो दुनिया में कहीं भी हो सकती हैं, लेकिन अगर घटना के बाद सरकार और प्रशासन सही तरीके से कार्रवाई करें, तो दोबारा ऐसी घटनाएं नहीं होंगी। लेकिन जब सरकार ही अपराधियों को बचाने लगे, तो ऐसे मामले बढ़ते जाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले मुजफ्फरपुर बालिका कांड हुआ, फिर हाल ही में पटना में नीट की छात्रा की हत्या की घटना हुई। ऐसे मामलों में जब सरकार ही अपराधियों को बचाने लगेगी, तो इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी-बड़ी घटनाओं के बाद भी सरकार को जागने की जरूरत है।



