राजस्थान में अभिभावकों के लिए बड़ी राहत, RTE के तहत नर्सरी से पहली तक मुफ्त प्रवेश

राजस्थान में पढ़ रहे छोटे बच्चों के अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. राजस्थान में RTE के तहत प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त एडमिशन का दायरा बढ़ा दिया गया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राजस्थान में पढ़ रहे छोटे बच्चों के अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर है.

राजस्थान में RTE के तहत प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त एडमिशन का दायरा बढ़ा दिया गया है. अब नर्सरी से पहली कक्षा तक चार स्तरों पर प्रवेश मिलेगा. आवेदन 20 फरवरी से शुरू होंगे.

राजस्थान में पढ़ाई कर रहे छोटे बच्चों के अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब प्राइवेट स्कूलों में राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत मुफ्त एडमिशन का दायरा बढ़ा दिया गया है. पहली बार नर्सरी से लेकर पहली कक्षा तक चार स्तरों पर प्रवेश दिया जाएगा. पहले यह सुविधा सीमित कक्षाओं तक ही थी, लेकिन नए नियम से ज्यादा बच्चों को फायदा मिलेगा. आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू होगी और चयन लॉटरी सिस्टम से किया जाएगा. शिक्षा विभाग ने इसके लिए पूरा शेड्यूल और सीटों का फॉर्मूला भी जारी कर दिया है.

नर्सरी से पहली तक मिलेगा RTE में एडमिशन

प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय ने इस साल RTE के तहत एडमिशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. अब प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा, इन चारों स्तरों पर मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा. इससे पहले केवल नर्सरी और पहली कक्षा तक ही यह सुविधा उपलब्ध थी.

आवेदन और लॉटरी की तारीख

RTE एडमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन 20 फरवरी से शुरू होंगे. आवेदन की अंतिम तारीख के बाद 6 मार्च को लॉटरी निकाली जाएगी. इसी लॉटरी के आधार पर बच्चों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे.

पहले क्या नियम था, अब क्या बदला?

पहले अभिभावक सिर्फ नर्सरी या पहली कक्षा में से किसी एक के लिए आवेदन कर सकते थे. अब नई व्यवस्था में चार अलग-अलग कक्षाओं को शामिल कर दिया गया है. इससे उन बच्चों को भी मौका मिलेगा जो एलकेजी या यूकेजी स्तर पर प्रवेश लेना चाहते हैं.

कक्षा अनुसार तय की गई एज लिमिट

नए नियम के अनुसार आयु सीमा भी स्पष्ट कर दी गई है

नर्सरी (प्री प्राइमरी 3+): 3 से 4 साल

एलकेजी (प्री प्राइमरी 4+): 4 से 5 साल

यूकेजी (प्री प्राइमरी 5+): 5 से 6 साल

पहली कक्षा: 6 से 7 साल

सीट तय करने का नया फॉर्मूला

स्कूलों में पिछले तीन साल के एडमिशन डेटा के आधार पर औसत सीटें तय होंगी. उसी औसत संख्या की 25% सीटों पर RTE के तहत मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा. अगर किसी कक्षा में पहले से प्रमोट होकर बच्चे आ चुके हैं, तो बची हुई सीटों पर ही नए एडमिशन होंगे.

खाली सीटें भी भर सकेंगी स्कूल

अक्सर नर्सरी में एडमिशन लेने के बाद कुछ बच्चे बीच में स्कूल छोड़ देते हैं, जिससे आगे की कक्षाओं में सीटें खाली रह जाती थीं. नए नियम से अब इन खाली सीटों पर भी RTE के तहत एडमिशन दिया जा सकेगा. इससे ज्यादा बच्चों को मुफ्त शिक्षा का लाभ मिल पाएगा.

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