Bollywood एक्टर का 45 की उम्र में निधन, मौत के समय प्रेग्नेंट थी बीवी। हार्ट अटैक से गई जान!
बॉलीवुड की दुनिया में काम करने वाले सितारे कभी अपने नाम से तो कभी अपने काम से लोगों के दिलों में घर कर जाते हैं। जहां बड़े पर्दे पर ये खुशहाल ज़िन्दगी की कहानी लोगों को दिखाते हैं..तो, कुछ सेलेब्स की निजी ज़िंदगी बिल्कुल भी वैसी नहीं होती।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बॉलीवुड की दुनिया में काम करने वाले सितारे कभी अपने नाम से तो कभी अपने काम से लोगों के दिलों में घर कर जाते हैं। जहां बड़े पर्दे पर ये खुशहाल ज़िन्दगी की कहानी लोगों को दिखाते हैं..तो, कुछ सेलेब्स की निजी ज़िंदगी बिल्कुल भी वैसी नहीं होती।
आख़िर, मायानगरी में कुछ सितारे ऐसे जो रहे हैं..जिन्हें अपनी असल ज़िंदगी में कोई ख़ुशी चाहकर भी नहीं मिल पाई। और, ऐसा ही वो मशहूर एक्टर रहा..जिसने एक-दो नहीं बल्कि चार बार शादियां की..लेकिन फिर भी, ताउम्र इस एक्टर को अकेलापन ही महसूस होता रहा। और, आख़िर में महज 45 साल की उम्र में ये एक्टर हमेशा-हमेशा के लिए सबसे दूर चला गया।
एक्टर का निधन तो हो गया.. लेकिन, वो अपने पीछे अपनी प्रेग्नेंट बीवी और दो साल की मासूम बच्ची को अकेले जीने के लिए छोड़ गया।
70 और 80 के दशक के नामी एक्टर रहे विनोद मेहरा की। आखिर, महज़ 45 की उम्र में विनोद मेहरा का देहांत को हो गया था। तब वो अपनी प्रेग्नेंट बीवी और 1 साल की बेटी को एकदम अकेला कर गए थे। शादी के सिर्फ 2 साल बाद ही ज़िंदगी भर का सदमा वो अपने परिवार को दे गए थे।
13 फ़रवरी यानी कि आज ही के दिन साल 1945 में अमृतसर में जन्में विनोद मेहरा हिंदी सिनेमा का एक जाना-माना चेहरा रहे थे। लेकिन, जो सबके दिलों में बसा करते थे..उन्हीं को दिल की बीमारी सबसे दूर ले गई।
तो, जिस समय एक्टर ने अपनी आखिरी सांस ली…उस वक्त उनकी जवान बीवी किरण मेहरा दूसरे बच्चे की मां बनने वाली थी….। गोद में एक साल की बेटी सोनिया और कोख में अजन्मे बच्चे के साथ बीवी सोनिया को अकेला कर गए थे एक्टर…।
आज विनोद मेहता की बर्थ एनिवर्सरी पर उनके चाहने वाले उन्हें फिर से याद कर रहे हैं। ऐसे में, आइए आपको बताते हैं उनकी लाइफ के बारे में।
दरअसल, विनोद मेहरा ने बतौर बाल कलाकार फिल्म ‘रागिनी’ (1958) से अपने करियर की शुरुआत की थी। फिर उनका मेन हीरो के तौर पर डेब्यू 1971 की फ़िल्म ‘एक थी रीता’ से हुआ..इसमें उनके साथ एक्ट्रेस तनुजा थीं। ये फ़िल्म हिट तो रही थी। पर, उन्हें सबसे बड़ी सक्सेस 1972 में आई फिल्म ‘अनुराग’ से मिली। इसमें उनके साथ मौसमी चटर्जी ने काम किया। फ़िल्म में मौसमी ने अंधी लड़की का किरदार निभाया और विनोद एक प्रेमी के रूप में नजर आए। ये फ़िल्म उनकी सक्सेस की वजह बनी।
फिर, एक्टर ने ‘अनुरोध’, ‘अमर प्रेम’, ‘नागिन’, ‘अमरदीप’, ‘बेमिसाल’, और ‘घर’ जैसी फिल्मों में काम किया। उन्होंने अपने 3 दशक के लंबे करियर में करीब 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। फिल्मी दुनिया में उनकी इमेज ‘चॉकलेटी बॉय’ वाली हुआ करती थी।
लेकिन, उन्हें बाक़ी एक्टर्स के कॉम्पीटिशन की वजह से ख़ास नाम नहीं मिला। अपने एक्टिंग करियर से निराश होकर विनोद ने फिर डायरेक्शन का रास्ता चुना और ‘गुरुदेव’ फिल्म बनाई जिसमें ऋषि कपूर, अनिल कपूर और श्रीदेवी मेन भूमिकाओं में थे। लेकिन शूटिंग में देरी और सितारों के डेट्स ना मिलने से विनोद तनाव में रहने लगे। ये फ़िल्म उनके निधन के बाद आई थी।
जहां विनोद मेहरा की प्रोफेशनल लाइफ हमेशा सुर्खियों में रही, वहीं उनकी निजी ज़िंदगी भी हमेशा लोगों की नज़रों में छाई रही। आखिर, पर्दे पर जितनी सफलता उन्होंने पाई, उतने ही चर्चे उनकी निजी ज़िंदगी में हुए इश्क के किस्सों की भी हुई।
