शिवाजी महाराज टिप्पणी पर बवाल, गार्गी सपकाल ने कहा- समाज में द्वेष फैलाया जा रहा है

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के शिवाजी महाराज पर बयान से उठे विवाद पर उनकी बेटी गार्गी सपकाल ने पिता का समर्थन किया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के शिवाजी महाराज पर बयान से उठे विवाद पर उनकी बेटी गार्गी सपकाल ने पिता का समर्थन किया है.

उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि बयान को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया. गार्गी ने सत्ताधारियों की चयनात्मक नैतिकता पर सवाल उठाए और समाज में द्वेष फैलाने वालों की निंदा की.

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के शिवाजी पर विवादित बयान के बाद उनकी बेटी गार्गी सपकाल ने उनका बचाव किया है. गार्गी सपकाल का फेसबुक पोस्ट चर्चा में आ गया है. गार्गी सपकाल ने अपने पिता के समर्थन में एक भावनात्मक पोस्ट साझा की है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

गार्गी सपकाल, हर्षवर्धन सपकाल की पुत्री हैं. वह लंदन स्थित एक महाविद्यालय में पब्लिक हेल्थ की पढ़ाई कर रही हैं और साथ ही दवा और दुआ प्रोजेक्ट भी संचालित कर रही हैं. अपने फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा है, सत्य को पहचानें और सत्य के पक्ष में एकजुट होकर खड़े हों. सच्चे स्वराज्य के लिए साथ मिलकर संघर्ष करें.

गार्गी सपकाल ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, मेरे पिता, हर्षवर्धन सपकाल (अध्यक्ष, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी) के बयान को लेकर राज्य में जानबूझकर विवाद खड़ा किया जा रहा है. गार्मी सपकाल ने पिता का किया बचाव

उन्होंने कहा कियह विवाद छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान के लिए नहीं, बल्कि उनके नाम का राजनीतिक दुरुपयोग कर विरोधियों को बदनाम करने का एक सुनियोजित प्रयास है, जिन्होंने वर्षों तक महाराज के विचारों और इतिहास को विकृत किया, वही आज अचानक अपमान का दिखावा कर रहे हैं.

गार्गी सपकाल ने लिखा कि मेरे पिता का मूल वक्तव्य स्पष्ट और संदर्भ सहित था, शिवाजी महाराज का पराक्रम अद्वितीय है. उनके विचारों से प्रेरणा लेकर टीपू सुल्तान ने कार्य किया. महाराज की तरह उन्होंने भी किसी विषैली या विभाजनकारी सोच को बढ़ावा नहीं दिया.

उन्होंने कहा कि यह बयान एक प्रश्न के उत्तर में दिया गया था. कुछ संगठनों ने मांग की थी कि सभी शासकीय कार्यालयों में महान व्यक्तित्वों के चित्र लगाए जाएं, जिनमें शिवाजी महाराज के साथ टीपू सुल्तान का भी चित्र हो. इसी संदर्भ में यह जवाब दिया गया था, जिसका आज जानबूझकर गलत अर्थ निकाला जा रहा है.

गार्मी ने विपक्ष पर बोला हमला

गार्गी सपकाल ने कहा कि जब भगत सिंह कोश्यारी ने शिवाजी महाराज के संबंध में विवादित टिप्पणी की, या महापुरुषों के बारे में अपमानजनक बातें कही गईं, तब सत्ताधारी मौन रहे. देवेंद्र फडणवीस के निकट माने जाने वाले लोगों द्वारा भी जब इतिहास की विकृति की गई, तब कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसी तरह, बाबासाहेब पुरंदरे द्वारा राजमाता जिजाऊ पर लिखे गए विवादित उल्लेखों पर भी सवाल नहीं उठाए गए. इससे सत्ताधारियों की चयनात्मक नैतिकता उजागर होती है.

उन्होंने कहा कि मेरे पिता शिवाजी महाराज के समता, न्याय और लोककल्याण के आदर्शों में विश्वास रखने वाले व्यक्ति हैं, लेकिन कुछ लोग प्रतीकों का दिखावा कर समाज में द्वेष फैलाने का काम कर रहे हैं. स्वराज्य का अर्थ प्रेम, शांति, न्याय और जनता का सम्मान है—न कि हिंसा और उन्माद.

लगातार फैलाई जा रही है नफरत

उन्होंने कहा कि इस विवाद के बाद फर्जी आईडी बनाकर मुझे अभद्र, स्त्रीद्वेषी और अपमानजनक संदेश भेजे जा रहे हैं. अगर किसी ने सच में शिवाजी महाराज को समझा होता, तो वह ऐसा व्यवहार नहीं करता. लगातार नफरत फैलाने का परिणाम समाज में दिख रहा है.

उन्होंने कहा कि शिवराय, ज्योतिराव फुलेसावित्रीबाई फुले, छत्रपति शाहू महाराज, अहिल्याबाई होलकर, डॉ. भीमराव आंबेडकर जैसे महापुरुषों का सामाजिक न्याय और समता का विचार किसी भी भेदभावपूर्ण विचारधारा के विपरीत है. ऐसे में शिवजयंती के पहले माहौल को दूषित करना एक राजनीतिक साजिश प्रतीत होता है.

उन्होंने कहा कि मैं महाराष्ट्र के सभी पक्षों और सभी धर्मों के लोगों से कहना चाहती हूं कि प्रेम, करुणा, न्याय और बंधुत्व के मूल्यों पर खड़े रहें. सत्य को पहचानें और एकजुट होकर खड़े हों.

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