सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, शादी से पहले शारीरिक संबंधों पर बरतें सावधानी

कोर्ट ने कहा कि शादी से पहले लड़का-लड़की अजनबी होते हैं, इसलिए ऐसे संबंधों में बेहद सावधानी बरतनी चाहिए.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सुप्रीम कोर्ट ने शादी के झूठे वादे पर बलात्कार के मामले में सुनवाई करते हुए विवाह पूर्व शारीरिक संबंधों पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि शादी से पहले लड़का-लड़की अजनबी होते हैं, इसलिए ऐसे संबंधों में बेहद सावधानी बरतनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (16 फरवरी) को बलात्कार और शादी के वादे से जुड़े एक मामले में जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए शादी से पहले के संबंधों पर कड़ी टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि शादी से पहले लड़का और लड़की अजनबी होते हैं, इसलिए शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट शादी का झूठा वादा करके युवती के साथ बलात्कार करने के आरोपी व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी. इसी दौरान कोर्ट ने ये बात कही. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की बेंच उस व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिस पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता को शादी का आश्वासन देकर बहला-फुसलाया, जबकि वह पहले से शादीशुदा था और बाद में उसने दूसरी महिला से शादी कर ली.

शादी से पहलेशारीरिक संबंध कैसे बना सकते हैं’

सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हो सकता है हम पुराने ख्यालों के हों, लेकिन शादी से पहले लड़का और लड़की अजनबी होते हैं. उनके रिश्ते में चाहे जो भी उतार-चढ़ाव हों, हम यह नहीं समझ पाते कि शादी से पहले वे शारीरिक संबंध कैसे बना सकते हैं.उन्होंने कहा कि आपको बहुत सावधान रहना चाहिए. शादी से पहले किसी को भी किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए.

क्या है मामला

अभियोजन पक्ष का कहना है कि लगभग 30 वर्षीय शिकायतकर्ता की मुलाकात याचिकाकर्ता से 2022 में एक वैवाहिक वेबसाइट पर हुई थी और उसने कथित तौर पर शादी का वादा करके दिल्ली और बाद में दुबई में कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. कोर्ट को बताया गया कि महिला और पुरुष की मुलाकात 2022 में एक वैवाहिक सेवा वेबसाइट के माध्यम से हुई थी.अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि उस व्यक्ति ने महिला को आश्वासन दिया कि वह उससे शादी करेगा और इसी आधार पर महिला ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए.

शिकायतकर्ता का दावा

शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उसके आग्रह पर वह दुबई गई, जहां उसने कथित तौर पर शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और उसकी सहमति के बिना अंतरंग वीडियो रिकॉर्ड किए, और विरोध करने पर उन्हें प्रसारित करने की धमकी दी. अभियोजन पक्ष के अनुसार, महिला को बाद में पता चला कि वह व्यक्ति पहले से ही विवाहित था और उसने जनवरी 2024 में पंजाब में दूसरी महिला से शादी कर ली थी.

कोर्ट ने किया सवाल

सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने सवाल किया कि शिकायतकर्ता याचिकाकर्ता से मिलने दुबई क्यों गई थी. जब सरकारी वकील ने बताया कि दोनों की मुलाकात एक वैवाहिक वेबसाइट पर हुई थी और वे शादी करने की योजना बना रहे थे, तो जस्टिस नागरत्ना ने टिप्पणी की कि यदि महिला शादी को लेकर गंभीर थी, तो उसे शादी से पहले यात्रा नहीं करनी चाहिए थी.

बुधवार को अगली सुनवाई

जस्टिस नागरत्ना ने कहा ‘अगर वह इस मामले में इतनी सख्त थी तो उसे शादी से पहले नहीं जाना चाहिए था. हम उन्हें मध्यस्थता के लिए भेजेंगे. ये ऐसे मामले नहीं हैं जिनमें आपसी सहमति से बने रिश्ते में मुकदमा चलाकर सजा दी जाए’. मामले की आगे की सुनवाई के लिए बुधवार का दिन निर्धारित किया गया है.मामले पर अगली सुनवाई बुधवार को होगी.

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