ट्रेड डील पर राहुल का बड़ा बयान, किसानों को खतरे की चेतावनी

अमेरिकी ट्रेड डील को लेकर राहुल गांधी ने चिंता जताई है... उन्होंने इसे कपास किसानों और उद्योगों के लिए संभावित नुकसानदायक बताते हुए कहा...  

4पीएम न्यूज नेटवर्कः अमेरिका और भारत के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते ने राजनीतिक गलियारों में तूफान मचा दिया है.. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है.. और उन्होंने दावा किया है कि मोदी सरकार ने इस डील में कपास किसानों.. और कपड़ा उद्योग के हितों की पूरी तरह अनदेखी की है.. राहुल ने कहा कि सरकार ने समझौते के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को देश से छिपाया है.. और यह डील एक ऐसा जाल है.. जिसमें या तो किसान बर्बाद होंगे या टेक्सटाइल इंडस्ट्री तबाह हो जाएगी.. उन्होंने एक वीडियो जारी करके 8% टैरिफ बनाम 0% टैरिफ का उदाहरण दिया.. और कहा कि बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा मिल रहा है.. लेकिन उसके लिए उन्हें अमेरिकी कपास आयात करने की शर्त माननी पड़ी है..

राहुल ने सवाल उठाया कि क्या भारत के लिए भी यही रास्ता है.. अगर अमेरिकी कपास आयात किया तो भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे.. और अगर नहीं किया तो टेक्सटाइल इंडस्ट्री पिछड़ जाएगी.. उन्होंने मोदी सरकार को झूठ बोलने में माहिर बताया.. और कहा कि दूरदर्शी सरकार होती तो ऐसा समझौता करती जो दोनों पक्षों के हितों की रक्षा करता.. यह बयान ऐसे समय में आया है.. जब देशभर में किसान संगठन इस डील का विरोध कर रहे हैं.. और सियासी संग्राम तेज हो गया है..

अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम व्यापार समझौता फरवरी 2026 में हुआ.. यह डील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कई दौर की बातचीत के बाद फाइनल हुई.. समझौते के मुख्य पॉइंट्स हैं कि दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों पर आयात शुल्क कम करेंगे.. अमेरिका ने भारत के कुछ कृषि और गैर-कृषि उत्पादों पर टैरिफ घटाया है.. जबकि भारत ने अमेरिकी उत्पादों जैसे मक्का, सोयाबीन, कपास, फल, मेवे और अन्य वस्तुओं पर शुल्क कम करने का वादा किया है.. भारत ने अमेरिकी सोयाबीन तेल पर शुल्क 30% से घटाकर 0% कर दिया है.. इसी तरह, अमेरिका ने भारत के गारमेंट्स और टेक्सटाइल उत्पादों पर कुछ रियायतें दी हैं.. लेकिन पूरा फायदा तभी मिलेगा जब भारत अमेरिकी कपास आयात करे.. सरकार का दावा है कि इससे भारत का निर्यात बढ़ेगा.. और अर्थव्यवस्था को फायदा होगा.. लेकिन विपक्ष और किसान संगठन कहते हैं कि यह डील एकतरफा है.. और अमेरिका को ज्यादा लाभ पहुंचा रही है..

आपको बता दें कि समझौते की पृष्ठभूमि में 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद की बातचीत शामिल है.. जहां ट्रंप ने भारत से ज्यादा आयात का दबाव बनाया था.. भारत-अमेरिका व्यापार पहले से ही 190 बिलियन डॉलर का है.. लेकिन इस डील से यह 500 बिलियन तक पहुंच सकता है.. हालांकि, कृषि सेक्टर पर इसका असर विवादास्पद है.. राहुल गांधी ने 14 फरवरी 2026 को एक वीडियो जारी करके सरकार पर हमला बोला.. वीडियो में उन्होंने कहा कि “दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली कोई सरकार अमेरिका के साथ ऐसा व्यापार समझौता करती जो कपास किसानों.. और कपड़ा निर्यात दोनों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करता..

लेकिन मोदी सरकार ने इसके बिल्कुल उलट किया.. उन्होंने 18% टैरिफ बनाम 0% टैरिफ का उदाहरण दिया.. राहुल ने बताया कि बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा मिल रहा है.. लेकिन शर्त है कि वे अमेरिकी कपास आयात करें.. राहुल ने संसद में उठाए अपने सवाल का जिक्र किया.. और कहा कि जब उन्होंने बांग्लादेश को मिल रही रियायत पर पूछा.. तो मंत्री ने जवाब दिया कि अगर भारत को भी यही फायदा चाहिए तो अमेरिकी कपास आयात करना होगा..

