गुजरात में गांजा तस्करी का भंडाफोड़, करोड़ों की खेप पकड़ी गई

गुजरात में प्याज की आड़ में कथित गांजा तस्करी के बड़े मामले का खुलासा हुआ है... पुलिस ने करोड़ों रुपये की खेप जब्त कर दो... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में शराब तस्करी के बाद.. अब गांजे की तस्करी के बड़े केस सामने आ रहे हैं.. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश सीमा से आने वाली गांजे की एक बड़ी खेप को पकड़कर तस्करी का पूरा नेटवर्क उजागर कर दिया है.. टीम ने नारोल सर्कल के पास से 406 किलोग्राम गांजा जब्त किया.. जिसकी बाजार कीमत करीब 2.03 करोड़ रुपये बताई जा रही है.. वहीं इस कार्रवाई में दो मुख्य आरोपी दीपक जाट.. और सतीश पवार को गिरफ्तार कर लिया गया है.. दोनों आरोपी महाराष्ट्र के धुले जिले के रहने वाले हैं.. पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि.. यह गांजा करमाला क्षेत्र में अवैध रूप से उगाया जा रहा था.. और इसे प्याज की आड़ में अहमदाबाद भेजा जा रहा था.. यह आठ महीने में दूसरी बार हुई सप्लाई थी.. जो पुलिस ने समय रहते पकड़ ली..

आपको बता दें कि ऐसी घटनाएं गुजरात में बढ़ती नशीले पदार्थों की तस्करी को लेकर नई चिंता पैदा कर रही है.. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी गांजे को प्याज की बोरी में छिपाकर ला रहे थे.. गाड़ी में प्याज की कई बोरी रखी थी.. जिनके बीच में गांजे के पैकेट्स छिपाए गए थे.. जब पुलिस ने नारोल सर्कल पर गाड़ी रोकी.. तो ड्राइवर ने भागने की कोशिश की.. लेकिन क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत कार्रवाई कर दोनों को पकड़ लिया.. आरोपी दीपक जाट गाड़ी चला रहा था.. जबकि सतीश पवार साथ में था.. दोनों को इस एक खेप के लिए 50 हजार रुपये मिलने थे.. पुलिस ने कहा कि यह सिर्फ एक खेप नहीं थी.. बल्कि एक बड़ा नेटवर्क चल रहा था.. जिसमें कई लोग शामिल थे..

पुलिस जांच में सामने आया है कि महाराष्ट्र के करमाला इलाके में पहाड़ी क्षेत्र में गांजे की खेती पिछले कुछ सालों से हो रही है.. पहले यह खेती ओडिशा में ज्यादा होती थी.. लेकिन अब मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र की सीमा पर भी फैल गई है.. आरोपी शांताराम पवार और सागर पवार इस खेती के मुख्य आपूर्तिकर्ता हैं.. शांताराम पवार गांजे से लदी गाड़ी के आगे-आगे एक अलग गाड़ी में चलता था.. इसका मकसद यह था कि अगर रास्ते में पुलिस चेकिंग हो तो पहले से जानकारी मिल जाए.. और गाड़ी को किसी दूसरे रास्ते से भेज दिया जाए.. लेकिन जब नारोल सर्कल पर क्राइम ब्रांच की टीम ने गाड़ी रोकी.. तो शांताराम पवार ने अपनी गाड़ी तेज कर दी और फरार हो गया.. उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर दिया.. पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है..

जानकारी के मुताबिक आठ महीने पहले भी ऐसी ही खेप पकड़ी गई थी.. पूछताछ में आरोपी दीपक और सतीश ने बताया कि.. शांताराम पवार ने आठ महीने पहले भी अहमदाबाद में भारी मात्रा में गांजा सप्लाई किया था.. उस समय भी गांजा प्याज की आड़ में भेजा गया था.. और अहमदाबाद पहुंचने के बाद बेच दिया गया था.. लेकिन इस बार पुलिस ने पहले से सूचना मिलने पर नाकेबंदी कर दी और खेप पकड़ ली.. आरोपी ने बताया कि हर बार वे एक नया आपूर्तिकर्ता बदलते थे.. ताकि पुलिस को बार-बार एक ही नाम न मिले.. इस बार दीपक जाट और सतीश पवार को काम पर लगाया गया था.. दोनों को गांजा पहुंचाने के लिए 50 हजार रुपये मिलने थे..

