उद्धव ठाकरे के बेटे तेजस ठाकरे की अचानक तबीयत बिगड़ी, रिलायंस हॉस्पिटल में भर्ती
उद्धव ठाकरे के छोटे बेटे को रिलायंस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. मेडिकल सूत्रों ने कन्फर्म किया है कि शुरुआती टेस्ट के बाद उनकी हालत अब बेहतर है और सुधार हो रहा है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उद्धव ठाकरे के छोटे बेटे को रिलायंस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. मेडिकल सूत्रों ने कन्फर्म किया है कि शुरुआती टेस्ट के बाद उनकी हालत अब बेहतर है और सुधार हो रहा है. उद्धव और रश्मि ठाकरे भी उनके साथ हॉस्पिटल में हैं.
उद्धव ठाकरे के छोटे बेटे तेजस ठाकरे की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रिलायंस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. मेडिकल सूत्रों ने कन्फर्म किया है कि शुरुआती टेस्ट के बाद उनकी हालत स्थिर है और सुधार हो रहा है. तेजस की सभी जांचों के बाद बताया जा रहा है कि वह अब बेहतर महसूस कर रहे हैं. साथ ही सूत्रों से यह यह भी पता चला है कि उद्धव ठाकरे और रश्मी ठाकरे हॉस्पिटल में तेजस के साथ हैं.
तेजस का पिछले तीन दिनों से एक बीमारी का इलाज चल रहा है. हालांकि किस चिज का इलाज चल रहा यह अभी नहीं पता चल सका है. उनके पिता, उद्धव ठाकरे आज सुबह उनकी सेहत का हालचाल जानने के लिए हॉस्पिटल पहुंचे थे.
तेजस ठाकरे का हो रहा इलाज
उद्धव ठाकरे के बेटे तेजस ठाकरे का रिलायंस हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. बताया जा रहा है कि तेजस ठाकरे की हालत फिलहाल स्थिर है.
कौन हैं तेजस ठाकरे?
तेजस ठाकरे उद्धव ठाकरे के छोटे बेटे हैं. तेजस ठाकरे को शिवसेना के कार्यक्रमों में हिस्सा लेते और चुनाव प्रचार करते दिखाया है. हालांकि, उन्होंने आधिकारिक तौर पर सक्रिय राजनीति में भाग नहीं लिया है.
तेजस ठाकरे वन्यजीव शोधकर्ता और फोटोग्राफर हैं. वन्यजीव क्षेत्र में उनका व्यापक योगदान है. तमिलनाडु में एक भारतीय शोध दल ने छिपकली की एक नई प्रजाति की खोज की है. यह एक ऐसी छिपकली है जो रात भर जागती रहती है और बहुत बातें करती है. यह छिपकली गर्म स्थानों में पाई जाती है. इस प्रजाति का नाम तेजस ठाकरे के नाम पर रखा गया है.
तेजस ठाकरे, जिन्हें ‘टीटी’ के नाम से भी जाना जाता है, 2012 में उभयचरों और सरीसृपों की खोज में अंबोली की अपनी पहली सरीसृप यात्रा पर गए थे. उस समय वे बहुत छोटे थे. इस यात्रा के दौरान उन्होंने मक्खी की एक नई प्रजाति की खोज की. बाद में इस प्रजाति का नाम शिस्तुरा हिरण्यकेशी रखा गया.
रैलियों से ज्यादा जंगल पसंद
वे 2017 में अंबोली आए थे, वहां उन्होंने एक मछली देखी. इस मछली का दस्तावेजीकरण करने के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां ली. तेजस ने 2021 में कोविड लॉकडाउन के दौरान पूरी प्रक्रिया की घोषणा की थी.
उन्होंने इस मछली को अंबोली के शिव मंदिर के तालाब में देखा था. उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते हुए, शिशुरा हिरण्यकेशी को जैव विविधता विरासत स्थल का दर्जा मिला. अब तक वे 60 प्रजातियों की खोज कर चुके हैं.
तेजस ठाकरे ने एक बार मीडिया से बातचीत के दौरान एक मार्मिक टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था, “मैंने कई बार दशहरा रैलियों में भाग लिया है। मैंने पूरे महाराष्ट्र की यात्रा की है. लेकिन लोगों ने कभी मेरी ओर ध्यान नहीं दिया। लेकिन मुझे भीड़ और रैलियों से ज्यादा जंगल पसंद है.”



