पंजाब में तस्करी के लिए केंद्र जिम्मेदार

  • कांग्रेस विधायक राणा ने केंद्रीय एजेंसियों पर उठाए सवाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
जालंधर। पंजाब में नशे की बढ़ती तस्करी को लेकर कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह ने केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि जब पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 50 किलोमीटर क्षेत्र की सुरक्षा पूरी तरह बीएसएफ के अधीन है, तो इतनी बड़ी मात्रा में नशा राज्य के भीतर कैसे पहुंच रहा है। जालंधर में प्रेस वार्ता के दौरान राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि नशे की तस्करी की जिम्मेदारी केवल राज्य सरकार पर डालना गलत है, जबकि सीमा प्रबंधन केंद्र के हाथ में है।
इन आरोपों के बीच सामने आए 2025 के आंकड़े भी चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। पंजाब पुलिस ने वर्ष 2025 में राज्य के अलग-अलग इलाकों से कुल 2,021 किलोग्राम (2 टन से अधिक) हेरोइन जब्त करने का दावा किया है, जो एक साल में अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है। इसके बावजूद राज्य के भीतर कुल जब्ती 2 टन से अधिक होना इस बात की ओर इशारा करता है कि नशा तस्करी का नेटवर्क बेहद संगठित और गहराई तक फैला हुआ है। राज्यपाल द्वारा निकाले गए नशा विरोधी मार्च पर भी राणा गुरजीत सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे मार्च केवल प्रतीकात्मक हैं। उनका कहना है कि यदि वास्तव में नशे पर लगाम लगानी है, तो तस्करों, उनकी सप्लाई चेन और उन्हें संरक्षण देने वाले तत्वों पर जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। राज्यपाल राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व करते हैं उनको केंद्र सरकार के सामने सारी तस्वीर पेश करनी चाहिए कि सीमा पार से नशा आ रहा है और वहां पर सख्ती की जरूरत है।

हमें सीमा पर सख्ती की जरूरत

यह हेरोइन बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र से निकलकर सूबे में बरामद हुई है। इसका मतलब हमें सीमा पर सख्ती की जरूरत है। वहीं सीमा पर तैनात बीएसएफ के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से दिसंबर 2025 तक पंजाब सीमा क्षेत्र में पाकिस्तान से आए 272 ड्रोन जब्त किए गए। ड्रोन के जरिए गिराई गई 367 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद हुई। कई मामलों में हथियार और गोला-बारूद भी पकड़ा गया।

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