अहमदाबाद विमान हादसे पर बड़ा दावा! इटैलियन रिपोर्ट में पायलट पर उठे सवाल

अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर नया दावा सामने आया है... इटैलियन अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है... कि हादसे से पहले... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुआ एयर इंडिया का विमान हादसा आज भी लोगों के जेहन में ताजा है.. इस हादसे में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरने के महज 32 सेकंड बाद ही क्रैश हो गया था.. प्लेन एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिरा.. जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई.. वहीं अब इस हादसे पर इटली के प्रमुख अख़बार ‘कोरिएरे डेला सेरा’ ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट प्रकाशित की है.. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हादसा किसी तकनीकी खराबी से नहीं हुआ.. बल्कि पायलट ने जानबूझकर इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिए थे.. मुख्य संदिग्ध पायलट सुमित सभरवाल हैं.. जो रिपोर्ट के अनुसार व्यक्तिगत परेशानियों और डिप्रेशन से जूझ रहे थे.. यह दावा जांच की दिशा बदल सकता है.. क्योंकि भारत की जांच एजेंसियां अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची हैं.. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन.. और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की जांच जारी है.. लेकिन इस रिपोर्ट ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि.. क्या हादसा इरादतन था..

आपको बता दें कि 12 जून 2025 को दोपहर करीब 1:39 बजे (IST).. एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ी.. विमान बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर था.. जो रजिस्ट्रेशन नंबर VT-ANB के साथ उड़ रहा था.. टेकऑफ के महज 3 सेकंड बाद दोनों इंजनों में थ्रस्ट की कमी आ गई.. और 32 सेकंड में विमान नीचे गिर गया.. प्लेन एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल ब्लॉक और कैंटीन पर गिरा.. जहां छात्र लंच कर रहे थे.. इस वजह से आग लग गई और बड़ा विस्फोट हुआ.. प्लेन में 230 पैसेंजर्स और 12 क्रू मेंबर्स थे.. इनमें से 241 की मौत हो गई.. और जमीन पर 19 लोग मारे गए.. जिससे कुल मौतों की संख्या 260 हो गई.. पैसेंजर्स में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई थे.. यह भारत के दशकों में हुए सबसे बड़े विमान हादसों में से एक था.. हादसे के तुरंत बाद मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड और पुलिस पहुंची.. लेकिन आग इतनी तेज थी कि बचाव कार्य में देरी हुई..

हादसे में सिर्फ एक पैसेंजर ज़िंदा बचा.. जिसका नाम विश्वासकुमार रमेश हैं.. और वे भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं.. जानकारी के अनुसार रमेश प्लेन के पीछे की सीट पर बैठे थे.. क्रैश के समय वे बेहोश हो गए.. लेकिन जब होश आया तो उन्होंने खुद को मलबे से बाहर निकाला.. उनके हाथों पर चोट लगी, लेकिन वे चलकर बाहर निकल आए.. रमेश ने मीडिया को बताया कि यह चमत्कार था.. मैंने प्लेन गिरते महसूस किया.. फिर आग और चीखें.. वे अस्पताल में इलाज करवा रहे थे.. रमेश के भाई ने बताया कि उनका दूसरा भाई भी प्लेन में था.. लेकिन वह नहीं बचा.. रमेश की कहानी ने दुनिया को चौंका दिया.. क्योंकि ऐसे हादसों में बचने की संभावना बहुत कम होती है.. डॉक्टरों ने कहा कि प्लेन का पिछला हिस्सा अपेक्षाकृत कम क्षतिग्रस्त था.. इसलिए वे बच गए..