राहुल ने सवाल उठाया कि यह बात पहले क्यों छिपाई गई.. यह कैसी नीति है.. आगे कुआं, पीछे खाई की स्थिति में फंसाने का जाल तो नहीं.. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी कपास आयात किया तो भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे.. और अगर नहीं किया तो टेक्सटाइल इंडस्ट्री पिछड़ जाएगी.. राहुल ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश अब भारत से कपास आयात कम या बंद कर सकता है.. क्योंकि उन्हें अमेरिकी कपास इस्तेमाल करने की शर्त है.. उन्होंने मोदी सरकार को ‘झूठ बोलने में माहिर’ बताया और कहा कि सरकार ने डील के कई पहलुओं को छिपाया है.. राहुल का यह बयान कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा लगता है.. जहां वे किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं..

बता दें कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश है.. और यहां के लाखों किसान कपास की खेती से गुजारा करते हैं.. गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य कपास के मुख्य उत्पादक हैं.. राहुल गांधी का दावा है कि अगर भारत अमेरिकी कपास आयात करता है तो स्थानीय किसानों की फसलें नहीं बिकेंगी.. क्योंकि अमेरिकी कपास सस्ता आएगा.. अमेरिका में कपास किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है.. जो प्रति एकड़ हजारों डॉलर है.. भारत में कपास का MSP 2025-26 में करीब 7,521 रुपये प्रति क्विंटल है.. लेकिन बाजार भाव अक्सर कम रहता है..

अगर अमेरिकी कपास आयात बढ़ा तो भाव और गिरेंगे.. किसान संगठन कहते हैं कि इससे किसान आत्महत्या के मामले बढ़ सकते हैं.. 2024 में भारत ने 1.8 मिलियन बेल्स कपास निर्यात किया.. लेकिन अगर बांग्लादेश जैसे देश अमेरिकी कपास की ओर मुड़े तो निर्यात कम हो सकता है.. राहुल ने कहा कि अमेरिकी कपास आयात से हमारे किसान बर्बाद हो जाएंगे.. जिसको लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि डील से भारत का कपास निर्यात 20-30% कम हो सकता है.. जिससे 2 करोड़ से ज्यादा किसान प्रभावित होंगे.. गुजरात में सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात के किसान पहले से ही सूखे.. और पानी की कमी से जूझ रहे हैं.. वहीं अब यह डील उनके लिए आखिरी झटका साबित हो सकती है..

भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी है.. और इससे करीब 4.5 करोड़ लोगों को रोजगार मिलता है.. गुजरात, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में हजारों मिलें चलती हैं.. राहुल गांधी ने कहा कि अगर भारत अमेरिकी कपास आयात नहीं करता तो टेक्सटाइल निर्यात पर 18% टैरिफ रहेगा.. जबकि बांग्लादेश को 0% टैरिफ का फायदा मिल रहा है.. इससे भारतीय गारमेंट्स अमेरिकी बाजार में महंगे हो जाएंगे.. और निर्यात कम होगा.. भारत का टेक्सटाइल निर्यात 2025 में 40 बिलियन डॉलर था.. लेकिन अब यह गिर सकता है.. मिल मालिक कहते हैं कि अगर सस्ता अमेरिकी कपास नहीं आया तो कच्चा माल महंगा पड़ेगा और उत्पाद महंगे होंगे.. अगर आयात किया तो स्थानीय किसानों का नुकसान होगा.. राहुल ने कहा कि यह डील टेक्सटाइल इंडस्ट्री को तबाह कर देगी.. विशेषज्ञों का अनुमान है कि डील से भारत का गारमेंट निर्यात 10-15% कम हो सकता है.. जिससे लाखों मजदूर बेरोजगार हो सकते हैं.. गुजरात में सूरत और अहमदाबाद जैसे शहर टेक्सटाइल हब हैं.. जहां 20 लाख से ज्यादा लोग इस इंडस्ट्री से जुड़े हैं.. डील से यहां की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी..

राहुल गांधी ने बांग्लादेश को मिल रही रियायत पर सवाल उठाया.. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ मिल रहा है.. लेकिन शर्त है कि वे अमेरिकी कपास का इस्तेमाल करें.. राहुल ने संसद में यह मुद्दा उठाया था.. और मंत्री का जवाब था कि भारत को भी यही फायदा चाहिए तो अमेरिकी कपास आयात करना होगा.. राहुल ने कहा कि यह बात देश से क्यों छिपाई गई.. क्या यह विकल्प है या जाल है.. बांग्लादेश भारत से हर साल 2 मिलियन बेल्स कपास आयात करता है.. लेकिन अब अगर वे अमेरिकी कपास की ओर मुड़ते हैं.. तो भारत का निर्यात कम हो जाएगा.. राहुल का दावा है कि बांग्लादेश ने संकेत दिए हैं कि.. वे भारत से कपास आयात कम कर सकते हैं.. इससे भारतीय किसानों को दोहरा नुकसान होगा.. घरेलू बाजार में अमेरिकी कपास से प्रतिस्पर्धा और निर्यात में कमी आएगी.. राहुल ने कहा कि बांग्लादेश का टेक्सटाइल निर्यात दुनिया में दूसरे नंबर पर है.. और वे भारत के मुख्य ग्राहक हैं.. अगर यह बदलाव हुआ तो भारत का 5-7 बिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है..

 

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