आपको बता दें कि पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क को पायलट प्रोजेक्ट बताया है.. क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने कहा कि आरोपी इस क्षेत्र में गांजे की खेती को बढ़ावा दे रहे थे.. और अहमदाबाद को सप्लाई का प्रमुख केंद्र बनाने की कोशिश कर रहे थे.. गुजरात में शराब तस्करी पहले से ही बड़ी समस्या है.. अब गांजा भी जुड़ गया है.. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने कहा कि हम इस नेटवर्क के सभी सदस्यों तक पहुंचेंगे.. और आगे की सप्लाई रोकने के लिए महाराष्ट्र पुलिस के साथ समन्वय कर रहे हैं..

गुजरात देश का एक ऐसा राज्य है.. जहां शराब पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन इससे तस्करी भी बढ़ गई है.. अब गांजा भी इसी श्रेणी में आ गया है.. अधिकारी बताते हैं कि गुजरात की सीमा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश.. और राजस्थान से लगती है.. जिससे तस्करी आसान हो जाती है.. अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा जैसे बड़े शहर मांग के प्रमुख केंद्र हैं.. युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है.. जिससे अपराध भी बढ़ रहे हैं.. वहीं इस मामले में पकड़े गए गांजे की कीमत 2.03 करोड़ रुपये बताई जा रही है.. जो एक बार में बहुत बड़ी खेप है.. अगर यह बाजार में पहुंच जाता तो हजारों युवा इससे प्रभावित होते..

दीपक जाट और सतीश पवार दोनों महाराष्ट्र के धुले जिले के रहने वाले हैं.. दोनों पहले भी छोटे-मोटे अपराधों में शामिल रहे हैं.. दीपक जाट ट्रक ड्राइवर है और सतीश पवार उसके साथ काम करता है.. दोनों ने पुलिस को बताया कि वे इस काम के लिए शांताराम पवार द्वारा भर्ती किए गए थे.. शांताराम पवार करमाला क्षेत्र में गांजे की खेती का मुख्य व्यक्ति है.. पुलिस अब शांताराम.. और सागर पवार की तलाश में है.. दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा और उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी..

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की.. टीम ने नारोल सर्कल पर नाकेबंदी कर रखी थी.. जिससे गाड़ी पकड़ी गई.. गांजे को जब्त कर लैब में भेजा गया है.. जहां उसकी पुष्टि हो चुकी है.. पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन, गाड़ी.. और अन्य सामान भी जब्त कर लिए हैं.. अब महाराष्ट्र पुलिस के साथ मिलकर करमाला क्षेत्र में छापेमारी की जाएगी.. अधिकारी ने कहा कि हम इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करेंगे.. गुजरात पुलिस ने सभी जिलों को अलर्ट जारी कर दिया है कि.. ऐसी खेपों पर नजर रखी जाए..

गुजरात में नशे की समस्या बढ़ रही है.. गुजरात में शराब प्रतिबंधित होने के बावजूद तस्करी के केस लगातार सामने आते रहते हैं.. अब गांजा भी जुड़ गया है.. अहमदाबाद, सूरत और राजकोट जैसे शहरों में युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है.. स्कूल-कॉलेज के छात्र भी इससे प्रभावित हो रहे हैं.. पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में गांजे के केस में 30% की बढ़ोतरी हुई है.. इस मामले ने सरकार के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है.. विपक्षी दल कांग्रेस और AAP ने सरकार पर आरोप लगाया है कि नशे की तस्करी पर काबू नहीं पाया जा रहा है..

 

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