प्लेन के पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमित सभरवाल थे.. वे 56 साल के अनुभवी पायलट थे.. जिनके पास 15,638 फ्लाइंग ऑवर्स थे.. जिनमें से 8,500 घंटे बोइंग 787 पर थे.. सभरवाल रिजर्व्ड नेचर के थे.. और जूनियर पायलट्स को मेंटर करते थे.. को-पायलट फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर थे.. जिनके पास 3,403 फ्लाइंग ऑवर्स थे.. कुंदर प्लेन उड़ा रहे थे.. जबकि सभरवाल मॉनिटर कर रहे थे.. दोनों की इस हादसे में मौत हो गई.. सभरवाल के परिवार ने कहा कि वे डिप्रेशन से जूझ रहे थे.. लेकिन रिपोर्ट में इसे हादसे का कारण बताया गया है.. पायलट एसोसिएशन ने इस तरह के आरोपों को गलत बताया.. और कहा कि जांच पूरी होने तक इंतज़ार करना चाहिए.. सभरवाल के 91 वर्षीय पिता ने स्वतंत्र जांच की मांग की है..

इटली के प्रमुख अख़बार ‘कोरिएरे डेला सेरा’ ने 11 फरवरी 2026 को एक रिपोर्ट प्रकाशित की.. रिपोर्ट में नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच हुई बातचीत के आधार पर दावा किया गया कि.. हादसा मैकेनिकल फॉल्ट से नहीं हुआ.. रिपोर्ट के अनुसार पायलटों में से एक ने इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच जानबूझकर बंद कर दिए थे.. मुख्य संदिग्ध कैप्टन सुमित सभरवाल बताए गए हैं.. रिपोर्ट में कहा गया कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट ने पूछा कि तुमने फ्यूल क्यों बंद किया.. और दूसरे ने जवाब दिया मैंने नहीं किया.. ब्लैक बॉक्स डेटा से भी मैनुअल स्विच ऑफ होने का संकेत मिला.. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बोइंग कंपनी को क्लीन चिट मिल सकती है.. क्योंकि कोई तकनीकी खराबी नहीं मिली.. साथ ही सुझाव दिया गया कि पायलट्स की साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन नियमित रूप से होनी चाहिए.. इस रिपोर्ट ने काफी हंगामा खड़ा कर दिया है.. क्योंकि भारतीय जांच अभी पूरी नहीं हुई है..

AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट 12 जुलाई 2025 को जारी हुई.. रिपोर्ट में कहा गया कि टेकऑफ के लगभग 1 सेकंड बाद दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच RUN से CUTOFF पोज़िशन में चले गए.. जिससे इंजनों में फ्यूल सप्लाई बंद हो गई और थ्रस्ट लॉस हुआ.. रिपोर्ट में स्विच मूवमेंट का कारण स्पष्ट नहीं बताया गया.. कॉकपिट में एक पायलट ने पूछा कि Why did you cut off.. दूसरे ने जवाब दिया कि I did not do so.. रिपोर्ट में कोई मैकेनिकल फॉल्ट नहीं मिला.. NTSB (अमेरिका) और AAIB (यूके) की टीमों ने जांच में मदद की.. DGCA ने जांच के लिए हाई-लेवल कमिटी बनाई.. रिपोर्ट में कहा गया कि विमान पिछली फ्लाइट में सामान्य था.. और कोई डिफेक्ट नहीं था.. लेकिन फाइनल रिपोर्ट अभी बाकी है..

DGCA और AAIB जांच कर रहे हैं.. जबकि NTSB, FAA, Boeing और GE की टीमें भी सहयोग कर रही हैं.. सुप्रीम कोर्ट ने 11 फरवरी 2026 को प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी.. और तीन हफ्तों में जमा करने का आदेश दिया.. कोर्ट ने प्रक्रियात्मक प्रोटोकॉल की जानकारी भी मांगी.. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जांच अंतिम चरण में है.. पायलट एसोसिएशन ने कहा कि पायलट को दोषी ठहराने की साजिश हो रही है.. सभरवाल के परिवार ने स्वतंत्र जांच की मांग की.. विमान में पहले कुछ सेफ्टी इश्यूज़ की चर्चा हुई थी.. इन-फ्लाइट फायर, लेकिन जांच में कोई बड़ा डिफेक्ट नहीं मिला.. फाइनल रिपोर्ट में पायलट्स की मेंटल हेल्थ मॉनिटरिंग पर सुझाव दिए जा सकते हैं..

 

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