विनोद ने पहली शादी अपनी मां की मर्जी से मीना ब्रोका से की थी। शादी के कुछ समय बाद ही विनोद को माइनर हार्ट अटैक आया था। ठीक होने के बाद विनोद मेहरा एक्ट्रेस बिंदिया गोस्वामी के करीब आ गए। दोनों की उम्र में16 साल का अंतर था। हालांकि कुछ महीनों तक अफेयर के बाद दोनों ने शादी भी कर ली।
लेकिन ये रिश्ता सिर्फ चार साल तक टिक पाया और फिर दोनों अलग हो गए। विनोद से अलग होने के बाद बिंदिया ने फिल्म डायरेक्टर जेपी दत्ता से शादी कर ली। दूसरी ओर, बिंदिया से रिश्ता टूटने के बाद विनोद ने किरण से तीसरी शादी की।
कहा जाता है कि विनोद मेहरा और किरण की मुलाकात कुछ कॉमन दोस्तों के ज़रिये हुई थी। जिसके बाद दोनों की मुलाकातों का सिलसिला बढ़ा तो धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई । हांलाकि जब किरण के पिता को बेटी के अफेयर के बारे में पता चला तो वो बुरी तरह से गुस्से में आ गए। बताया जाता है कि किरण के पिता 20 साल बड़े और दो बार तलाकुशाद एक्टर से अपनी जवान बेटी की शादी के सख्त खिलाफ थे। वो इस रिश्ते के लिए हामी नहीं भर रहे थे।
लेकिन किरण ने विनोद मेहरा के लिये ना तो अपने पिता की नाराज़गी की परवाह की और ना ही जमाने की। साल 1988 में विनोद मेहरा ने किरण के साथ शादी कर ली। शादी के कुछ ही महीनों बाद दोनों एक बेटी के पेरेंट्स बन गए। जिसका नाम कपल ने किरण रखा। मगर अफसोस..शादी के सिर्फ 2 साल बाद ही साल 1990 में 30 अक्टूबर को विनोद मेहरा का निधन हार्टअटैक से हो गया।
अपने पीछे विनोद मेहरा जवान विधवा बीवी और 1 साल की बेटी सोनिया को रोता बिलखता छोड़ गए। उससे भी ज्यादा दुख की बात तो ये है कि जब विनोद मेहरा का निधन हुआ उस वक्त किरण प्रेग्नेंट थीं और अपने दूसरे बच्चे को जन्म देने वाली थीं। विनोद के निधन के कुछ महीनों बाद उनके बेटे का जन्म हुआ था। विनोद के निधन के बाद सोनिया अपने पेरेंट्स के पास केन्या शिफ्ट हो गई थीं।
विनोद ने कुल 4 शादियां की थीं। लेकिन इनमें से एक बीवी ऐसी रही, जिसे कभी भी पत्नी होने का दर्जा नहीं मिल पाया।
विनोद की चौथी शादी का जिक्र यासीर उस्मान की किताब ‘रेखा: एन अनटोल्ड स्टोरी’ में मिलता है। जिसके मुताबिक, विनोद मेहरा ने एक्ट्रेस रेखा से भी शादी की थी। किताब के मुताबिक, कोलकाता में शादी कर रेखा, जब विनोद मेहरा के घर आईं तो विनोद की मां कमला मेहरा ने गुस्से में आकर चप्पल निकाल ली। जैसे ही रेखा उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेने लगीं, तो उन्होंने रेखा को धक्का मारकर दूर हटा दिया। रेखा घर के दरवाजे पर खड़ी थीं और उनकी सास गालियां दे रही थीं। हालांकि, बाद में विनोद मेहरा ने बीच-बचाव किया और मां को किसी तरह समझाया। बाद में विनोद मेहरा ने रेखा से कहा था कि वो अपने घर लौट जाएं और फिलहाल वहीं रहें। हालांकि बाद में ये शादी टूट गई थी।
गौरतलब है कि, विनोद और किरण के दोनों बच्चों सोनिया और रोहन मेहरा दोनों ने ही बॉलीवुड फिल्मों में काम किया है। हां, वो बात अलग है कि फिल्मों में इन्हें पिता की तरह सफलता नहीं मिल पाई। जहां सोनिया ने साल 2007 में डायरेक्टर अनंत महादेवन की फिल्म ‘विक्टोरिया नं। 203’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। और, सोनिया ने अब तक 4 फिल्मों में काम किया है।
वहीं, विनोद मेहरा के बेटे रोहन ने सैफ अली खान की फिल्म ‘बाजार’ से डेब्यू किया था। रोहन ने उसके बाद 420 आईपीसी, काला और अद्भुत में भी काम किया। रोहन का नाम सलमान की को-एक्ट्रेस पूजा हेगड़े के साथ जुड़ा था। तब वह काफी लाइमलाइट में आए थे।



