JNU कैंपस बना रणक्षेत्र: वाम संगठनों और ABVP में टकराव, कई घायल

JNUSU के जॉइंट सेक्रेटरी वैभव मीणा में बताया, "जेएनयू में वामपंथी गुटों की हड़ताल पिछले 7-8 दिनों से चल रही है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: JNUSU के जॉइंट सेक्रेटरी वैभव मीणा में बताया, “जेएनयू में वामपंथी गुटों की हड़ताल पिछले 7-8 दिनों से चल रही है.

लेकिन जिस तरह का आतंक उन्होंने इस बार रात में फैलाया, वो बहुत ही निंदनीय है. पहले वे स्कूलों में गए और करीब 400 नकाबपोश लोगों की भीड़ ने छात्रों पर हमला कर दिया.

दिल्ली के जवाहरलाल यूनिवर्सिटी (JNU) में एक बार फिर छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प हो गई. जेएनयू में कल रविवार देर रात छात्रों के 2 गुटों की आपस में झड़प हो गई. कहा जा रहा है कि छात्र कैंपस के स्कूल एरिया में पढ़ाई कर रहे थे, तभी वाम दलों से जुड़े ग्रुप ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला किया. जबकि नाम दलों का कहना है कि हमला ABVP की ओर से किया गया. छात्रों के अलग-अलग गुटों ने एक दूसरे पर मारपीट और पत्थरबाजी के भी आरोप लगा रहे हैं. हालांकि दिल्ली पुलिस को अभी तक मामले की शिकायत नहीं मिली और वह इस पूरी घटना को देख रही है.

जेएनयू में कल रात हुई पथराव की घटना के बाद 12 से 14 छात्रों को सफदरजंग अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया है. छात्रों के अनुसार, यह घटना सोमवार सुबह करीब 1.30 बजे हुई, जहां छात्रों के बीच झगड़े के बाद कथित तौर पर पत्थरबाजी में कई छात्र घायल हो गए.

एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करने का आरोप

जारी बयान के मुताबिक, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संगठन(JNUSU) ने वाइस-चांसलर शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के इस्तीफे और निष्कासन से जुड़े आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर पूर्वी द्वार की तरफ “समता जुलूस” बुलाया था. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने प्रदर्शन को लेकर कुछ नहीं किया और इसकी जगह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के लोगों को उनसे लड़ने के लिए भेज दिया.

हालांकि ABVP ने संघर्ष शुरू करने के आरोपों को खारिज कर दिया और वाम दलों से जुड़े संगठनों पर झड़प भड़काने और घटना के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया.

झड़प की शुरुआत वाम संगठनों ने कियाः ABVP

जेएनयू में रविवार आधी रात हिंसक झड़प अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच में हुई. आरोप लगाया जा रहा है कि जेएनयू छात्र संघ शिविर स्थल पर एबीवीपी के छात्रों ने जमकर पत्थरबाजी की.

एसएफआई की ओर से कहा जा रहा है कि इस पत्थरबाजी में कई छात्र जख्मी हुए हैं, जो जेएनयू छात्र संगठनों के आह्वान पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे. ऑल इंडिया स्टुडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने भी एबीवीपी पर पत्थरबाजी करने का आरोप लगाया है. वहीं ABVP का कहना है कि झड़प की शुरुआत वामपंथी संगठनों की ओर से हमला किए जाने के बाद हुई थी.

जेएनयू छात्र संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे. ये छात्र निष्कासन आदेश को रद्द करने और दलित विरोधी तथा जातिवादी टिप्पणियों के लिए कुलपति के इस्तीफा की मांग कर रहे थे. यह हिंसक झड़क एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच रविवार देर रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच हुई.

हिंसा तब भड़की जब वामपंथी संगठनों का एक गुट कुलपति के इस्तीफा की मांग करते हुए कैंपस में समानता मार्च निकाल रहा था, लेकिन इसी दौरान दोनों गुटों के बीच झड़प शुरू हो गई. हालांकि एबीवीपी का आरोप है कि वामपंथी छात्रों ने पढ़ाई करने जा रहे आम छात्रों पर हमला किया था.

भड़की हिंसा को लेकर JNUSU के जॉइंट सेक्रेटरी और ABVP के नेता वैभव मीणा में बताया, “जेएनयू में वामपंथी गुटों की हड़ताल पिछले 7-8 दिनों से चल रही है. लेकिन जिस तरह का आतंक उन्होंने इस बार रात भर यहां फैलाया, वो निंदनीय है. पहले वे स्कूलों में गए और 300 से 400 नकाबपोश लोगों की भीड़ ने छात्रों को स्टडी रूम से भगा दिया. छात्र नेता विजय जयसवाल को 100-150 लोगों की भीड़ ने मॉब लिंच कर दिया. हालांकि झड़प पर दिल्ली पुलिस ने कुछ नहीं किया. हम इस झड़प की निंदा करते हैं.”

पुलिस मूकदर्शक बनी रही: वैभव मीणा

वैभव मीणा ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि वाम दलों के 400 लोग जेएनयू में छात्रों को घेरकर मार रहे हैं. खुलेआम मॉब लिंचिंग हो रही है. उन्होंने आगे कहा, “छात्र बाथरूम में घुसकर छुपे हुए हैं और लेफ्ट की भीड़ गेट तोड़कर चाकू- लाठी से हमला कर रही है. पुलिस मूकदर्शक बनकर खड़ी है, गार्ड सिर्फ देख रहे हैं.”

जेएनयू के मीडिया कन्वीनर और ABVP के नेता विजय जायसवाल ने कहा, “ये लेफ्ट विंग के लोग जो पिछले 7 दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे, उन्होंने ABVP वर्कर्स और छात्रों को टारगेट किया. करीब 100-150 लोगों ने मॉब लिंचिंग की. झड़प के दौरान दिल्ली पुलिस और JNU के सिक्योरिटी गार्ड भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया. यह झड़प प्री-प्लान्ड था. ये लोग नकाबपोश थे.” उन्होंने आगे कहा, “हम मांग करते हैं कि JNU प्रशासन इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ एक्शन ले.”

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