सपा से गठबंधन पर बोले इमरान मसूद, कांग्रेस अपने प्रत्याशी खुद तय करेगी

असदुद्दीन ओवैसी ने राज्य में चुनाव में गठबंधन की संभावना तलाशने की बात कही तो कांग्रेस भी तैयारी में लगी है. 

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. वहां पर अभी से ही गठबंधन और सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो चुका है. असदुद्दीन ओवैसी ने राज्य में चुनाव में गठबंधन की संभावना तलाशने की बात कही तो कांग्रेस भी तैयारी में लगी है.

अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. वहां पर अभी से ही गठबंधन और सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो चुका है. असदुद्दीन ओवैसी ने राज्य में चुनाव में गठबंधन की संभावना तलाशने की बात कही तो कांग्रेस भी तैयारी में लगी है. हालांकि सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी समेत अपने सहयोगियों को आगाह करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने प्रत्याशी खुद तय करेगी. दूसरी पार्टियों को यह नहीं बताना चाहिए कि हम किस प्रत्याशी को मैदान में उतारें. साथ ही कहा कि यह समय मिलकर लड़ने का है.

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के बाद विपक्षी दलों के बीच एकता की जरूरत पर जोर देते हुए इमरान मसूद ने कहा, “यह ‘मिलकर लड़ने का समय है.’ खासकर पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों के बाद. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों की पहचान करने और सीट-शेयरिंग पर समझौता करने की कोशिशों के बीच, ये दोनों ही दल INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं.

अब सोचने का समय नहींः इमरान मसूद
मसूद ने कहा कि ऐसे फैसले खुली बातचीत के दौरान लिए जाते हैं. उन्होंने कहा, “मुझे मांगने और देने वाली बात समझ ही नहीं आती. यह सब बैठकर बातचीत करके तय किया जाता है. पश्चिम बंगाल के बाद, अब सोचने का समय नहीं है. बल्कि यह मिलकर लड़ने का वक्त है. पार्टी नेतृत्व ही फैसला करेगा.”

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि कांग्रेस अपनी आजादी से कभी समझौता नहीं करेगी और उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया पर उसका पूरा अधिकार रहेगा. उन्होंने कहा, “कांग्रेस के उम्मीदवारों का फैसला हम खुद करेंगे. कोई दूसरी पार्टी हमें यह नहीं बताएगी कि हमें किन उम्मीदवारों को मैदान में उतारना चाहिए और किसे नहीं.”

ओवैसी की AIMIM के साथ करार से इनकार
दूसरी ओर, अगले साल फरवरी में होने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को देखते हुए, सांसद इमरान मसूद ने मंगलवार को असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली AIMIM के साथ गठबंधन की संभावना को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि दोनों तरह की “सांप्रदायिकता” से लड़ना जरूरी है. मसूद का कहना है, “अगर हमें सांप्रदायिकता से मुकाबला करना है, तो हमें दोनों तरह की सांप्रदायिकता से लड़ना होगा. ऐसा नहीं हो सकता कि आप एक तरह की सांप्रदायिकता की बुराई करें और दूसरी के साथ हाथ मिला लें. हमें दोनों से लड़ना होगा.”

इससे पहले ओवैसी ने कल सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी अगले साल उत्तर प्रदेश के चुनावों में बीजेपी को सत्ता में लौटने से “रोकने” के लिए राजनीतिक गठबंधन करने को तैयार है. ओवैसी ने साफ किया कि हालांकि वह दूसरे विपक्षी समूहों के साथ साझेदारी करने के लिए तैयार हैं, लेकिन ऐसी कोई भी व्यवस्था आपसी सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व के आधार पर होनी चाहिए.

UP विधानसभा में अभी क्या स्थिति
ओवैसी ने कहा, “हम उत्तर प्रदेश में बीजेपी को सत्ता में लौटने से रोकने के लिए गठबंधन बनाने को तैयार हैं, बशर्ते हमें सम्मान मिले और गठबंधन में बराबरी का दर्जा दिया जाए.”

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में 2 प्रमुख दलों (भारतीय जनता पार्टी) और समाजवादी पार्टी (एसपी) के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है. वर्तमान विधानसभा में 403 सदस्य हैं, जिनमें से 258 बीजेपी से तो 107 सपा से और 13 अपना दल से हैं. इसके अलावा, राष्ट्रीय लोक दल के 9; सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 6; निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के 5; जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और कांग्रेस के 3; और बहुजन समाज पार्टी का एक ही विधायक है.

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